Old Testament
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2 पतरस 3:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और हमारे प्रभु के धीरज को उद्धार समझो, जैसा हमारे प्रिय भाई पौलुस ने भी उस ज्ञान के अनुसार जो उसे मिला, तुम्हें लिखा है।
2 पतरस 3:15 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 पतरस 3:15 समानांतर पद और संबंधित वचन
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रोमियों 2:4 (HINIRV) »
क्या तू उसकी भलाई, और सहनशीलता, और धीरजरूपी धन* को तुच्छ जानता है? और क्या यह नहीं समझता कि परमेश्वर की भलाई तुझे मन फिराव को सिखाती है?

2 पतरस 3:9 (HINIRV) »
प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता*, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; वरन् यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले। (हब. 2:3-4)

1 तीमुथियुस 1:16 (HINIRV) »
पर मुझ पर इसलिए दया हुई कि मुझ सबसे बड़े पापी में यीशु मसीह अपनी पूरी सहनशीलता दिखाए, कि जो लोग उस पर अनन्त जीवन के लिये विश्वास करेंगे, उनके लिये मैं एक आदर्श बनूँ।
मुख्य व्याख्या
2 पतरस 3:15 में प्रेरित पतरस हमें यह स्मरण कराते हैं कि प्रभु के धीरज को उद्धार समझना चाहिए। पौलुस ने भी उसी ज्ञान के अनुसार जो उसे मिला, यह बात लिखी है—यानी विश्वासियों के लिए धैर्य और धीरज का महत्व स्वतंत्र रूप से नहीं, बल्कि उद्धारात्मक योजना के अंश के रूप में है। इस संदेश का केंद्र यह है कि परमेश्वर के समय-सूत्र में धीरज एक उद्देश्यपरक क्रिया है जो लोगों को प्रभु की मिसाल के अनुसार जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।
साहित्यिक संदर्भ
यह पद पतरस-प्रथम पत्र के उत्तरार्ध में है, जहाँ लेखक पवित्र-लेखन के महत्व और प्रभु यीशु की प्रतीक्षा के धैर्य की बात करते हैं। यह पाठक को विश्वासी जीवन के वास्तविक धैर्य की याद दिलाता है—जो केवल ज्ञान और प्रेम के साथ आशीषित रहता है।
धर्मशास्त्रीय महत्व
धैर्य का उद्धार से संबंध: धीरज वह पथ है जिस पर विश्वासयोग्य जीवन अविचल रहता है, भले ही परिस्थितियाँ विपरीत हों। उद्धार का ज्ञान—that is, ज्ञान of salvation—पौलुस के प्रेरणादायी उपदेशों से जुड़ा है, जिनमें यह स्पष्ट है कि परमेश्वर की कृपा का लक्ष्य सीमाओं से परे है। जैसे-जैसे हम प्रभु के धीरज को समझते हैं, हमारा मन शांत होता है और हम पवित्र जीवन की ओर बढ़ते हैं।
अन्य शास्त्रीय दृष्टिकोणों का संयोग
• मैथ्यू हेनी: धैर्य और उद्धार की क्रिया—धैर्य एक सक्रिय विश्वास है जो उद्धार के आश्वासन को पकड़ कर चलता है। धैर्य के साथ समझना—परमेश्वर की परम कृपा का विशिष्ट मार्ग।
• एलबर्ट बार्न्स: पतरस के शब्दों में धैर्य का मूल्य यह है कि यह चरित्र को निर्माण देता है और भविष्य की महिमा के लिए तैयारी करता है।
• एडम क्लार्क: ज्ञान के अनुसार लिखना यह दर्शाता है कि प्रेरित-पत्र के लेखक व्यक्तिगत अनुभव और प्रेरित ज्ञान के संयोजन से पाठक तक संदेश पहुँचाते हैं।
पवित्र शास्त्रों के साथ संबंध
Cross-reference 1: रोम 8:24-25—आशा में धैर्य से उद्धार की आशा बनती है; यह पतरस के संदेश के अनुरूप है कि धीरज के साथ हम परमेश्वर के प्रतिज्ञान को पकड़ते हैं।
Cross-reference 2: याकूब 5:7-8—धैर्य रखें; प्रभु के दिन आने तक टिके रहें; यह भी उद्धार के लक्ष्य की ओर संकेत करता है।
Cross-reference 3: हिब्रियों 6:12—उद्धार के लिए दृढ़ता से आशा रखना—धैर्य में स्थिर रहने का आग्रह, ताकि आपकी आस्तिकता पुष्ट हो।
विचार के लिए प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
हमारे प्रभु के धीरज को उद्धार समझना यह है कि परमेश्वर की योजना में धैर्य एक मार्गदर्शक है—वह हमें ज्ञान के साथ उपदेशित करता है कि उद्धार के समाचार तक पवित्रता, प्रेम और स्थिरता से पहुँचा जा सके। पतरस की यह चर्चा हमें प्रेरित करती है कि हम धैर्य रखें और विश्वास में दृढ़ हों, क्योंकि परमेश्वर का कार्य समय के बाहर नहीं, बल्कि उसकी करुणा से चलता है।
उद्धृत टिप्पणियाँ
अगर आप देखें: "और हमारे प्रभु के धीरज को उद्धार समझो"—यह पंक्ति सीधे पॉल के ज्ञान के अनुसार उद्धार के पूर्ण ज्ञान पर संकेत करती है।