Old Testament
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2 पतरस 2:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तो प्रभु के भक्तों को परीक्षा में से निकाल लेना और अधर्मियों को न्याय के दिन तक दण्ड की दशा में रखना भी जानता है।
2 पतरस 2:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 पतरस 2:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 कुरिन्थियों 10:13 (HINIRV) »
तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने के बाहर है: और परमेश्वर विश्वासयोग्य है: वह तुम्हें सामर्थ्य से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन् परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको। (2 पत. 2:9)

भजन संहिता 34:15 (HINIRV) »
यहोवा की आँखें धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उनकी दुहाई की ओर लगे रहते हैं। (यूह. 9:31)

प्रकाशितवाक्य 3:10 (HINIRV) »
तूने मेरे धीरज के वचन को थामा है, इसलिए मैं भी तुझे परीक्षा के उस समय बचा रखूँगा, जो पृथ्वी पर रहनेवालों के परखने के लिये सारे संसार पर आनेवाला है।
2 पतरस 2:9 पर व्याख्या — परीक्षा, दंड और न्याय का दिन
यह पद खरे तौर पर हमें परमेश्वर के न्याय और दया की सजीव क्रिया दिखाता है। पतरस ने अधर्मियों की चालों के बारे में चेतावनी दी है और साथ ही परमेश्वर के भक्तों के लिए मुक्ति का मार्ग स्पष्ट किया है। यह वाक्य दो गहरे सचों पर ठहराता है: (1) प्रभु दृढ़ विश्वास रखने वालों को परीक्षा से निकाल लेते हैं, और (2) अधर्मी भविष्य के दिन, न्याय के समय, दण्डित होने के लिए रखा जाएगा।
पद का पाठकीय परिचय (कथन के साथ उसका अर्थ)
“तो प्रभु के भक्तों को परीक्षा में से निकाल लेना और अधर्मियों को न्याय के दिन तक दण्ड की दशा में रखना भी जानता है।”
यह वाक्य सचेत करता है कि परमेश्वर भक्तों की सुरक्षा और उनकी परीक्षा के नियमन के बीच संतुलन बनाते हैं। अच्छाई में स्थित पुरुषों को परमेश्वर से सुरक्षा मिलती है, जबकि दुष्टों को उनके दिन तक दण्डित किया जाएगा।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
1) प्रभु की रक्षा: जिनके हृदय उस पर भरोसा करते हैं, वे परीक्षणों में भी स्थिर रहते हैं। परमेश्वर उनकी परीक्षा को उन्नति के अवसर में बदल देते हैं।
2) न्याय की आशा: दुष्टों के लिए न्याय का दिन अवश्य आएगा; वहाँ उनका दंड निर्धारित और दृढ़ होगा।
अनुसंधानात्मक प्रवाह: संदर्भ और तुलना
- यिर्मयाह 17:7-8: परमेश्वर की सुरक्षा उन पर जो परम भरोसे के पेड़ के नीचे रहते हैं, प्रकट है; वे सूखा समय भी उमंगे से बन जाते हैं। यह समान विश्वास-आश्वासन देता है—परमेश्वर भक्तों को चुनौतियों में सुरक्षित रखते हैं।
- संहिता 3:25-26 (उद्धरण नहीं): दुष्टों के भविष्य के दिनों की तुलना परमेश्वर के न्याय के तटस्तर से की जाती है।
- प्रेरितों के काम 17:31: न्याय के दिन के बारे में स्पष्ट चेतावनी देता है कि वह निर्भीक रूप से स्थापित किया गया है; यह मार्गदर्शक सिद्धांत पतरस के लेखन से संगति रखता है।
बहुवचन्य_cross-reference और संक्षिप्त व्याख्या
कर्म-प्रयोजन: एक व्यावहारिक अनुप्रयोग
- खुद के जीवन में आप किस प्रकार के परीक्षण का सामना कर रहे हैं? विश्वास के साथ उनका सामना करें, आत्म-आलोचना से बचते हुए परमेश्वर की सहायता माँगें।
- आशीर्वादी बनें, न कि दुस्सहाय बनें: अपने दायित्वों में सत्य और पवित्रता बनाए रखें ताकि आप परीक्षा के समय विश्वास के साथ खड़े रह सकें।
सार और निष्कर्ष
यह पद न केवल चेतावनी देता है, बल्कि आशा भी देता है: परमेश्वर अपने भक्तों की रक्षा में सक्रिय है और जो अधर्म के मार्ग पर चलते हैं, उसका न्याय निश्चित है। 当हम कठिनाई से जूझते हैं, यह वादा हमें स्थिर और उन्नत रहने का साहस देता है—परमेश्वर भरोसे पर खरा उतरते हैं।
हिंदी-टीका के लिए संदर्भ उद्धरण (संक्षेप)
2 पतरस 2:9 के विषय में पुरानी/public-domain टिप्पणीकारों से प्राप्त प्रमुख अवलोकन इस प्रकार हैं:
- मैथ्यू हेनरी: परमेश्वर की सदा-उपस्थिति भक्तों की सुरक्षा की गारंटी है, और दुष्टों का भाग न्याय के दिन स्पष्ट है।
- अल्बर्ट बर्न्स: परीक्षण के समय भक्त अपने समय-समय पर प्रभु के वचनों पर टिके रहते हैं, ताकि उनका आस्था प्रमाणित हो सके।
- एडम क्लार्क: परमेश्वर की व्यवस्था—भक्तों के लिए निकासी और अधर्मियों के लिए दण्ड—इन दोनों को एकत्रित करता है ताकि सारा विश्व सत्य और न्याय को समझ सके।
इन उद्धरणों से स्पष्ट होता है कि पतरस का उद्देश्य यह है कि विश्वासियों में दृढ़ता, जबकि दुष्टों में परिणाम-भय के साथ न्याय की उम्मीद बनाकर रखने की प्रेरणा मिले।
Cross-references: यिर्मयाह 50:27; प्रेरित 3:19; रोम 12:12 — कारण और आशा के साथ।