नीतिवचन 21:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जो रागरंग से प्रीति रखता है, वह कंगाल हो जाता है; और जो दाखमधु पीने और तेल लगाने से प्रीति रखता है, वह धनी नहीं होता।

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नीतिवचन 21:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 21:17 का सारभाष्य

इस पद का सीधा अर्थ है: अति आचरण-प्रियता और पदार्थ-प्रधान चित्त व्यक्ति को विपत्ति में डालती है; जो अधिक मद्य-आदर और तेल-आडंबर पर निर्भर होता है, वह वास्तविक धन नहीं पाएगा। अर्थ यह है कि इंद्रियों की तीव्र लालसा और भौतिक-प्रार्थनाओं के अनुराग से व्यक्ति धन को नहीं बचाता, बल्कि अन्ततः कमी और अभाव की स्थिति का सामना करना पड़ता है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

नीतिवचन का यह भाग विवेकपूर्ण जीवन-यापन के सिद्धान्तों पर बल देता है: साधन-शीलता, संयम, और ईमानदार व्यवहार। यहाँ “रागरंग से प्रेम” से तात्पर्य उन वस्तुओं और शोभायात्राओं से है जिनमें मन अधिक लगाकर असली आवश्यकताओं से विमुख हो जाता है। दूसरी ओर, नशे और दिखावे में अत्यधिक लगाव मानसिक और आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा बनता है।

व्याख्यात्मक बिंदु

  • मनों द्वारा चंचलता और उच्छृंखलता से जुड़ा जोखिम: अहंकार और लालच से धन की स्थिरता कम होती है।
  • बौद्धिक साधन-समझ से परे शोभायात्राओं से मोहताज़ी बढ़ती है: समर्पण, परिश्रम और संतोष का अभाव आ जाता है।
  • धन-सामग्री का वास्तविक मूल्य दीन-हीनता में नहीं बल्कि व्यवहार में है: ईमानदारी और संयम से संरक्षित धन ही टिकाऊ बनता है।

संदर्भ-चर्चन (Cross-references)

- नीतिवचन 23:20-21: नशे और मादक पदार्थों से दूर रहने की बुद्धिमानी; अधिक मद्यपान से स्वास्थ्य और दरिद्री की ओर अग्रसरता। संक्षेप अर्थ: विवेकपूर्ण जीवनशैली धन-हानि से बचाती है।
- एतिहासिक अनुभव: जन-जीवन में वे पदार्थ जिन्हें हम “थीम-आइकन” बनाते हैं, वे वास्तविक आशीष नहीं देते; चरित्र-निर्माण और संयम से ही स्थिरता मिलती है।

संक्षिप्त थीम-सूची

  1. संयम बनाम दिखावा: वास्तविक धन आचरण में है, वस्त्र-विन्यास और मद्य से नहीं।
  2. आत्मिक धन की प्राथमिकता: आंतरिक स्थिरता बाहरी प्रदर्शन से बढ़ती है।

गैर-शाखीय संदर्भ-आलोचना

यद्यपि यह वचन व्यक्ति-स्वास्थ्य और समुदाय-निर्भरता पर मार्गदर्शन देता है, परन्तु नीतिवचन सामान्यतः मानवीय प्रवृत्ति पर प्रकाश डालते हैं: जलते आशाओं के पीछे भागना नुकसानदायक है।

व्यावहारिक निष्कर्ष

जीवन में संतोष और सीधी धार्मिकता बनाए रखें: बताये गए व्यवहारों से बचें, परिश्रम करें, और अपने धन को संयत ढंग से प्रबंधित करें। शोभा-आडंबर पर कम और नैतिक-सेवा पर अधिक ध्यान दें।

संदेह-पूर्वक उद्धरण (Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke)

अगर उपलब्ध हो: इस प्रकार के प्रवचनों में इन समर्थ पाशों से मिलते-जुलते विचार मिलते हैं—कुटुम्ब-चाल-चलन, संयम, और दोष-रोधी आचरण। नीचे संक्षिप्त उल्लेखित उद्धरण हैं (पूर्ण पाठ की जगह छोटे अंश):

“He that loves wine and allurements shall impoverish himself.”

“Wealth is not in riches, but in the discreet use of them.”

यथार्थ पाठन-नोट: ऊपर उद्धरण सार्वजनिक-डायरेक्ट पाठ से सामान्यार्थ के अनुरूप संपूर्ण स्वरूप में समाहित किये गए हैं और विश्लेषण में संगत हैं; पूर्ण वचन-उद्धरण यहाँ संक्षेप रूप में दिया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 21:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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