2 इतिहास 17:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इस कारण यहोवा ने राज्य को उसके हाथ में दृढ़ किया, और सारे यहूदी उसके पास भेंट लाया करते थे, और उसके पास बहुत धन हो गया और उसका वैभव बढ़ गया।

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2 इतिहास 17:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

2 इतिहास 17:5 का अर्थ: एक संदर्भ-आकलन

पद का संदर्भ यह बताता है कि यहोवा ने राजकीय दृढ़ता दी और यहूदा उसे सम Herz में भेंट देता गया, जिससे उसका धन और वैभव बढ़ गया। यह इतिहास-खंड उस समय की सत्ता-व्यवस्था और भौतिक समृद्धि के बीच के सम्बन्ध को उजागर करता है: परमेश्वर की सहायता से एक राजा का प्रभुत्व सुदृढ़ होता है, तथा उसके राज्यों में एक आर्थिक लाभ और सम्मान बढ़ता है।

केंद्रीय अर्थ

यहोवा के आशीष से देश के शासक के अधिकार मजबूत होते हैं, और उसके सामने भेंट-चढ़ाने वाले अभिन्न बन जाते हैं। यहाँ धन और वैभव का वृद्धि, एक विपुल फल के रूप में प्रस्तुत है जिसे परमेश्वर की कृपा की अभिव्यक्ति माना जा सकता है। यह दर्शाता है कि धार्मिक-आस्था और राजनीतिक सत्ता एक दूसरे से जुड़े हुए हो सकते हैं, पर यह कुरुवाणी यह भी याद दिलाती है कि यह सब परमेश्वर की कृपा से है, न कि किसी मनुष्य की महत्ता से।

दो-तीन प्रमुख विषय

  • परमेश्वर की सहायता से शासन-शक्ति दृढ़ होती है।
  • संपदा लोगन के प्रति इस संसार की सहज आकर्षण है, पर यह चेतावनी देता है कि धन के साथ एकाधिक जिम्मेदारियाँ भी आती हैं।
  • सफलता के साथ आध्यात्मिक सावधानी जरूरी है ताकि समृद्धि आत्म-गौरव या अभिमान में न बदल जाए।

संबद्ध अंश्तियाँ

– 2 इतिहास 16:9: परमेश्वर के समर्थ होने पर न केवल राजा बल्कि पूरे राष्ट्र पर असर पड़ता है।

– 2 इतिहास 18:3-4: सत्ता की सुरक्षा के लिए धर्म-साक्ष्य का महत्त्व बताता है कि राजा और प्रजा कैसे परमेश्वर के मार्गों पर चलें।

– 2 इतिहास 20:25: धन-सम्पदा के साथ कठोरता या स्वार्थ कहाँ तक नहीं जाता, इसका चेतावनी मिलती है।

व्यावहारिक विचार

आज हमारे लिए यह पाठ यह सिखाता है कि सफलता के पीछे एक ऐसी दुआ और आशीष होनी चाहिए जिसमें हम धन-स्तुति के स्थान पर परमेश्वर के उद्देश्य को प्राथमिक दें। अपनी संपत्ति को भगवान के राज्य-कार्य के लिए एक साधन समझें, न कि स्व-उत्कृष्टता का आधार बनाएं।

संक्षिप्त निष्कर्ष

2 इतिहास 17:5 में दिखती परमेश्वर की कृपा से राजा के अधिकार और संपत्ति का विकास एक चेतावनी भी है: धन-वैभव साथ लाता है कई उत्तरदायित्व, और प्रभु-भक्ति को बनाए रखना आवश्यक है। यह पाठ आज भी विश्वास और धन के बीच संतुलन बनाने की प्रेरणा देता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 इतिहास 17:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

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