Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 पतरस 2:3 बाइबल पद की व्याख्या
2 पतरस 2:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और वे लोभ के लिये बातें गढ़कर तुम्हें अपने लाभ का कारण बनाएँगे, और जो दण्ड की आज्ञा उन पर पहले से हो चुकी है, उसके आने में कुछ भी देर नहीं, और उनका विनाश उँघता नहीं।
2 पतरस 2:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 पतरस 2:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 कुरिन्थियों 2:17 (HINIRV) »
क्योंकि हम उन बहुतों के समान नहीं, जो परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं; परन्तु मन की सच्चाई से, और परमेश्वर की ओर से परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं*।

1 थिस्सलुनीकियों 2:5 (HINIRV) »
क्योंकि तुम जानते हो, कि हम न तो कभी चापलूसी की बातें किया करते थे, और न लोभ के लिये बहाना करते थे, परमेश्वर गवाह है।

व्यवस्थाविवरण 32:35 (HINIRV) »
पलटा लेना और बदला देना मेरा ही काम है, यह उनके पाँव फिसलने के समय प्रगट होगा; क्योंकि उनकी विपत्ति का दिन निकट है, और जो दुःख उन पर पड़नेवाले हैं वे शीघ्र आ रहे हैं। (लूका 21:22, रोमी. 12:19)
2 पतरस 2:3 का महत्व और संदर्भ
यह पद किसी भी तरह के धोखे और लालच की चेतावनी देता है जो कितने ही लोग ईमान को नष्ट कर सकते हैं। प्रेरित पतरस लिखते हैं कि कुछ ऐसे लोग होंगे जो लोभ के लिए शिक्षाओं को गढ़ेंगे—अपना लाभ उठाने के लिए धर्म का भिन्न-भिन्न रूप बनाएंगे—और इसके पीछे उनकी नीयत स्वार्थी रहेगी। साथ ही लिखते हैं कि दंड की घड़ी पहले से निर्धारित है, और उनका विनाश स्थिर गति से आना सुनिश्चित है। यह संदेश आज भी प्रासंगिक है क्योंकि हर पीढ़ी में ऐसे शिक्षकों का खतरा बना रहता है जो परमेश्वर की वचनशीलता की पवित्रता को भेद कर अपने हित लाभ के लिए अड़ाते हैं।
पर्व-परिप्रेक्ष्य और मूल संदेश
इस पाठक-संदेश में पतरस वह चेतावनी दे रहा है कि चयनित लोगों के समूह—जो स्वयं को ईमानदारी से दायित्व-विहीन, प्रभु के प्रति असंवेदनशील मानते हैं—लाभ के लिए छल-छद्म करेंगे। वे जहां विश्वासियों को भ्रमित करते हैं, वहीं नैतिक कानून और दायित्वों को भी दरकिनार कर देंगे। किन्तु परमेश्वर की न्याय व्यवस्था अटल है; जो कुछ उन्होंने किया है, उसका दुष्कर परिणाम निश्चित है।
मुख्य विचार
बाइबल के अन्य स्पष्ट ध्रुव
इस पाठ से जुड़े कुछ संकठ-प्रकाश एकत्र करते हैं ताकि विश्वासियों को सतर्क रहना अधिक स्पष्ट हो सके:
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि सतर्कता, पवित्र जीवन और सत्य की रक्षा सबसे बड़ा प्रतिरक्षण है जब लोग धन‑लाभ या मान-प्रतिष्ठा हेतु धर्म का उपहास करते हैं।
शीघ्र-उद्धारक cross-references
इन समूहों से समझ में आता है कि निष्कपटता और सच पर टिके रहने की आवश्यकता है:
इन क्रॉस-रेफरेंसेस से दृश्य स्पष्ट होता है कि गलत शिक्षाओं के विरुद्ध दृढ़ विश्वास, प्रार्थना, और नैतिकता की रक्षा कितनी महत्वपूर्ण है।
व्यावहारिक ध्यान और DEVotional reflection
हम सभी कभी-न-कभी ऐसे विचारों का सामना करते हैं—कितनी बार हमने भूलकर लाभ के लिए सत्य के संकेतों को नज़रअंदाज़ किया है? पतरस का संदेश हमें याद दिलाता है कि नैतिकता और ईमानदारी ही वास्तविक श्रद्धा की पहचान हैं। प्रभु की निष्ठा पर अडिग रहें, चाहे विद्वेषी शिक्षकों की हवा कैसे भी चली हो। विश्वास की राह पर चलना सरल नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर की न्याय-मीमांसा और दया-धारणाएं हमारे साथ हैं, ताकि हम धोखे में न पड़ें और अपने जीवन को पवित्र बनाकर उसकी महिमा बढ़ाएँ।
महत्वपूर्ण संकेत: इस commentary में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के द्वारा दी गई सूक्तियों के ठीक छोटे उद्धरण उपलब्ध नहीं हैं; इसलिए यहाँ उनके स्पष्ट उद्धरण नहीं जोड़े गए हैं।