Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
नीतिवचन 29:1 नीतिवचन 29:2 नीतिवचन 29:3 नीतिवचन 29:4 नीतिवचन 29:5 नीतिवचन 29:6 नीतिवचन 29:7 नीतिवचन 29:8 नीतिवचन 29:9 नीतिवचन 29:10 नीतिवचन 29:11 नीतिवचन 29:12 नीतिवचन 29:13 नीतिवचन 29:14 नीतिवचन 29:15 नीतिवचन 29:16 नीतिवचन 29:17 नीतिवचन 29:18 नीतिवचन 29:19 नीतिवचन 29:20 नीतिवचन 29:21 नीतिवचन 29:22 नीतिवचन 29:23 नीतिवचन 29:24 नीतिवचन 29:25 नीतिवचन 29:26 नीतिवचन 29:27



या वचन का महत्त्व
नीतिवचन 29:3 में बुद्धि के साथ सम्बन्ध बनाना और अवांछित मार्ग से दूर रहना जीवन का दृढ़ मार्ग बताता है। यह verse पिता के स्थान में सम्मान, परिवार के सुख और ईमानदारी की महत्ता को रेखांकित करता है। साथ ही वेश्याओं की संगति वाले लोगों के लिए धन की खुशी अस्थायी होती है, क्योंकि नैतिकता का पलटा गया मूल्य अंततः नुक़सान देता है।
पद का मूल संदर्भ और पारिभाषिक अर्थ
यह श्लोक तीन विचारों पर केन्द्रित है: (1) बुद्धि से प्रेम और उसे अपनाने का उद्दीपन, (2) पिता के लिए सम्मान, (3) विपरीत पग पर चलने वाले संगति-चयन का नुकसान। पाठक को यह समझना चाहिए कि ज्ञान और पवित्र नैतिकता परिवार और समाज दोनों के लिए स्थिरता बनाते हैं, जबकि पतनशील साथी धन को उड़ा देते हैं, वह भी तब जब धन दिखावे के लिए हो।
प्रमुख संदेश
पवित्र ग्रंथ से सम्बन्धित सिद्धांत
यह उपदेश पाँच प्रमुख विषयों के साथ जुड़ता है:
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त उद्धरण नहीं, केवल विचार)
• कोर प्रेरणा: नीतिवचन 4:7—ज्ञान पहले है, और बुद्धि की प्राप्ति में सफलता है;
• व्यक्ति-परिवार पर प्रभाव: मीन-जीवनशैली पर संयम का महत्त्व बताने वाले अन्य सिद्धांत;
• परदेशी मार्ग से दूरी: जीवन के क्षणभंगुर सुख बनाम स्थिर नैतिक जीवन के मूल्यांकन के बारे में विचार।
डिवोटनल फुर्सत
हर गृहस्थ और युवा पर यह बाध्यता है कि वे अपने मित्रों और मार्गदर्शकों के चयन में बुद्धि रखें। क्या हम ऐसे संबंध चुनते हैं जो हमारे पिता के सम्मान को बढ़ाते हैं, या वे जो धन को अस्थिर बनाते हैं? सत्य यह है कि आत्मीय मित्रों के साथ सत्य और ईमानदारी का मार्ग चलना जीवन-आनंद और शांति का स्रोत बनता है। परमेश्वर से सहायता मांगें ताकि आपकी बुद्धि निरंतर पवित्र राह में बढ़े और धन का लाभ भी नैतिक धरोहर बन कर रहे।
संक्षेप निष्कर्ष
नीतिवचन 29:3 हमको बताता है कि ज्ञान और नैतिक व्यवहार ही जीवन के वास्तविक धन हैं। पिता के लिए सम्मान और शुद्ध संगति का चयन, दो ऐसे पथ हैं जो परिवार के लिए स्थिरता और संतोष बनाते हैं।
आवश्यक संदर्भ-नोट
इस कृति में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों के संक्षिप्त उल्लेख आवश्यक रूप से समाहित किए गए हैं। नीचे सीधे उद्धरण नहीं दिए गए, पर उनके विचारों से प्रेरित एक संयुक्त प्रवाह प्रस्तुत किया गया है।