Old Testament
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2 पतरस 2:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उनकी आँखों में व्यभिचार बसा हुआ है*, और वे पाप किए बिना रुक नहीं सकते; वे चंचल मनवालों को फुसला लेते हैं; उनके मन को लोभ करने का अभ्यास हो गया है, वे सन्ताप के सन्तान हैं।
2 पतरस 2:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 पतरस 2:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 पतरस 2:3 (HINIRV) »
और वे लोभ के लिये बातें गढ़कर तुम्हें अपने लाभ का कारण बनाएँगे, और जो दण्ड की आज्ञा उन पर पहले से हो चुकी है, उसके आने में कुछ भी देर नहीं, और उनका विनाश उँघता नहीं।

2 पतरस 2:18 (HINIRV) »
वे व्यर्थ घमण्ड की बातें कर करके लुचपन के कामों के द्वारा, उन लोगों को शारीरिक अभिलाषाओं में फँसा लेते हैं, जो भटके हुओं में से अभी निकल ही रहे हैं।

इफिसियों 2:3 (HINIRV) »
इनमें हम भी सब के सब पहले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएँ पूरी करते थे, और अन्य लोगों के समान स्वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
2 पतरस 2:14 — व्यभिचार के चक्र में फँसी आँखें और लोभपूर्ण मन
इस पद में पवित्र लेखक पतरस उन लोगों के प्रति आग उगलता है जो धार्मिक दिखावे के पीछे पाप को उकसा और बढ़ावा देते हैं। उनकी आँखों में व्यभिचार बसा हुआ है—यानी उनका दृष्टिकोण और आचरण पाप की दृश्यमानता से भरा है। वे पाप किए बिना रुक नहीं सकते, क्योंकि उनके मन लोभ से संचालित हैं और वे दूसरों को फुसला कर अपने लोभों की दिशा में मोड़ते हैं।
ग्रंथ के साहित्यिक प्रसंग (Literary Context)
पदोन्नत पाठ में पतरस उन ख्यातिप्राप्त से भी अधिक खतरे की ओर इशारा करते हैं जो मसीह के नाम का ढोल पीटते हैं, परन्तु आचरण में धोखा देते हैं। वे चंचल मनवालों को फुसला लेते हैं—यानी बाहरी पवित्रता के भीतर आंतरिक अस्थिरता और छल है। उनके “लोभ करने का अभ्यास” से यह स्पष्ट होता है कि उनका जीवन एक नियंत्रित पथ नहीं, बल्कि स्वार्थी खेल है जिसमें दूसरों को अपनी ओर खींचना उनका लक्ष्य बन गया है।
ट theological signficance (धार्मिक महत्व)
यह वाक्य परमेश्वर के सत्य-सत्यापन की आवश्यकता के बारे में है। हमारे विश्वास के पथ पर आने वाले धोखाधड़ी वाले नेता एक प्रकार के मानसिक और नैतिक मोड़ के प्रतिनिधि हैं, जो सच की आड़ में स्वयं की चाहत की पूर्ति करते हैं। पतरस का व्यवहारिक संदेश है: आलोचकों से भरे समाज में भी विश्वासयोग्य चिह्नों के साथ संतुष्ट न हों; पहचानें वे कौन हैं जो अपने हित के लिए परमेश्वर के मार्ग से भटकाते हैं।
Cross-references (आड़ संबंधी विचार)
इन क्रॉस-रेफरेंसेस का संगम यह है कि पाप के ठगे लोगों के विरुद्ध सत्यप्रकाश बनाए रखना परमेश्वर के लोगों के लिए अनिवार्य है, ताकि प्रेरित करने वाले धोखा न दे दें।
विचारण के प्रश्न (Questions for reflection)
संक्षिप्त निष्कर्ष
2 पतरस 2:14 हमें चेतावनी देता है कि भले ही कोई धार्मिक ढाँचा दिखे, आंतरिक मन लोभ, व्यभिचार और चंचलता से भर सकता है। पतरस के शब्द एक स्पष्ट आग्रह हैं: दिल से पवित्र रहने का अभ्यास करें, ताकि हम लोगों को धोखा देने वालों में न गिने जाएँ। विश्वासयोग्यों के लिए यह त्रुटिहीन मूल्य है—खुद पर काम करें, प्रकाश में चलें, और सत्य से विचलन न करें।
महत्त्वपूर्ण उद्धरणों के लिए: Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke से संबंधित शाब्दिक संकेत नीचे हैं जिन्हें संक्षेप में उद्धृत किया गया है: - Matthew Henry: “They have eyes full of adultery,” indicating a continual flirtation with sin. (सीधे टेक्स्ट नहीं उद्धृत; संदर्भ में संकलित संरचना) - Albert Barnes: पापी नेताओं का व्यवहार बाहरी पवित्रता के भीतर आंतरिक भ्रष्टाचार का प्रतीक है। - Adam Clarke: लोभ उनकी प्रेरणा बन गया है, जो दूसरों को अपनी दिशा में दिशा देता है।