Old Testament
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नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतिवचन 29:8 पर उद्धृत विचार
यह उक्ति बताती है कि जो लोग ठट्ठा करते हैं या अराजकता फैलाते हैं, वे नगर को अशांत कर देते हैं; परन्तु बुद्धिमान वे जो रहते हुए क्रोध को ठंडा कर देते हैं और स्थिति को शांत रखते हैं। इस एक वाक्य में समाज में दो शक्तियों का संग्राम स्पष्ट है: उच्छृंखल उल्लास बनाम संयमित बुद्धिमत्ता।
पद के भीतर अध्याय के संदर्भ में
नीतिवचन के क्रम में यह सिद्ध करता है कि समूहों के नेताओं, विवेकशील लोगों और अशांत क्रोध के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। ठट्ठा या उपहास से लोग बिखर जाते हैं और समाज में दरारें बढ़ती हैं; जबकि बुद्धिमान धैर्यपूर्वक और संयम से समस्या को नियंत्रण में लाते हैं, जिससे समाज की नीतियाँ मजबूती पाती हैं।
मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा
अन्य बाइबल संदर्भों से सम्बन्ध
यह विचार दूसरों स्थलों पर भी मिलता है जहाँ क्रोध और हँसी के प्रभाव से समाज की दशा निर्भर होती है। उदाहरणतः
व्यावहारिक अनुप्रयोग
जीवन के छोटे-छोटे दायरे में देखें: घर में, कुटुम्बीय संगठनों में, कार्यस्थल पर। ठट्ठा, चुटकी या उकसाने वाले उकसावे से विवाद बढ़ते हैं; बुद्धिमान व्यक्ति क्रोध को ठंडा कर देता है, सुनते और समझते हुए समाधान ढूँढ़ता है। व्यवहार में:
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में)
1) नीतिवचन 15:1— सरल शब्दों में बताता है कि शांत उत्तर मूल्यांकन और सम्बन्धों को मजबूत बनाते हैं।
2) रोमियों 12:18— यदि सम्भव हो तो सभी के साथ शांति से रहने का प्रयास करें, यह भी क्रोध को नियंत्रण में रखने की सुविधा देता है।
3) याकूब 1:19— पहले सुनें, फिर बोलें, ताकि कोलाहल और विवाद से बचा जा सके।
संक्षिप्त सार
नीतिवचन 29:8 एक स्पष्ट स्मरण है कि समाज का टिके रहना उसे ठहाकों या उकसावे से नहीं, बल्कि बुद्धिमत्ता और शांत स्वभाव से संभव है। ठट्ठा करने वाले समुदाय को फूट डालते हैं, परन्तु जो क्रोध को नियंत्रित करते हैं और विचारपूर्वक व्यवहार करते हैं, वही छलकते हुए जलते आँधियों के बीच भी स्थिर रहते हैं।
संक्षिप्त समेकन
इस वाक्य का मूल पाठ्य उद्देश्य है— समाज में संतुलन बनाए रखें, क्रोध को ठंडा करें, और क्षेत्रीय/समुदायिक जीवन में विनम्रता के साथ निर्णय लें। यह संदेश हर मोड़ पर प्रासंगिक है और व्यक्तिगत चरित्र तथा सामाजिक आचार में मार्गदर्शक है।
उद्धरण-संदर्भ: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरो-टिप्पणियों के विशिष्ट शब्द यदि उपलब्ध हों, तो संक्षेप में उद्धृत समझौते के रूप में जोड़ा गया है।