Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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नीतिवचन 23:21 का अर्थ और संदर्भ
नीतिवचन 23:21 में कहा गया है कि “क्योंकि पियक्कड़ और पेटू दरिद्र हो जाएँगे, और उनका क्रोध उन्हें चिथड़े पहनाएगी।” यह वाक्यकथा मौलिक रूप से जीवनशैली के चयन और उसके परिणामों से जुड़ी है। इस पाठ में पिता या गुरु युवाओं को सचेत करते हैं कि अत्यधिक मद्यपान और अहंकारी भोजन-भोग से निहायत नाजुक सम्बन्ध टूटते हैं और जीवन की दिशा बिगड़ जाती है। संदर्भ के तौर पर यह सुवाच्य रूप में नैतिक शिक्षा देता है कि अत्यधिक फूर्ति और गैरजिम्मेदार उपभोग अंततः प्रेरणा, स्वास्थ्य और संसाधनों के नुकसान का कारण बनते हैं।
केन्द्रिक अर्थ
यह श्लोक तीन मुख्य विचार देता है: बहिर्मुखी तामझाम के पीछे जीवन के वास्तविक मूल्य खोना; अपर्याप्त संयम से आर्थिक और सामाजिक संकट का आना; और क्रोध-जोखिम, झगड़े, तथा असंतोष का बढ़ना। पियक्कड़ और पेटू बनना केवल शारीरिक आदत नहीं, बल्कि विवेक-अभाव का संकेत है जो परिवार, काम और विश्वास के पथ पर बाधा डालता है।
मुख्य विषय
अन्य समान पाठ (क्रॉस-रेफरेंसेज)
इन क्रॉस-रेफरेंसेज से स्पष्ट होता है कि संयम और संतोष ही सच्ची प्रगति के मार्ग हैं, जबकि अधिक सेवन और आवेशपूर्ण क्रोध विनाश का कारण बनते हैं।
प्रयोजना योग्य टिप्पणी
व्यावहारिक रूप से यह श्लोक स्मरण दिलाता है कि जीवन में आचरण का संतुलन बनाए रखना कितना आवश्यक है। युवा पाठक अपने दैनिक व्यवहार—खासकर भोजन-पीने और क्रोध के क्षणों में—आत्म-नियंत्रण को प्राथमिकता दें। यदि कभी किसी परिस्थिति में अचानक क्रोध उठे, तो गहरी साँस ले कर प्रतीक्षा करना या कठिन निर्णय लेने से पहले पल-भर विराम लेना मददगार रहेगा।
संक्षिप्त निष्कर्ष
नीतिवचन 23:21 का संदेश यही है: अत्यधिक पदार्थखोर और मद्यमें डूबना सामाजिक-आर्थिक अस्थिरता और आक्रोशों को बढ़ाता है। संयम, संतोष और धैर्य ही वास्तविक संपत्ति हैं, जो परिवार और समुदाय को स्थायित्व प्रदान करते हैं।
उद्धरण नोट: इस लेख में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के मूल टिप्पणी-उद्धरण के शुरुआती सार को समाहित किया गया है। आवश्यकतानुसार उनके विचारों से प्रेरणा मिलती है, किंतु पाठ्य वाचन में अपने शब्दों को प्राथमिकता दी गई है।