Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 पतरस 2:13 बाइबल पद की व्याख्या
2 पतरस 2:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
औरों का बुरा करने के बदले उन्हीं का बुरा होगा; उन्हें दिन दोपहर सुख-विलास करना भला लगता है; यह कलंक और दोष है जब वे तुम्हारे साथ खाते पीते हैं, तो अपनी ओर से प्रेम भोज करके भोग-विलास करते हैं।
2 पतरस 2:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 पतरस 2:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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रोमियों 13:13 (HINIRV) »
जैसे दिन में, वैसे ही हमें उचित रूप से चलना चाहिए; न कि लीलाक्रीड़ा, और पियक्कड़पन, न व्यभिचार, और लुचपन में, और न झगड़े और ईर्ष्या में।

रोमियों 2:8 (HINIRV) »
पर जो स्वार्थी हैं और सत्य को नहीं मानते, वरन् अधर्म को मानते हैं, उन पर क्रोध और कोप पड़ेगा।

इब्रानियों 2:2 (HINIRV) »
क्योंकि जो वचन स्वर्गदूतों के द्वारा कहा गया था, जब वह स्थिर रहा और हर एक अपराध और आज्ञा न मानने का ठीक-ठीक बदला मिला।
2 पतरस 2:13 — उनके द्वारा किया गया दुष्कर्म और दंड
प्रसंग का आरम्भ: यह पद उन लोगों के बारे में है जो धोखे से लोकधर्म में फँसाए हुए पथभ्रष्ट करते हैं और अपने अराजक व्यवहार से सत्य के विपरीत खड़े रहते हैं। पतरस यहाँ उन को उजागर करता है जो दूसरे विश्वासियों के साथ भोजन-भागीदारी में भी छल-छद्म करते हैं और अपने-अपने “प्रेम भोज” में संकीर्ण और घृणास्पद मनोरंजन को ही सुख-भोग मानते हैं।
क्या यह पाठ परमेश्वर और विश्वास के बारे में बताता है?
यह उद्धरण विश्वास के भीतर एक चेतावनी है कि गलत जीत-खेल, छल-कपट और दुष्कर्म असली श्रद्धा के साथ संगत नहीं। परमेश्वर न्यायी है, और जो लोग दूसरों को ठग कर, अपने लाभ के लिए बहकाते हैं, उन्हें अंतत: दूसरे के साथ नहीं, बल्कि स्वयं अपने कर्मों के अनुसार फल मिलेंगे। पतरस यह बताता है कि गलत रास्ते पर चलने वाले लोग दूसरों के साथ पकते-पीते समय भी अपने गैर-धार्मिक आचरण को नहीं छिपाते, बल्कि उसे खुलेआम प्रदर्शित करते हैं; इससे उनके भीतर की कलह और दोष स्पष्ट होते हैं।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की व्याख्या
संबंधित पवित्र ग्रंथ
कम से कम तीन Cross-References के विचार-विनिमय सुझाव नीचे दिए जाते हैं ताकि पाठक तथ्य-समझ को व्यापक दायरे में समझ सकें:
संक्षेप में इन पाठों से स्पष्ट होता है कि सुधार और सत्य की दिशा में लौटना परमेश्वर के डर और प्रेम का मूल उद्देश्य है।
आज के संदर्भ में उपयोगी विचार
यह पद आज समझाता है कि विश्वास-जीवन सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यवहार और समुदाय के भीतर निष्ठा के साथ जुड़ना चाहिए। ऐसे लोग जो भय, छल और भोग-विलास के पीछे भागते हैं, उनके प्रभाव से क्रिया-कलाप अस्थिर हो जाते हैं और पारिवारिक-समुदाय में कलह बढ़ती है। सत्य-आस्थाशीलता, नैतिकता और प्रेम का संगम ही जीवन का सुरक्षित पथ है।
निष्कर्ष और चरणबद्ध अनुप्रयोग
नोट: इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के मूल-उद्धरणों की संक्षिप्त और उपयुक्त शब्द-रेखा का साक्ष्य नहीं दिया गया है, पर उनके विचारों के अनुरूप नैतिकता और चित्त-स्वभाव का समेकित विवेचन किया गया है।