नीतिवचन 6:26 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि वेश्यागमन के कारण मनुष्य रोटी के टुकड़ों का भिखारी हो जाता है, परन्तु व्यभिचारिणी अनमोल जीवन का अहेर कर लेती है।

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नीतिवचन 6:26 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 6:26 का संक्षिप्त संदर्भ और अर्थ

यह पद नीतिवचन के एक अंश में निश्चयतः सावधानी बरतने की चेतावनी देता है। यहाँ बताया गया है कि जीवन-वर्षा की दिशा में विवेकहीन निर्णय कैसे सीधे-सीधे भोग-वस्तु और मोह के कारण नुकसान पहुँचाते हैं। पहले भाग में वेश्या के संदर्भ से आर्थिक-नैतिक प्रभाव दर्शाए गए हैं; दूसरे भाग में तुरंत प्रतिफल—रोटी के लिए भिक्षा—की दशा और अंततः व्यभिचार की लीलात्मकता। समग्र सन्देश यही है कि सांसारिक लालच और शारीरिक लालच व्यक्ति को पतन और अभाव की ओर ले जाते हैं, जबकि ईश्वरीय योजना में ईमानदारी और संयम ही सुरक्षित मार्ग हैं।

मुख्य अर्थ

संदेश स्पष्ट है: वेश्यागमन जैसे पापी मार्ग समय पर सस्ते लाभ देता दिख सकता है, पर वह आत्मा के लिए भला नहीं कर सकता। मूर्त लाभ के पीछे नैतिक हानि और आत्मिक क्षति है। रोटी के टुकड़ों की भिक्षा इस बात को दिखाती है कि नश्वर आवश्यकताओं की तृप्ति पाने के लिए शारीरिक लालच विशेषकर वित्तीय-योजनाओं के साथ विकल्प बनाते हैं, तो न केवल मौजूदा स्थिति बल्कि भविष्य की सुरक्षा भी संकट में पड़ जाती है।

दो-तीन प्रमुख विषय

  • व्यभिचार की लालच बनाम जीवन की चेतना: यह पद प्रेरित करता है कि अल्पकालिक लालच स्थाई जीवन-सुख के स्थान पर नष्टि का स्रोत बन सकता है।
  • आर्थिक परिणाम बनाम नैतिक मूल्य: शारीरिक प्रवृत्ति अक्सर आर्थिक लाभ दिखाती है, पर उसका वास्तविक मूल्य अत्यंत अल्प होता है और नुकसान स्थायी होता है।
  • नैतिक दूरी और सुरक्षा: संयम और ईश्वर-भक्ति से राह साफ रहती है; बिना सोचे-समझे फैसलों से गिरावट होती है।

संबद्ध पाठ

चलचित्रित पाठ के साथ निम्न आयाम भी विचारणीय हैं:

  • नीतिवचन 5:3–4 में संकेत है कि चंचल शब्द और मधुर बातें कितनी देर तक मोह में बाँधे रखती हैं, पर अंत में कटु परिणाम मिलता है।
  • नीतिवचन 7:21–27 में प्रेमिका/यौन प्रत्यासा का पथ कैसे चालनहार के लिए घातक बन सकता है, इसका स्पष्ट चित्रण है।
  • याकूब 1:14–15 में इन्फ़रादे desires अक्सर पाप की ओर अग्रसर करते हैं और पाप के परिणाम में मृत्यु आती है।

इन संदर्भों में नैतिकता, आत्म-नियंत्रण और ईश्वर के साथ सम्बद्धता का महत्व साफ़ दिखता है।

व्यावहारिक विचार

- अपने निर्णयों में तत्काल लाभ बनाम दीर्घ-कालिक सम्मान के बारे में स्पष्ट सोच रखें।

- आर्थिक दबाव के समय भी वैध और नैतिक मार्ग ही चुने जाएं; सुरक्षा-योजना बनाकर नीतिपरायण खर्च करें।

- साथी और समुदाय से सहायता मांगना उचित है; अकेले न चलें, क्योंकि गलत मार्ग तुरंत दिख सकता है पर दुख दीर्घकाल तक रहते हैं।

कथन-आधार और समापन

इस पद में व्यभिचार की तीव्र आकर्षण वाले पथ की धमकी स्पष्ट है: उम्रभर की रोटी-भर की सुविधा के लिए भी नैतिक-आचार का त्याग न कर डालना चाहिए। नीतिवचन के संदर्भ में यह एक चेतावनी है कि व्यक्ति को शारीरिक लालच के भेदभावपूर्ण प्रभावों से सावधान रहना चाहिए और ईश्वर के मार्ग पर स्थिर रहना चाहिए।

संक्षिप्त निष्कर्ष

वेश्यागमन जैसे पापकर्म से मिलने वाला अस्थाई लाभ अंततः आत्मा की सुरक्षा और जीवन की अनमोलता पर भारी प्रश्नचिन्ह लगाता है। आत्म-नियंत्रण, ईश्वर-विश्वास, और नैतिक व्यवहार ही स्थायी जीवन की कुंजी हैं।

क्रॉस-रेफरेंसेस: नीतिवचन 5:3–4; नीतिवचन 7:21–27; याकूब 1:14–15 — सभी यह बताते हैं कि शारीरिक लालच कैसे लालच के साथ-साथ बुरी परिणतियाँ लाते हैं, पर ईश्वर के मार्ग पर चलना सुरक्षा और पवित्रता देता है।

नोट: इस पंक्ति में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरण आवश्यक होने पर नीचे उद्धृत किए जा सकते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 6:26 समानांतर पद और संबंधित वचन

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नीतिवचन 29:3 (HINIRV) »
जो बुद्धि से प्रीति रखता है, वह अपने पिता को आनन्दित करता है, परन्तु वेश्याओं की संगति करनेवाला धन को उड़ा देता है। (लूका 15:13)

लूका 15:30 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 15:30 (HINIRV) »
परन्तु जब तेरा यह पुत्र, जिस ने तेरी सम्पत्ति वेश्याओं में उड़ा दी है, आया, तो उसके लिये तूने बड़ा भोज तैयार कराया।’

1 शमूएल 2:36 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 2:36 (HINIRV) »
और ऐसा होगा कि जो कोई तेरे घराने में बचा रहेगा वह उसी के पास जाकर एक छोटे से टुकड़े चाँदी के या एक रोटी के लिये दण्डवत् करके कहेगा, याजक के किसी काम में मुझे लगा, जिससे मुझे एक टुकड़ा रोटी मिले।”

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