Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 पतरस 2:5 बाइबल पद की व्याख्या
2 पतरस 2:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और प्राचीन युग के संसार को भी न छोड़ा, वरन् भक्तिहीन संसार पर महा जल-प्रलय भेजकर धार्मिकता का प्रचारक नूह समेत आठ व्यक्तियों को बचा लिया; (उत्प. 6:5-8, उत्प. 7:23)
2 पतरस 2:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 पतरस 2:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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इब्रानियों 11:7 (HINIRV) »
विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चेतावनी पा कर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उसने संसार को दोषी ठहराया; और उस धार्मिकता का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है। (उत्प. 6:13-22, उत्प. 7:1)

लूका 17:26 (HINIRV) »
जैसा नूह के दिनों में हुआ था, वैसा ही मनुष्य के पुत्र के दिनों में भी होगा। (इब्रा. 4:7, मत्ती 24:37-39, उत्प. 6:5-12)

2 पतरस 2:5 का मुख्य व्याख्यात्मक बिंदु
यह पद यह सिखाता है कि परमेश्वर अन्यायपूर्ण पीढ़ियों पर दया नहीं दिखाते, बल्कि वे जिन्हें वह योग्य समझते हैं, उन्हें क्रोध के दिन भी न्यायपूर्ण तरीक़े से बचाते हैं—जैसे नूह और उसका परिवार धार्मिकता के प्रचारक के रूप में आठ लोगों को बचाने के लिए आरक्षित थे। धर्मी का नमूना नूह उन दिनों के कुप्रचार और भ्रष्ट समाज के बीच नयी आशा की प्रतिमा बनकर उभरे।
साहित्यिक संदर्भ ( literary context )
यह पद पतरस-प्रेषित की दूसरी चिट्ठी में दुष्कर्म-जनपरिभाषा के साथ आता है: परमेश्वर ने भरी दुनिया में हिंसा और अत्याचार के समय एक पवित्र भागीदारी दिखाई—नूह, जो धर्मी था, प्रचंड विनाश की भविष्यवाणी में विश्वास रखकर उद्धार पाया। इसके साथ उद्धार का संदेश यह है कि परमेश्वर का न्याय स्थिर है, परन्तु विश्वासयोग्यों के लिए वह शुद्ध उद्धार भी प्रदान करता है।
धर्मशास्त्रीय महत्व (Theological significance)
- न्याय और कृपा एक साथ: परमेश्वर ने संसार पर जल-प्रलय भेजकर दुष्टों को दंडित किया, पर नूह और उसके परिवार को सुरक्षित रखा, क्योंकि नूह ने विश्वास के साथ धार्मिकता का पालन किया।
- धार्मिकता का प्रचारक: नूह केवल उद्धार पाने वाला नहीं था, बल्कि उनकी नाव-जिन्हें उन्होंने बनवाया, वे एक प्रतीक हैं कि किस प्रकार विश्वास के साथ सही कार्य भी जुड़ते हैं ताकि संसार में ईमानदार जीवन का संदेश फैल सके।
- एकांत-उद्धार की धारण_Noah की आस्था: हर नया समय-चक्र में भी प्रभु अपने चयनीय को बचाते हैं; यह इतिहास के विद्यार्थियों के लिए आशा का संदेश है कि प्रभु विश्वासयोग्यों पर दया और सुरक्षा बनाये रखते हैं।
पवित्र शास्त्र से संबंध (Cross-references) और संक्षिप्त व्याख्या
इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर का ढांचा न्यायपूर्ण है, परन्तु विश्वास और धार्मिकता के साथ जीते लोगों के लिए उद्धार संभव है।
जाँच-विचार के प्रश्न (Questions for reflection)
संक्षिप्त निष्कर्ष
2 पतरस 2:5 हमें स्पष्ट कथा देता है कि परमेश्वर न्यायप्रिय है और साथ ही दयालु भी—धर्मी नूह के माध्यम से दिखाते हैं कि विश्वास के साथ किए गये उचित कार्य उद्धार की कड़ी बनते हैं। संसार की प्रवृत्ति कितनी भी भ्रष्ट क्यों न हो, परमेश्वर की योजनाओं में विश्वासयोग्यों के लिए उद्धार और सुरक्षा निहित है।
ईश्वर की उद्धारक योजनाएं अभी भी उसी प्रकार चलती हैं—जो विश्वास में कदम बढ़ाते हैं, वे अपने समय का सही आकाशीय उद्देश्य अनुभव करते हैं।
महत्वपूर्ण उद्धरण (Quotations from public-domain commentators)
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