Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतिवचन 27:6 — अर्थ का संक्षेप
यथार्थ मित्र की चोट बनी चोट है, परन्तु बैरी के प्रेम-चुम्बन अधिक भ्रमित और हानिकारक होते हैं। सार यह है कि सच्चे मित्र की आलोचना भी हितकर और सत्यापित होती है, जबकि धोखेबाज़ के मधुर व्यवहार से सावधान रहना चाहिए।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
नीतिवचन एक प्राचीन शिक्षात्मक संकलन है जिसे दावीद के पुत्र श्लोमोन्न ने एक संग दृश्य गूढ़ ज्ञान के साथ संकलित किया। इस पद में “घाव” द्वारा संकेत मिलता है कि मित्र की ईमानदार चोट प्रतिक्रिया से नहीं, बल्कि प्रेम-स्वरूप होनी चाहिए, ताकि मित्र के हित में सच सामने आ सके। इसके विपरीत “बैरी अधिक चुम्बन करता है” से चालाक चापलूसी का सवाल उठता है, जो दूरी बनाकर असलियत से भटकाती है।
व्याख्या के प्रमुख संकेत
प्रमुख निष्कर्ष (थीमैटिक कंटेंट)
अनुसरणीय क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप में)
- गलत तुष्टि से बचो: यह सिद्धांत अन्य स्थानों पर भी मिलता है जहां सजावट भरे वचन व्यवहार की गहराई नहीं दिखाते। सारांशतः यह संकेत देता है कि मीठी वाणी कभी-कभी असली परख से दूर ले जा सकती है।
- सच्ची दोस्ती की परख: जहां ईमानदारी और प्रेम साथ हों, वहां चोट भी रक्षक बनकर सामने आती है।
- धोखे से सावधान: चापलूसी वह मार्ग है जिसमें मित्रता का नक़ाब उतर सकता है।
संरेखित उद्धरण (एक-दो संदर्भित विचार)
यहाँ प्रत्येक टिप्पणी के साथ संगत पहचाने गए विचार नीचे दिए गए हैं:
मथ्यू Henry के विचारों के अनुसार, ईमानदार आलोचना परीक्षा की कठोरता है जिससे मित्रता मजबूत होती है।
अब्राम क्लार्क का संकलन दिखाता है कि चापलूसी, जब वह घातक निष्कर्ष में बदल जाए, तो वह मित्रता के स्थायित्व को कारावास बनाती है।
Albert Barnes के टिप्पणी-कथन से यह स्पष्ट होता है कि वास्तविक मित्र वही है जो प्रेम-पूर्ण सत्य बोलने से नहीं हिचकिचाता।
छोटा व्यवहारगत takeaway
यदि किसी के साथ व्यवहार मीठा और सुगंधित हो, परन्तु उसके इरादे में खोट हो, तो पहले उसकी मंशा को समझें; सही मित्र वही है जो सच बोले और अन्यथा धोखे से बचे।
हायमोलॉजी/सूक्ष्म संदर्भ
घाव— मित्र के हित के लिए आलोचना; चुम्बन— छल-चुप्पी भरा मीठा व्यवहार।