नीतिवचन 21:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

चढ़ी आँखें, घमण्डी मन, और दुष्टों की खेती, तीनों पापमय हैं।

पिछला पद
« नीतिवचन 21:3
अगला पद
नीतिवचन 21:5 »

नीतिवचन 21:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 21:4 का दृश्य-परिप्रेक्ष्य

पद यह स्पष्ट करता है कि मनुष्यों की बाहरी आड़-आड़ के पीछे असली पाप भीतर के नैतिक सजगता की कमी से जन्म लेता है। चढ़ी आँखें, घमण्डी मन, और दुष्टों की खेती—ये तीनों पापमय व्यवहार एक ही प्रकृति के अभिव्यक्ति हैं: सत्य से उत्तेजित अहंकार, परिस्थितियों के साथ चालाकी और परमेश्वर के आदेश से विमुखता। यह त्रिफल पाप ढोंग नहीं, बल्कि भीतर से उभरती प्रवृत्ति है जो न सिर्फ व्यक्ति को क्षोभित करती है बल्कि समुदाय के लिए भी नुकसानदायक है।

इस पाठ में परमेश्वर की दृष्टि

यह वही कार्य करता है जो ईश्वर के न्याय और नीति-नियम के अनुरूप है: पाप के तीनों रूप—आँखें चढ़ी दिखना, घमण्डी मन, और दुष्टों की खेती—अपने आप में चेतावनी हैं कि भीतर की प्रवृत्ति को नियंत्रण में रखना होगा। परमेश्वर हर प्रकार के पाप को देखता है—छल, अभिमान, और निष्क्रिय स्वीकारोक्ति—और हर ऐसे व्यवहार को चिह्नित करता है जो सामर्थ्य, धन या दिखावे में बनावटी बढ़ोतरी चाहता है। इस दृष्टिकोण से पाठ यह संकेत देता है कि ईमानदारी, विनम्रता और न्यायप्रिय जीवन ही ईश्वर के समीप रहने का मार्ग है।

महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टीकरण

  • चढ़ी आँखें: बाहरी दिखावे और छलावे से प्रेरित दृष्टिकोण—संभावित भ्रमित कर देने वाला और वास्तविकता से दूर।
  • घमण्डी मन: अहंकारपूर्ण आत्म-प्रधानता जो परमेश्वर के नियमों को न मानकर स्वार्थी निर्णयों को प्रेरित करती है।
  • दुष्टों की खेती: असाध्य प्रथाओं और पापपूर्ण व्यापार-व्यवहार, जो अन्य लोगों के लिए नुकसानदायक बन जाते हैं।

अन्य संबंधित पाठ

1) पाप की प्रकृति के बारे में नीतिवचन से जुड़े अन्य कथन यह बताते हैं कि दिल की स्थिति ही वास्तविक नैतिकता बनाती है (उदा., पवित्रता और विवेक का पाठ)। 2) परमेश्वर के मार्ग की महत्ता पर जोर देता है कि मन और कर्म दोनों ईमानदारी से निरीक्षण हों। 3) नैतिकता के सामाजिक प्रभाव को भी दिखाता है कि व्यक्तिगत पाप समुदाय पर प्रभाव डालते हैं।

पूर्व-दृष्टांत cross-reference

कथन में विश्वसनीय सम्बन्ध यह दिखाते हैं: (1) प्रचलित लालच और दिखावे पर रोक की शिक्षा; (2) नम्रता और दया से जीवन शैली की प्रेरणा; (3) सत्यनिष्ठा की मांग जो बाहरी आडंबर के बजाय दिल की स्थिति पर केंद्रित हो।

वर्तमान-जीवन के लिए अनुप्रयोग

आज के संदर्भ में इस वचन से सीख यह है कि चढ़ी आँखों और घमण्ड से परे रहने के लिए आत्म-सत्यापन आवश्यक है। अपने विचार, वाणी और कार्य में स्पष्टता रखें: क्या आपका व्यवहार अन्याय, मद, या दिखावे पर आधारित है, या क्या आप सत्य और नम्रता के मार्ग पर चल रहे हैं? परिवार, मित्र और समुदाय के साथ ईमानदारी से संवाद करें ताकि पाप की प्रवृत्ति नियंत्रित हो सके। दूसरों के साथ न्याय और करुणा का व्यवहार विकसित करें ताकि दुष्टों की खेती न बने और समाज में आस्था, एकता और शांति बनी रहे।

संक्षेपित सार

नीतिवचन 21:4 तीन पापों की एक साथ चेतावनी देता है: मोह-भरी दृष्टि, अहंकार, और दुष्टताओं की खेती—ये सभी परमेश्वर के नियमों से दिशाहीन जीवन के संकेत हैं। परमेश्वर की दृष्टि में नैतिकता भीतर से आती है; इसलिए विनम्रता, सत्य, और भरोसेमय व्यवहार को अपनाना जीवन को शुद्ध करता है।

पत्र-उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के विशिष्ट उद्धरणों के लिए उपलब्ध हों तो नीचे के वाक्यों में छोटे-छोटे साक्ष्य के रूप में उद्धृत किया गया है: - अंग्रेजी प्रेस में Matthew Henry के सारगर्भित अभिलेख में इस प्रकार का संक्षेप मिलता है कि यह पाप का एक संयुक्त लक्षण है जिसमें देखने-भर की धोखाधड़ी, गर्व, और गलत व्यापार एक साथ जुड़ते हैं।

Cross-references के लिए संकेत: अगर आप अन्य भाष्य की लाइनों के साथ deeper अध्ययन करना चाहते हैं, तो नज़दीकी संदर्भों में पाप की प्रकृति, पछतावा और सुधार के मार्ग दिखाने वाले पाठ देखें—पर यह स्थान स्वयं अपने नैतिक निर्देशों पर टिके रहने का संदेश देता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 21:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

नीतिवचन 6:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 6:17 (HINIRV) »
अर्थात् घमण्ड से चढ़ी हुई आँखें, झूठ बोलनेवाली जीभ, और निर्दोष का लहू बहानेवाले हाथ,

1 पतरस 5:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 पतरस 5:5 (HINIRV) »
हे नवयुवकों, तुम भी वृद्ध पुरुषों के अधीन रहो, वरन् तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बाँधे रहो, क्योंकि “परमेश्‍वर अभिमानियों का विरोध करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है।”

भजन संहिता 10:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 10:4 (HINIRV) »
दुष्ट अपने अहंकार में परमेश्‍वर को नहीं खोजता; उसका पूरा विचार यही है कि कोई परमेश्‍वर है ही नहीं।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें