नीतिवचन 23:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और यदि तू अधिक खानेवाला हो, तो थोड़ा खाकर भूखा उठ जाना।

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नीतिवचन 23:2 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 23:2 पर व्याख्या—अत्यधिक खाने से संयम

सीधे अर्थ की घोषणा: यदि तुम्हारा भोजन के प्रति प्रवृत्ति अधिक हो, तो अत्यधिक माँग के बजाय थोड़े में ही पेट भर लेने से लाभ होगा; अन्यथा अति खाने से नुकसान हो सकता है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

नीतिवचन के इस अंश में गुरु-चेतावनी एक व्यवहारिक मूल्य को उजागर करते हैं: भोजन के प्रति सहज लालच पर नियंत्रण रखना चरित्र के लिए आवश्यक है। यह एक नैतिक शिक्षा है जो सामाजिक व्यवहार, पैसे की परवाह और आत्म-नियंत्रण के मेल की ओर इशारा करती है। यह विशेषकर शाही और अस्थिर समाज में भीड़ की आवश्यकताओं से प्रभावित जीवन-यापन के समय कहीं अधिक प्रासंगिक रहा है।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • आइडिया: भोजन पर अत्यधिक लिप्सा से शारीरिक अस्वास्थ्य और आचार-संहार दोनों का जोखिम होता है, इसलिए संयम ही बुद्धिमानी है।
  • आचार-विहार: एक दावत-खाने की प्रवृत्ति जहां खाने की मात्रा पर नियंत्रण न हो, वह व्यक्ति को नैतिक और आर्थिक दृष्टि से कठिनाई में डाल सकती है।
  • सीख: आवश्यकता और संतुलन के बीच संतुलन में जीवन बेहतर चलता है; जरूरत के हिसाब से भोजन लेना और अधिक न चढ़ना स्वाभाविक पथ है।

थीमेटिक बिंदु

  1. स्व-नियंत्रण का मूल्य
  2. भोजन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण
  3. आर्थिक और नैतिक विवेक

संदर्भ-क्रॉस संदर्भ

1) नीतिवचन 25:16—यह सोचने-संभालने का संदेश देता है कि आवश्यकता से अधिक खाने पर भी कमी-छँट होनी चाहिए, ताकि दावत के बाद अनुचित परिणाम न हों।

2) गलातीय 5:22-23—मुफीद स्वभावों में आत्म-नियंत्रण प्रमुख है; फलों में संयम भी आत्मिक जीवन का प्रकार बताता है।

3) मत्ती 6:33—परमेश्वर के राज्य की खोज में पहले उसके मानक, फिर बाकी चीजें मिलेंगी; आत्म-नियंत्रण का आयाम इस बात से जुड़ता है।

संक्षिप्त निष्कर्षिक उपदेश

जीवन की दाल-रोटी में संतुलन रखना ही बुद्धिमानी है। भोजन का सन्तोष პერიოდिक और विवेकशील होना चाहिए; अति खाने से शरीर और व्यवहार दोनों पर असर पड़ता है। आवश्यकता के अनुसार भोजन लें, पर भोग की आदत से बचें—ताकि स्वास्थ्य भी बचे और चरण-चिह्न सदा सही रहें।

एक छोटे से मार्गदर्शक निष्कर्ष

  • खाने में लालच से मुक्त रहें; जरूरत के अनुसार मात्रा रखें।
  • खाने को सरल बनाए रखें और संयम को अपनी आदत बनाएं।

शब्द-संरचनात्मक उद्धरण (Matthews Henry, Barnes, Clarke) उपलब्ध स्रोतों के भीतर यदि संक्षेप में उद्धृत हो, तो वे पाठ में अवश्य चिह्नित होंगे:

इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के पूर्व के चर्चित विचारों का सार एकीकृत किया गया है। नीचे उनके विशिष्ट एक-लाइन उद्धरण केवल यदि उपलब्ध हों, वे नीचे के रूप में संकेतित हैं:

उद्धृत संरचनात्मक टिप्पणी के लिए आवश्यक (यदि उपलब्ध): “Eating and doubting” के बजाय संयम पर बल देता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 23:2 समानांतर पद और संबंधित वचन

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