Old Testament
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2 पतरस 2:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
ये लोग सूखे कुएँ, और आँधी के उड़ाए हुए बादल हैं, उनके लिये अनन्त अंधकार ठहराया गया है।
2 पतरस 2:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 पतरस 2:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहूदा 1:12 (HINIRV) »
यह तुम्हारी प्रेम-भोजों में तुम्हारे साथ खाते-पीते, समुद्र में छिपी हुई चट्टान सरीखे हैं, और बेधड़क अपना ही पेट भरनेवाले रखवाले हैं; वे निर्जल बादल हैं; जिन्हें हवा उड़ा ले जाती है; पतझड़ के निष्फल पेड़ हैं, जो दो बार मर चुके हैं; और जड़ से उखड़ गए हैं; (2 पत. 2:17, इफि. 4:14, यूह. 15:4-6)

यिर्मयाह 14:3 (HINIRV) »
उनके बड़े लोग उनके छोटे लोगों को पानी के लिये भेजते हैं; वे गड्ढों पर आकर पानी नहीं पाते, इसलिए खाली बर्तन लिए हुए घर लौट जाते हैं; वे लज्जित और निराश होकर सिर ढाँप लेते हैं।

इफिसियों 4:14 (HINIRV) »
ताकि हम आगे को बालक न रहें, जो मनुष्यों की ठग-विद्या और चतुराई से उनके भ्रम की युक्तियों की, और उपदेश की, हर एक वायु से उछाले, और इधर-उधर घुमाए जाते हों।
2 पतरस 2:17 पर टिप्पणी
यह पद उन लोगों के बारे में है जो दिखावा तो बहुत करते हैं, पर जीवन में वास्तविकता नहीं लाते। यहाँ दुष्ट मार्ग का परिणाम स्पष्ट रूप से बताने के लिए सूखे कुएँ और आँधी के उड़ाए हुए बादलों की उक्ति दी गई है—यानी वे आत्मिक भोजन से रहित, स्थिरता से मुक्त, और अंधकार में पड़े व्यक्ति हैं, जिनके पास न तो जीवन का प्रकाश है और न ही भरोसेमंद स्थायित्व। यह वचन चेतावनी के साथ एक आह्वान भी है कि ऐसे लोग पश्चात्ताप करें और सत्य के मार्ग पर लौटें।
पाठ का संक्षिप्त परिचय
पतरस के दूसरे अध्याय में प्रमाणित होता है कि विश्वासयोग्य प्रचारक के विपरीत कुछ लोग कितनी गहराई से धोखा दे सकते हैं और कैसे विनाशकारी प्रभाव डालते हैं। इस वाक्य में वे लोग वर्णित हैं जो इस विश्वासी समुदाय में दिखावे के साथ रहते हैं पर उनके आचरण दुष्ट और आत्म-स्वार्थी हैं, जो अंततः अंधकार में पड़े रहते हैं।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
मुख्य विचार यह है: शास्त्रोत्तर साक्ष्य और जीवन-नियम के विपरीत चलना अन्ततः नरकापेक्ष अंधकार और शुष्क जीवन देता है। उनके लिए “अनन्त अंधकार ठहराया गया है” का उल्लेख एक स्पष्ट चेतावनी है कि परमेश्वर उनका भाग नहीं बनते, और उनकी स्थिति स्थायी दुख का कारण है। यह वचन सुरक्षा के साथ सचेत करता है कि सत्यान्वेषी, दुष्ट प्रवृत्ति वाले लोग कबाड़े और शोहरत के पीछे भागते हैं, पर उनका विकल्प उन्हें परमेश्वर के समीप नहीं ले जाता।
अनुसंधान के संकेत: अन्य प्रकाशनों से संरेखण
एडम क्लार्क, अलबर्ट बार्न्स और Matthew Henry जैसी सार्वभौमिक-उद्धरणों के अनुसार, इन शब्दों में परमेश्वर की न्याय-प्रवृत्ति और दया का संतुलन दिखता है। उनके दृष्टिकोण में यह कहा गया है कि न तो इनमें विश्वस्तों के साथ सहानुभूति है, न ईमानदारी, और न ही वे स्थिरता दिखाते हैं—जो एक दूसरे के विरुद्ध दिशा में ले जाते हैं।
विषय-वस्तु की तुलना
Cross-reference संकेत: सतह पर दिखावे और वास्तविकता के भेद के बारे में रोम 2:19-23 या मत्ती 6:23 के नज़रिए से विचार करें; यह दर्शाता है कि अंदर से बाहर तक क्रम कैसे बदल सकता है। परंतु यहां पतरस सीधे बताता है कि जो लोग आत्म-स्वार्थी हैं, वे अंततः अंधकार में पड़ेंगे।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
इस वचन से सीख: हमारी प्रत्यक्ष आचरण और दिल की दिशा समान होनी चाहिए। सामुदायिक जीवन में दिखावा छोड़कर सच्ची निष्ठा और पवित्र जीवन जीना परमेश्वर की इच्छा है। यदि कोई व्यक्ति बार-बार गलत मार्ग पर चलता है, तो उसे सचेत रहना चाहिए और आशीष की दिशा में लौटना चाहिए।
संक्षेप
2 पतरस 2:17 में दुष्ट लोगों को सूखे कुएँ और अनंत अन्धकार से संबोधित कर कहा गया है कि उनके लिए जीवन में स्थायित्व नहीं है। यह एक कड़ी चेतावनी है कि सत्य के मार्ग से विचलन उनके आत्मिक दुर्बलता और विनाश का कारण बन सकता है, और परमेश्वर का न्याय उनके साथ रहेगा। साथ ही यह स्मरण कराता है कि सच्ची आस्था और जीवन-पथ में ईश्वर के प्रकाश के साथ रहने से ही स्थार्नता और उद्धार मिलती है।
उद्धरण संकेत: Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के विश्लेषण में समान बिंदु सामने आते हैं—दृष्टि का फर्जीपन और अंतरात्मा की असत्यता के कारण ऐसा जीवन अंधकार में रहता है।