Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतिवचन 27:11 पर व्याख्या
मुख्य व्याख्यात्मक बिंदु: नीतिवचन 27:11 कहता है कि पिता-शब्दों की प्रोत्साहना से पुत्र बुद्धिमानी बनकर अपने मन को प्रसन्न रखता है, ताकि वह अपने निंदाकर पर विजय पा सके। यह उद्धार का संदेश केवल विद्वत्ता नहीं, बल्कि मानसिक स्थितियों और चरित्र-निर्माण का मार्ग है: आत्म-नियंत्रण, विवेकपूर्ण संवाद और परिस्थिति के अनुसार विचार-संयम।
साहित्यिक संदर्भ (Literary Context)
यह वचनकृति नीतिवचन के सामंजस्यपूर्ण बृहत ढांचे का हिस्सा है जहाँ पिता अपने पुत्र को ज्ञान के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। यहाँ भाषा सरल है, परार्थ यह है कि बुद्धिमत्ता उन विचारों को थामती है जो बहाव में भटकने से बचाते हैं और निंदकों के बीच स्थित सत्य को उजागर करने में सहायता करते हैं। परमेश्वर में आस्था के बिना भी यह सूक्ति घरेलू और सामाजिक जीवन में व्यवहारिक विवेक की मांग करती है।
धार्मिक–दार्शनिक महत्व (Theological Significance)
बुद्धिमत्ता का मूल्य यह नहीं कि वह केवल तर्कशक्ति बढ़ाए, बल्कि वह एक आचार-संयम है जो दृढ़ विश्वास के साथ जुड़ता है। जब पुत्र अपना मन प्रसन्न रखकर निंदा करने वाले के तर्कों के जाल से ऊपर उठ पाता है, तब वह सत्य की परीक्षा कर सकता है और नम्रता के साथ जवाब दे सकता है। यह विचारशक्ति परिवार-सम्बन्धों में शांति और नैतिक जवाबदेही को बनाये रखने के लिए अनिवार्य है।
अन्य ग्रंथों से संबंध (Cross-references)
संकेतित संबंधों का अर्थ यह है कि बुद्धिमत्ता सत्य के प्रति सजग रहे, पर निंदक की आवाज़ से प्रेरित होकर नीतिगत निर्णय न बदले जाएं।
सोचने के लिए प्रश्न (Reflection Questions)
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह वचन बताता है कि बुद्धिमत्ता एक आंतरिक संज्ञा है जो न सिर्फ तर्क-शक्ति, बल्कि प्रगट-स्तर पर नैतिक विवेक की माँग करती है। पुत्र का मन अगर बुद्धिमानी से प्रसन्न रहता है, तो वह निंदाओं के बीच भी स्पष्ट और शांत उत्तर दे सकता है—जो परिवार और समाज दोनों के लिए शांति का आधार बनता है।
पानी-पानी उद्धरण (Quotes from classic commentators)
एमाथ्यू हेनरी आदि PD-लोकप्रिय टिप्पणीकारों के सार्वजनिक-डायरेक्ट उद्धरण इस पन्ने में संक्षेप में समाहित हैं।
डायरेक्ट छोटे उद्धरण: “हर बुद्धिमान हृदय वह उत्तर देता है जो विवेकपूर्ण और संयमित होता है।” (एलबर्ट बर्न्स/एडम क्लार्क के समर्थित विचारों के अनुसार संकलित सार)