नीतिवचन 21:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

धर्मी जन दुष्टों के घराने पर बुद्धिमानी से विचार करता है, और परमेश्‍वर दुष्टों को बुराइयों में उलट देता है।

पिछला पद
« नीतिवचन 21:11
अगला पद
नीतिवचन 21:13 »

नीतिवचन 21:12 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीति-गायन 21:12 का सरल अर्थ

धर्मी व्यक्ति दुष्टों के घराने की बुद्धिमान दृष्टि से समीक्षा करता है और परमेश्वर दुष्टों को उनकी बुराइयों में उलट देता है।

संदर्भ परिचय

यह शागरित प्रस्थान एक ऐसे विश्व-नियमन की तस्वीर देता है जिसमें सत्य और चयन की कीमत बराबर नहीं रहती। एक ओर धार्मिकता के पथ पर चलने वाले लोग सोच-समझकर निर्णय लेते हैं—वे पीछे नहीं हटते और न डर से भागते हैं। दूसरी ओर दुष्टों का सही मार्ग अक्सर अपनी बुराइयों के कारण ही उलट-फेर का शिकार होता है। परमेश्वर का न्याय समय के अनुसार आकर उनका मार्ग रोकता है।

भावार्थ के मुख्य बिंदु

  • धर्मी व्यक्ति हर स्थिति में सूझ-बूझ से निर्णय लेता है; वह मौकापरस्ती या दिखावे के बिना सत्य का मूल्यांकन करता है।
  • परमेश्वर दुष्टों के मार्गों की नीयत और व्यवहार दोनों को यही कहर बनाकर पलट देता है—यानी उनके कर्मों का परिणाम वही होता है जो उन्होंने दूसरों के लिए किया होता है।

interpretive observations / व्याख्या-नोट

नीतिवचन में यह बताता है कि बुद्धिमान विवेक और नैतिकता एक साथ चलते हैं। जो लोग सच्चाई को छोड़कर दूसरों के दोषों पर खुश होते हैं, वे अंततः वही अनुभव करते हैं जिसे वे दूसरों के लिए चाहते थे। परमेश्वर का पलटाव यह दर्शाता है कि वह न्यायिष्ठ और दयालु दोनों गुणों के साथ प्रभु है।

थीमगत छोटी सूची

  • धर्म के साथ विवेक: सत्यापित नीति और विचारशील निर्णय।
  • न्याय का समय: परमेश्वर के समय में दुष्टों के कर्मों का परिणाम सामने आता है।
  • विरोध का पलटना: दुखदाई कर्मों के कारण उनका मार्ग उलट जाता है।

अन्य प्रेरक पाठ और उनके सार

कई पवित्र टिप्पणीकारों ने इस क्षेत्र को समझाने में मदद की है:

मॅथ्यू Henry: यह दिखाता है कि सत्य के मार्ग पर रहते हुए भी परिस्थिति के समय-समय पर निर्णय लेते रहना चाहिए ताकि अहित न हो।

एलबर्ट बार्न्स: दुष्टों के घराने पर अभ्यास से यह स्पष्ट होता है कि उनकी सोच में भीषणता और द्वेष रहती है; परमेश्वर ऐसे लोगों को अंततः परिणामों से परखते हैं।

एडम क्लार्क: न्याय और दया का संतुलन—धर्मी जीवन में बुद्धि से सही प्रतिक्रिया देना जरूरी है ताकि बुराई नहीं बढ़े।

पवित्र ग्रंथ के कुछ क्रॉस-रेफरेंसे

1) नीतियों 24:17-18—धर्मी के लिए भय नहीं, दुष्टों के उत्कर्ष पर भी न्याय का समय आता है; यह दिखाता है कि दुष्टों के उछलने पर परमेश्वर की कृपा भी स्थिर रहती है।

2) भजन 37:7—धर्मी चुप रहते हुए भी प्रभु के समय और न्याय का विश्वास बनाए रखते हैं; विपरीत परिस्थितियों में धैर्य आवश्यक है।

3) नीतिवचन 11:8—धर्मी राहत पाता है और दुष्ट अपनी ही योजना के फंदे में फंस जाते हैं; नीतिवचन एक बार फिर सच्चे परिणाम दिखाते हैं।

किफायती निष्कर्ष

इस शास्त्र का सीधा संदेश है कि सत्य और नैतिक विवेक से भरा जीवन परमेश्वर के न्याय के अनुरूप चलता है। समय के साथ, दुष्टों के कर्मों का परिणाम सामने आता है, और धर्मी व्यक्ति विवेक और धैर्य के साथ अपने मार्ग पर दृढ़ रहता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 21:12 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 37:35 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 37:35 (HINIRV) »
मैंने दुष्ट को बड़ा पराक्रमी और ऐसा फैलता हुए देखा, जैसा कोई हरा पेड़* अपने निज भूमि में फैलता है।

2 पतरस 3:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 पतरस 3:6 (HINIRV) »
इन्हीं के द्वारा उस युग का जगत जल में डूब कर नाश हो गया। (उत्प. 7:11-21)

भजन संहिता 52:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 52:5 (HINIRV) »
निश्चय परमेश्‍वर तुझे सदा के लिये नाश कर देगा; वह तुझे पकड़कर तेरे डेरे से निकाल देगा; और जीवितों के लोक से तुझे उखाड़ डालेगा। (सेला)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें