Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 पतरस 2:10 बाइबल पद की व्याख्या
2 पतरस 2:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
विशेष करके उन्हें जो अशुद्ध अभिलाषाओं के पीछे शरीर के अनुसार चलते, और प्रभुता को तुच्छ जानते हैं वे ढीठ, और हठी हैं, और ऊँचे पदवालों को बुरा-भला कहने से नहीं डरते।
2 पतरस 2:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 पतरस 2:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहूदा 1:16 (HINIRV) »
ये तो असंतुष्ट, कुड़कुड़ानेवाले, और अपने अभिलाषाओं के अनुसार चलनेवाले हैं; और अपने मुँह से घमण्ड की बातें बोलते हैं; और वे लाभ के लिये मुँह देखी बड़ाई किया करते हैं।

यहूदा 1:10 (HINIRV) »
पर ये लोग जिन बातों को नहीं जानते, उनको बुरा-भला कहते हैं; पर जिन बातों को अचेतन पशुओं के समान स्वभाव ही से जानते हैं, उनमें अपने आप को नाश करते हैं।

2 पतरस 2:10 — तत्काल संदर्भ और पाठ का दृश्य
पतरस इस पंक्ति में उन लोगों को चेतावनी दे रहे हैं जो अशुद्ध अभिलाषाओं के पीछे शरीर के अनुसार चलते हैं, जो प्रभुता को कम जानते हैं और उन ऊँचे पदवालों को बुरा-भला कहने से नहीं डरते। यह आज भी देखने जैसा सच है कि संसारिक इच्छा और आत्म-विश्वास के भ्रामक रुझान ईमानदार विश्वास पर आक्रमण करते हैं। पतरस यहाँ अनुयायियों को एक स्पष्ट मार्ग दिखाते हैं: सच्ची नेमत केवल शारीरिक सुख-सुविधाओं में नहीं है, बल्कि ईश्वरीय प्रतिष्ठा और पवित्र जीवन के पालन में है।
ईश्वर या विश्वास के प्रति जो बात खुलती है
यह वाक्य बताता है कि परमेश्वर के अधिकार और प्रभुता के बारे में अवज्ञा और घमन्ड किस प्रकार आत्म-विश्वास और दुष्ट चालों को बढ़ावा देती है। जिनके दिलों में प्रभुता का भय नहीं, वे दूसरों पर कठोर दृष्टिकोण रखते हैं और आध्यात्मिक सत्ता के बारे में सामान्य उपहास करते हैं। पतरस सुनिश्चित करते हैं कि सत्य-जीवन वही है जिसमेंईश्वर के मानक सर्वोपरि रहते हैं, न कि लोक-प्रियता या ऊँचाइयों की गलत प्रशंसा।
शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
- अशुद्ध अभिलाषाओं के पीछे शरीर के अनुसार चलना: यह चेतावनी उन प्रवृत्तियों का वर्णन है जो दुष्ट सुख-सामग्री, अमानवीय अधिकार, और सांसारिकता की कामना को आगे बढ़ाते हैं।
- प्रभुता को तुच्छ जानना: परमेश्वर के अधिकार को हल्के में लेना या उसके शासन को चुनौती देना दर्शाता है।
- ढीठ, हठी: चरित्र के कठोर और निश्चयी स्वभाव का संकेत, जो सुधार स्वीकार नहीं करते।
- ऊँचे पदवालों को बुरा-भला कहना: धार्मिक नेतृत्व, न्याय और आचरण के प्रति कठोर आलोचना, जो आंतरिक विनम्रता और सतर्कता के बिना है।
क्रॉस-रेफरेंसेज़ — साथ ही उनके छोटे उद्धरण
ये संदर्भ बताते हैं कि उच्च पद और शक्ति के साथ क्या अपेक्षित आचरण है: आत्म-नियंत्रण, नम्रता, और विश्वास-आश्वासन से संचालित जीवन।
आज के संदर्भ में व्यवहारिक अनुप्रयोग
महत्वपूर्ण चिंतन — केवल एक संक्षेप सार
पतरस का संदेश है कि निर्बल-इच्छाओं के पीछे भागना और प्रभुता के सम्मान को कम समझना संसार की अराजकता को बढ़ाता है। अपने जीवन में ईश्वर के अधिकार और पवित्र जीवन की ऊँचाइयों को अपनाएं, ताकि आलोचना के समय भी धैर्य और सत्य के साथ खड़े रहें।
इस पाठ के लिए सुसंगत प्रेरणा: परिशुद्धता और नम्रता; प्रभुता के सम्मान से पीछे नहीं हटना; और जो भी उपन्यास आलोचना, उसे सत्य-जीवन के साथ संतुलित करना।