नीतिवचन 23:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि पियक्कड़ और पेटू दरिद्र हो जाएँगे, और उनका क्रोध उन्हें चिथड़े पहनाएगी।

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नीतिवचन 23:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 23:21 का अर्थ और संदर्भ

नीतिवचन 23:21 में कहा गया है कि “क्योंकि पियक्कड़ और पेटू दरिद्र हो जाएँगे, और उनका क्रोध उन्हें चिथड़े पहनाएगी।” यह वाक्यकथा मौलिक रूप से जीवनशैली के चयन और उसके परिणामों से जुड़ी है। इस पाठ में पिता या गुरु युवाओं को सचेत करते हैं कि अत्यधिक मद्यपान और अहंकारी भोजन-भोग से निहायत नाजुक सम्बन्ध टूटते हैं और जीवन की दिशा बिगड़ जाती है। संदर्भ के तौर पर यह सुवाच्य रूप में नैतिक शिक्षा देता है कि अत्यधिक फूर्ति और गैरजिम्मेदार उपभोग अंततः प्रेरणा, स्वास्थ्य और संसाधनों के नुकसान का कारण बनते हैं।

केन्द्रिक अर्थ

यह श्लोक तीन मुख्य विचार देता है: बहिर्मुखी तामझाम के पीछे जीवन के वास्तविक मूल्य खोना; अपर्याप्त संयम से आर्थिक और सामाजिक संकट का आना; और क्रोध-जोखिम, झगड़े, तथा असंतोष का बढ़ना। पियक्कड़ और पेटू बनना केवल शारीरिक आदत नहीं, बल्कि विवेक-अभाव का संकेत है जो परिवार, काम और विश्वास के पथ पर बाधा डालता है।

मुख्य विषय

  • स्वयं-नियंत्रण का महत्व: भोजन और पेय पर संयम, ताकि अगली आवश्यकता पर निर्भरता कम हो।
  • आर्थिक prudence: व्यय पर नियंत्रण से दरिद्रता के जोखिम घटते हैं; संतोषमय जीवन की ओर संकेत।
  • आक्रोश और चरित्र: अत्यधिक क्रोध और चिथड़े-उपहास सामाजिक संबंधों को क्षति पहुँचाते हैं और आत्म-सम्मान घटाते हैं।

अन्य समान पाठ (क्रॉस-रेफरेंसेज)

  • नीतिवचन 21:17 — अव्यवस्थित आचरण से प्रेम, सम्मान और सुरक्षा घटते हैं; संयम की आवश्यकता पर बल। यह संदर्भ बताता है कि आविष्ट मनःस्थिति से खुशहाली नहीं मिलती।
  • नीतिवचन 25:28 — स्व-नियंत्रण का अभाव व्यक्तित्व को कमजोर बनाता है; नियंत्रण के बिना जीवन कठिन बन जाता है।
  • गलातियों 5:22-23 — पुष्ट व जीवन-उत्पादन करने वाले फलों में संयम एक महत्वपूर्ण गुण है; मद्यपान से दूर रहने का नैतिक संकेत देता है।

इन क्रॉस-रेफरेंसेज से स्पष्ट होता है कि संयम और संतोष ही सच्ची प्रगति के मार्ग हैं, जबकि अधिक सेवन और आवेशपूर्ण क्रोध विनाश का कारण बनते हैं।

प्रयोजना योग्य टिप्पणी

व्यावहारिक रूप से यह श्लोक स्मरण दिलाता है कि जीवन में आचरण का संतुलन बनाए रखना कितना आवश्यक है। युवा पाठक अपने दैनिक व्यवहार—खासकर भोजन-पीने और क्रोध के क्षणों में—आत्म-नियंत्रण को प्राथमिकता दें। यदि कभी किसी परिस्थिति में अचानक क्रोध उठे, तो गहरी साँस ले कर प्रतीक्षा करना या कठिन निर्णय लेने से पहले पल-भर विराम लेना मददगार रहेगा।

संक्षिप्त निष्कर्ष

नीतिवचन 23:21 का संदेश यही है: अत्यधिक पदार्थखोर और मद्यमें डूबना सामाजिक-आर्थिक अस्थिरता और आक्रोशों को बढ़ाता है। संयम, संतोष और धैर्य ही वास्तविक संपत्ति हैं, जो परिवार और समुदाय को स्थायित्व प्रदान करते हैं।

उद्धरण नोट: इस लेख में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के मूल टिप्पणी-उद्धरण के शुरुआती सार को समाहित किया गया है। आवश्यकतानुसार उनके विचारों से प्रेरणा मिलती है, किंतु पाठ्य वाचन में अपने शब्दों को प्राथमिकता दी गई है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 23:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

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