2 पतरस 3:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इन्हीं के द्वारा उस युग का जगत जल में डूब कर नाश हो गया। (उत्प. 7:11-21)

पिछला पद
« 2 पतरस 3:5
अगला पद
2 पतरस 3:7 »

2 पतरस 3:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

2 पतरस 3:6 का स्पष्ट अर्थ

यही पवित्र पाठ कहता है कि उस पुराने संसार का नाश जल के कारण हुआ था, क्योंकि उसकी धारणा और सभ्यता ने स्वर्गीय कर्तव्य से विचलन किया था। परमेश्वर की दया और दंड दोनों का एक साथ उदाहरण यह है: उन्होंने ऐसी सत्ता दी कि संसार में जब-जब पाप बढ़ा, तब जल से वह व्यवस्था नष्ट हो गई।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

पतरस का यह भाग नयी वाचा के अंत के समय के संदर्भ में है, जब वे जीवित रहे विश्वासियों को यह याद दिलाते हैं कि प्रभु की प्रभुता और उसकी पुनः प्रवेश की प्रतीक्षा निरंतर उज्जवल होनी चाहिए। यहाँ तुष्टिकरण का नहीं, बल्कि सत्य का स्मरण है—पूर्व समय के एक बड़े विनाश का स्मरण ताकि विश्वासियों को जीवित आशा बनी रहे।

व्याख्या के मुख्य बिंदु

  • जल से विनाश का संकेत—यह केवल भौतिक आपदा नहीं है, बल्कि परमेश्वर के न्याय का प्रमाण है जो पाप की गहराई तक पहुँचा है।
  • यह घटनाक्रम इतिहास के एक स्पष्ट उदाहरण हैं कि क्यों पृथ्वी पर दुष्टता का परिणाम है, और क्यों यह सभी चीजें परमेश्वर के नक्शेकदम पर चलने वाले नियमों के अधीन हैं।
  • नया आकलन चरित्र में: विश्वासियों को चेतावनी है कि वे संसार के लुभावन आकर्षण में मत फँसें, बल्कि प्रभु के दयालुता-न्याय के साथ स्थिर रहें।

छोटे थीमैटिक बिंदु

  1. विनाश की याद में आशा—नए आकाश और नई पृथ्वी की प्रतीक्षा में निश्चय बना रहे।
  2. धैर्य और पवित्र जीवन—पुस्तक की हिदायतों के अनुसार पाप से दूर होकर प्रभु के लौटने के लिए तैयार रहें।
  3. कथा-प्रेरणा—पूर्व घटनाओं से सीख लें कि दैवी न्याय के बिना जीवन का मूल ढांचा अस्थिर होता है।

अन्य संदर्भ और उनके अर्थ

उत्प 7:11-21 में नदियों और जल-कौशलों के बीच की तबाही दिखती है—यह बतलाता है कि पाप के परिणाम कितने व्यापक होते हैं और परमेश्वर के क्षमाीकरण से पहले नियम कितने कठोर हो सकते हैं।

2 पतरस 3:3-4 में पक्का उद्धारकर्ता के समय के प्रतीक्षा की याद दिलाई गई है; लोगों के विचार विलासिता और अज्ञान से भरे रहते हैं, परन्तु प्रभु का आगमन सत्य और प्रत्याशा के साथ होगा।

यिर्मयाह 4:23-26 में पृथ्वी के उद्धार के विरोधाभास—ब्रह्मांडीय चक्र और विनाश का चित्र मिलता है जो 2 पतरस के संदर्भ से मिलता-जुलता है।

सीधा निष्कर्ष

इन घटनाओं से हमें यह सीख मिलती है कि परमेश्वर का न्याय इतिहास की धारा में स्पष्ट है और विश्वासियों के लिए यह प्रेरणा है कि हर युग में वे पवित्र जीवन बनाए रखें, क्योंकि प्रभु का दिन चुपके से आ सकता है। पूर्व के विनाशों से हमारी हिम्मत बढ़ती है कि हम प्रभु की कृपा और न्याय के संतुलन को मानें और अपनी आशा को बनाए रखें।

संक्षिप्त क्रॉस-रेफरेंसे

यद्यपि मैं पूर्ण पद उद्धृत नहीं कर रहा, परन्तु निम्न संकेतनों से पाठ का सम्बन्ध स्पष्ट होता है: (1) पाप के परिणामों का प्रत्यक्ष दृश्य—जल-नाश, (2) प्रत्याशित पुनः आगमन के लिए तैयारी, (3) न्याय और दया का संतुलन।

कूटपीठियुक्त उद्धरण—महत्वपूर्ण नोट

यदि उपलब्ध हो, Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संक्षिप्त सुझाव एवं टिप्पणी शब्दों के लिए नीचे उल्लेख किया जाएगा।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 पतरस 3:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

2 पतरस 2:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 पतरस 2:5 (HINIRV) »
और प्राचीन युग के संसार को भी न छोड़ा, वरन् भक्तिहीन संसार पर महा जल-प्रलय भेजकर धार्मिकता का प्रचारक नूह समेत आठ व्यक्तियों को बचा लिया; (उत्प. 6:5-8, उत्प. 7:23)

मत्ती 24:38 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 24:38 (HINIRV) »
क्योंकि जैसे जल-प्रलय से पहले के दिनों में, जिस दिन तक कि नूह जहाज पर न चढ़ा, उस दिन तक लोग खाते-पीते थे, और उनमें विवाह-शादी होती थी।

उत्पत्ति 7:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 7:10 (HINIRV) »
सात दिन के उपरान्त प्रलय का जल पृथ्वी पर आने लगा।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें