Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 पतरस 2:16 बाइबल पद की व्याख्या
2 पतरस 2:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
पर उसके अपराध के विषय में उलाहना दिया गया, यहाँ तक कि अबोल गदही ने मनुष्य की बोली से उस भविष्यद्वक्ता को उसके बावलेपन से रोका। (गिन. 22:26-31)
2 पतरस 2:16 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 पतरस 2:16 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

गिनती 22:21 (HINIRV) »
तब बिलाम भोर को उठा, और अपनी गदही पर काठी बाँधकर मोआबी हाकिमों के संग चल पड़ा।

सभोपदेशक 7:25 (HINIRV) »
मैंने अपना मन लगाया कि बुद्धि के विषय में जान लूँ; कि खोज निकालूँ और उसका भेद जानूँ, और कि दुष्टता की मूर्खता और मूर्खता जो निरा बावलापन है, को जानूँ।

सभोपदेशक 9:3 (HINIRV) »
जो कुछ सूर्य के नीचे किया जाता है उसमें यह एक दोष है कि सब लोगों की एक सी दशा होती है; और मनुष्यों के मनों में बुराई भरी हुई है, और जब तक वे जीवित रहते हैं उनके मन में बावलापन रहता है, और उसके बाद वे मरे हुओं में जा मिलते हैं।
2 पतरस 2:16 — तत्कालीन संदर्भ और आध्यात्मिक पाठ
यह पाठ एक उल्लेखित घटना के संदर्भ में आता है जब भविष्यवक्ता को गलत-भाष्य और आक्रोश के कारण पलटकर दिया गया। यहाँ “पर उसके अपराध के विषय में उलाहना दिया गया” वाक्य गूदे में परमेश्वर के संकेत-व्यवहार को उजागर करता है: भले ही दमन और अज्ञान के कारण कोई यथार्थवादी प्रतिफल नहीं दिखे, परन्तु परमेश्वर की दृष्टि में अविनय के परिणाम अवश्य सामने आते हैं। इस पंक्ति में अभिव्यक्त वास्तविकता यह है कि परमेश्वर अपने न्याय और सत्य के साथ चलता है, भले ही मनुष्यमय बोलियों में भ्रम पैदा हो या भविष्यद्वक्ताओं के साथ असहज परिस्थितियाँ बन जाएं।
परमेश्वर की शिक्षा और विश्वास पर स्पष्ट संकेत
इस पाठ से एक महत्वपूर्ण बात उभरकर आती है: परमेश्वर का बुलावा और वाचा नहीं टूटती। जब मनुष्य बोलियाँ और आचरण पथभ्रष्ट होते हैं, तब भी वह अपने काम को पूरा करता है और अपनी राह दिखाते रहता है। यदि कोई भविष्यद्वक्ता अपनी बातों में चूक कर दे, तो परमेश्वर उसकी बारीकियाँ सुधार देता है ताकि लोगों को सत्य का प्रकाश मिले। यह उद्धार के मार्ग को कड़े अभ्यास और पवित्रता के अनुरोध के रूप में दिखता है—जहाँ मानव त्रुटि भी परमेश्वर की योजना की पूर्णता में समाहित हो जाती है।
शब्दावलियाँ और चिह्न
• उलाहना: सुधार के लिए दी गई आलोचना; यहाँ यह दिखता है कि गलत व्यवहार पर ईश्वर की कसौटी कभी-अस्पष्ट नहीं रहती।
• अबोल गदही: गद्य में प्रयुक्त एक रूपक है जिसका उद्देश्य यह चित्रित करना है कि निर्बल और अविश्वसनीय प्राणी भी कभी-कभी दैवीय संदेश को रोक सकता है, परन्तु ईश्वर की योजना पर उसकी चोट नहीं पड़ती।
संबंधित पाठ
• प्रेरित-उद्धरण का न्याय: যहाँ परमेश्वर की योजना मानव निर्बलताओं के बावजूद आगे बढ़ती है।
• अन्य उद्धरण जो विश्वास को ठोस बनाते हैं: परमेश्वर अपने चयनित साधनों को काम में लाते हैं ताकि भलाई और पवित्रता बने रहें।
• (Cross-reference) भविष्यद्वक्ताओं के असत्य वक्तव्य पर परमेश्वर की आलोचना: ईश्वर के सत्य के साथ तुलना में मानव त्रुटियाँ प्रकट होती हैं; यह पाठ हमें चेतावनी देता है कि हमारी बातें सत्य के अनुरूप हों।
आधुनिक अनुप्रयोग
आज के विश्वासी के लिए यह शिक्षा है कि हम अपनी भाषा, बुद्धि और आचरण को सच और दयालुता के अनुसार बनाएं। हमारी बोली और कार्य मिलकर ईश्वर की महिमा दर्शाने चाहिए। जब कभी भरोसे का आचरण ढीला लगे, हमें स्मरण रखना चाहिए कि परमेश्वर की योजना पवित्रता से संचालित है और वह अपने लोगों को सत्य के उजाले में चलना सिखाता है।
यह नजीर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के विचारों के सहारे एकीकृत रूप से प्रस्तुत की गई है, ताकि पाठ के गहरे अर्थ सचेतित हों और व्यक्तिगत आचरण में बदलाव का प्रेरक बने।