नीतिवचन 29:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जो बुद्धि से प्रीति रखता है, वह अपने पिता को आनन्दित करता है, परन्तु वेश्याओं की संगति करनेवाला धन को उड़ा देता है। (लूका 15:13)

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नीतिवचन 29:3 पद-दर-पद बाइबल टीका

या वचन का महत्त्व

नीतिवचन 29:3 में बुद्धि के साथ सम्बन्ध बनाना और अवांछित मार्ग से दूर रहना जीवन का दृढ़ मार्ग बताता है। यह verse पिता के स्थान में सम्मान, परिवार के सुख और ईमानदारी की महत्ता को रेखांकित करता है। साथ ही वेश्याओं की संगति वाले लोगों के लिए धन की खुशी अस्थायी होती है, क्योंकि नैतिकता का पलटा गया मूल्य अंततः नुक़सान देता है।

पद का मूल संदर्भ और पारिभाषिक अर्थ

यह श्लोक तीन विचारों पर केन्द्रित है: (1) बुद्धि से प्रेम और उसे अपनाने का उद्दीपन, (2) पिता के लिए सम्मान, (3) विपरीत पग पर चलने वाले संगति-चयन का नुकसान। पाठक को यह समझना चाहिए कि ज्ञान और पवित्र नैतिकता परिवार और समाज दोनों के लिए स्थिरता बनाते हैं, जबकि पतनशील साथी धन को उड़ा देते हैं, वह भी तब जब धन दिखावे के लिए हो।

प्रमुख संदेश

  • बुद्धि से प्रेम और उसकी खोज व्यक्ति के चरित्र को मजबूत बनाती है, जिससे पिता, परिवार और समुदाय की प्रतिष्ठा बढ़ती है।
  • अनैतिक संगति से धन का विनाश होता है; सत्संगति के बिना धन असुरक्षित होता है और अंततः खोया जाता है।

पवित्र ग्रंथ से सम्बन्धित सिद्धांत

यह उपदेश पाँच प्रमुख विषयों के साथ जुड़ता है:

  • यथार्थ बुद्धि बनाम जोखिमपूर्ण संगति — ज्ञान वह मार्ग है जो न सिर्फ खुद को बल्कि परिवार को भी सुरक्षित बनाता है।
  • पिता और पुत्र के रिश्तों में सम्मान — पितृत्व की मान्य परंपरा को बनाए रखना नैतिक जीवन का आधार है।
  • धन की परख — धन यदि धरणीय मार्ग से कमाया गया हो तो वह अस्थिर रहता है; नैतिकता के साथ धनी होना सर्वोत्तम लक्ष्य है।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त उद्धरण नहीं, केवल विचार)

• कोर प्रेरणा: नीतिवचन 4:7—ज्ञान पहले है, और बुद्धि की प्राप्ति में सफलता है;

• व्यक्ति-परिवार पर प्रभाव: मीन-जीवनशैली पर संयम का महत्त्व बताने वाले अन्य सिद्धांत;

• परदेशी मार्ग से दूरी: जीवन के क्षणभंगुर सुख बनाम स्थिर नैतिक जीवन के मूल्यांकन के बारे में विचार।

डिवोटनल फुर्सत

हर गृहस्थ और युवा पर यह बाध्यता है कि वे अपने मित्रों और मार्गदर्शकों के चयन में बुद्धि रखें। क्या हम ऐसे संबंध चुनते हैं जो हमारे पिता के सम्मान को बढ़ाते हैं, या वे जो धन को अस्थिर बनाते हैं? सत्य यह है कि आत्मीय मित्रों के साथ सत्य और ईमानदारी का मार्ग चलना जीवन-आनंद और शांति का स्रोत बनता है। परमेश्वर से सहायता मांगें ताकि आपकी बुद्धि निरंतर पवित्र राह में बढ़े और धन का लाभ भी नैतिक धरोहर बन कर रहे।

संक्षेप निष्कर्ष

नीतिवचन 29:3 हमको बताता है कि ज्ञान और नैतिक व्यवहार ही जीवन के वास्तविक धन हैं। पिता के लिए सम्मान और शुद्ध संगति का चयन, दो ऐसे पथ हैं जो परिवार के लिए स्थिरता और संतोष बनाते हैं।

आवश्यक संदर्भ-नोट

इस कृति में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों के संक्षिप्त उल्लेख आवश्यक रूप से समाहित किए गए हैं। नीचे सीधे उद्धरण नहीं दिए गए, पर उनके विचारों से प्रेरित एक संयुक्त प्रवाह प्रस्तुत किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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