Old Testament
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2 पतरस 2:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वे व्यर्थ घमण्ड की बातें कर करके लुचपन के कामों के द्वारा, उन लोगों को शारीरिक अभिलाषाओं में फँसा लेते हैं, जो भटके हुओं में से अभी निकल ही रहे हैं।
2 पतरस 2:18 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 पतरस 2:18 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 पतरस 1:4 (HINIRV) »
जिनके द्वारा उसने हमें बहुमूल्य और बहुत ही बड़ी प्रतिज्ञाएँ दी हैं ताकि इनके द्वारा तुम उस सड़ाहट से छूटकर जो संसार में बुरी अभिलाषाओं से होती है, ईश्वरीय स्वभाव के सहभागी हो जाओ।

2 पतरस 2:20 (HINIRV) »
और जब वे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की पहचान के द्वारा संसार की नाना प्रकार की अशुद्धता से बच निकले, और फिर उनमें फँसकर हार गए, तो उनकी पिछली दशा पहली से भी बुरी हो गई है।

यहूदा 1:15 (HINIRV) »
कि सब का न्याय करे, और सब भक्तिहीनों को उनके अभक्ति के सब कामों के विषय में जो उन्होंने भक्तिहीन होकर किए हैं, और उन सब कठोर बातों के विषय में जो भक्तिहीन पापियों ने उसके विरोध में कही हैं, दोषी ठहराए।”
2 पतरस 2:18 - संदर्भ और अर्थ
पतरस ने इस पद में उन लोगों की दिशा संकेतित की है जो “व्यर्थ घमण्ड” और लुचपन के कामों के दामन में फँसकर बहकाने वाले मार्ग अपनाते हैं। यह पंक्ति 2 पतरस की गवाही के क्रम में है, जहाँ लेखक उन गलत शिक्षकों की जाँच करता है जो न केवल डगमगाने वाले विश्वासियों को भ्रमित करते हैं, बल्कि शारीरिक वासनाओं को उकसाते हुए भटकाव में डालते हैं। संदर्भ में, सच्चे हितचिंतक विश्वासियों को सच के मार्ग पर स्थिर रहने के लिए प्रेरित करते हैं, जबकि धोखेबाज़ शिक्षकों का अंधविश्वासी आचरण और भ्रष्ट विचारधारा स्पष्ट किया गया है।
मुख्य विचार
यह verse उन लोगों के बारे में है जो छोटे-छोटे, दिखावटी तर्कों से भीड़ की चाल बनाते हैं और भटकाने वाले व्यवहार से दूसरों को गिराते हैं। वे “घमण्ड” से प्रेरित होते हैं—यानी आत्म-प्रशंसा, दिखाने की चाह, और प्रभु के पाठ से अलग रास्ता अपनाने की प्रवृत्ति। वे लुचपन के कार्यों के द्वारा शारीरिक अभिलाषाओं को उकसाते हैं, ताकि अभी भटके हुओं में से निकल रहे लोगों को गुमराह किया जा सके।
केंद्रीय विषय
संबंधित दिनों के पाठ (Cross-references)
- यीशु के समय के शिक्षकों के छल-कपट पर चेतावनी: वे दिखावटी धर्म और उच्छृंखल जीवनशैली से जनता को भ्रमित करते हैं।
- यह हीनतापूर्ण आचरण क्यों असत्य है: भीतर की पवित्रता और सत्य की स्थापना से भटका हुआ जीवन परमेश्वर के पास नहीं जाता।
- भटकाव से बचाव के उपाय: दृढ़ विश्वास, पवित्र लेखों का अभ्यास, और विश्वासियों के समुदाय की संगति।
व्यावहारिक विचार
व्यर्थ घमण्ड से दूरी बनाते हुए, हमें नम्रता और सत्य के साथ चलना चाहिए। शारीरिक अभिलाषाओं के दबाब में आकर निर्णय लेने से बचें; instead, प्रभु के कारणों को ऊँचाई दें, और विश्वासियों के बीच आशीर्वाद-परस्पर सहायता को प्रोत्साहित करें। जु़ड़ो शरण और सतर्कता रखें ताकि किसी भी भटकाव में पड़कर विश्वसनीय संदेश नहीं खोएं।
संक्षिप्त निष्कर्ष
2 पतरस 2:18 कहता है कि धोखेबाज़ शिक्षक भटकाव को बढ़ावा देते हैं—घ Mansकण्ड और लुचपन के कार्यों के द्वारा— ताकि अभी भटके हुओं में से निकल रहे लोगों को फँसा सकें। सच्चाई यह है कि सत्य के मानक पर टिके रहने और समुदाय के साथ चलने से ही हम इनमें से सुरक्षा पा सकते हैं।
चौंकाने वाले शब्दों के संकेत
यहाँ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के विशेष उद्धरण उपलब्ध नहीं हैं, पर उनकी सामान्य दिशा-निर्देश यह संकेत देती है कि प्रमाणिक शिक्षा में humility, upright living, और सत्य का दृढ़ संकल्प अनिवार्य हैं।
छोटा संदर्भ-आत्मनिरीक्षण
- क्या आप भी कभी बाहर के विचारों के कारण थोड़ा-बहुत घमण्ड महसूस करते हैं? एक बार सच के अनुसार जाँच करें कि क्या आपकी आचरण धार्मिक मार्ग से मेल खाता है।