Old Testament
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नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतिवचन 21:19 का प्रमुख विचार
झगड़ालू और चिढ़नेवाली पत्नी के साथ रहने से, जंगल में रहना बेहतर है। यह कथन पारिवारिक जीवन में शांतिपूर्ण वातावरण की अहमियत को उजागर करता है। भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में पति-पत्नी के बीच कौटुम्भिक शांति और समरपन के महत्व को सुझाव देता है; अत्यंत उग्र या विरोधी स्वभाव परिवार की स्थिरता को खतरे में डाल सकता है।
पाठ-संदर्भ (साहित्यिक संदर्भ) और संरचना
नीतिवचन का यह श्लोक व्यक्त करता है कि असंतोष, क्रोध और दोषारोपण से भरे रिश्ते सामाजिक और पारिवारिक जीवन को विकारते हैं। साहित्यिक रूप से, यह तत्कालीन समाज की नैतिक शिक्षा का हिस्सा है—कथन सीधे आकर्षक नहीं, पर व्यावहारिक जीवन के अनुभव से उभरा है। प्रचलित प्रबोधन शैली में तीन प्रमुख तत्व हैं: संयोग नहीं तो अलग रहना उचित; शांत वातावरण का महत्व; और संयमित व्यवहार के गुणों की शिक्षा।
धर्मशास्त्रीय महत्व
नीतिवचन में घर-परिवार की शांति, साहचर्य और क्रोध-नियंत्रण का आह्वान है। यह बताता है कि गम्भीर आरोप-प्रत्यारोप और कलह-प्रधान जीवन से न सिर्फ संबंध विकृत होते हैं, बल्कि मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होते हैं। लेखक यह भी संकेत देता है कि संयम और सहनशीलता के बिना दीर्घकालीन सुख नहीं मिलता।
पूर्ववर्ती और पारगमन (Cross-references)
इन क्रॉस-रेफरेंसेस में शांति, विनम्रता, और प्रेम के गुण एक दूसरे के साथ कैसे चलते हैं, इसका समन्वय दिखता है।
विचारणीय प्रश्न (Reflection)
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह श्लोक एक नैतिक चेतावनी नहीं है कि क्रोध या कठिन स्वभाव के कारण प्रेम टूटे, बल्कि यह एक व्यावहारिक मार्ग दर्शक है: घर की शांति के लिए धैर्य और संयम आवश्यक हैं। यदि एक साथी के व्यवहार से अत्यधिक तनाव बना रहता है, तो भी व्यवहारिक विकल्प ढूंढना चाहिए—परिवार की स्थिरता के लिए आवश्यक है कि हम अपने शब्द और कर्मों को परिष्कृत करें।
उद्धृत निष्कर्ष (इन स्रोतों से परामर्श के संकेत):
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के पहचाने गए विचार इस पथ को पुष्ट करते हैं कि घरेलू वातावरण में प्रेम, संयम और सत्यनिष्ठा अधिक महत्त्वपूर्ण है।