Old Testament
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2 पतरस 3:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इन्हीं के द्वारा उस युग का जगत जल में डूब कर नाश हो गया। (उत्प. 7:11-21)
2 पतरस 3:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 पतरस 3:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 पतरस 2:5 (HINIRV) »
और प्राचीन युग के संसार को भी न छोड़ा, वरन् भक्तिहीन संसार पर महा जल-प्रलय भेजकर धार्मिकता का प्रचारक नूह समेत आठ व्यक्तियों को बचा लिया; (उत्प. 6:5-8, उत्प. 7:23)

मत्ती 24:38 (HINIRV) »
क्योंकि जैसे जल-प्रलय से पहले के दिनों में, जिस दिन तक कि नूह जहाज पर न चढ़ा, उस दिन तक लोग खाते-पीते थे, और उनमें विवाह-शादी होती थी।

2 पतरस 3:6 का स्पष्ट अर्थ
यही पवित्र पाठ कहता है कि उस पुराने संसार का नाश जल के कारण हुआ था, क्योंकि उसकी धारणा और सभ्यता ने स्वर्गीय कर्तव्य से विचलन किया था। परमेश्वर की दया और दंड दोनों का एक साथ उदाहरण यह है: उन्होंने ऐसी सत्ता दी कि संसार में जब-जब पाप बढ़ा, तब जल से वह व्यवस्था नष्ट हो गई।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
पतरस का यह भाग नयी वाचा के अंत के समय के संदर्भ में है, जब वे जीवित रहे विश्वासियों को यह याद दिलाते हैं कि प्रभु की प्रभुता और उसकी पुनः प्रवेश की प्रतीक्षा निरंतर उज्जवल होनी चाहिए। यहाँ तुष्टिकरण का नहीं, बल्कि सत्य का स्मरण है—पूर्व समय के एक बड़े विनाश का स्मरण ताकि विश्वासियों को जीवित आशा बनी रहे।
व्याख्या के मुख्य बिंदु
छोटे थीमैटिक बिंदु
अन्य संदर्भ और उनके अर्थ
उत्प 7:11-21 में नदियों और जल-कौशलों के बीच की तबाही दिखती है—यह बतलाता है कि पाप के परिणाम कितने व्यापक होते हैं और परमेश्वर के क्षमाीकरण से पहले नियम कितने कठोर हो सकते हैं।
2 पतरस 3:3-4 में पक्का उद्धारकर्ता के समय के प्रतीक्षा की याद दिलाई गई है; लोगों के विचार विलासिता और अज्ञान से भरे रहते हैं, परन्तु प्रभु का आगमन सत्य और प्रत्याशा के साथ होगा।
यिर्मयाह 4:23-26 में पृथ्वी के उद्धार के विरोधाभास—ब्रह्मांडीय चक्र और विनाश का चित्र मिलता है जो 2 पतरस के संदर्भ से मिलता-जुलता है।
सीधा निष्कर्ष
इन घटनाओं से हमें यह सीख मिलती है कि परमेश्वर का न्याय इतिहास की धारा में स्पष्ट है और विश्वासियों के लिए यह प्रेरणा है कि हर युग में वे पवित्र जीवन बनाए रखें, क्योंकि प्रभु का दिन चुपके से आ सकता है। पूर्व के विनाशों से हमारी हिम्मत बढ़ती है कि हम प्रभु की कृपा और न्याय के संतुलन को मानें और अपनी आशा को बनाए रखें।
संक्षिप्त क्रॉस-रेफरेंसे
यद्यपि मैं पूर्ण पद उद्धृत नहीं कर रहा, परन्तु निम्न संकेतनों से पाठ का सम्बन्ध स्पष्ट होता है: (1) पाप के परिणामों का प्रत्यक्ष दृश्य—जल-नाश, (2) प्रत्याशित पुनः आगमन के लिए तैयारी, (3) न्याय और दया का संतुलन।
कूटपीठियुक्त उद्धरण—महत्वपूर्ण नोट
यदि उपलब्ध हो, Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संक्षिप्त सुझाव एवं टिप्पणी शब्दों के लिए नीचे उल्लेख किया जाएगा।