2 इतिहास 34:26 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

परन्तु यहूदा का राजा जिसने तुम्हें यहोवा से पूछने को भेज दिया है उससे तुम यों कहो, कि इस्राएल का परमेश्‍वर यहोवा यह कहता है,

पिछला पद
« 2 इतिहास 34:25
अगला पद
2 इतिहास 34:27 »

2 इतिहास 34:26 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधे मतलब का सार

2 इतिहास (II Paralipomenon) 34:26 में ईश्वरीय संदेश है: यहूदा के राजा को बताने के लिए कि उनका राजा जो यहोवा से पुछवाने को भेज रहा है, उसे यह कहना है कि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यह कहता है कि जो निर्णय हुआ उसका उद्देश्य और न्याय वही निर्धारित करेगा।

पृष्ठभूमि

यह अध्याय योराम के शासनकाल के उत्तरार्ध में घटित घटनाओं की बुलेट-सी चित्रण करता है, जहाँ यर्मायाह या अन्य भविष्यवक्ता के संदेशों के बजाय राजा को यहोवा के विरूद्ध निर्णयों के परिणामों के संदर्भ में सीधे निर्देश दिए जाते हैं। यह पाठ यह दिखाता है कि परमेश्वर के लोग चाहे राजसी निर्णय लें या नहीं, पर वह उनके कार्यों के परिणामों से निर्देशित और उत्तरदायी है—और जो राजा यहोवा से पूछकर आ चुका है, उसे यह सचेत किया गया है कि परमेश्वर की योजना की परम उपस्थिति और न्याय को नहीं टाला जा सकता।

व्याख्या और आत्म-निरीक्षण

यहां संदेश का केन्द्र एक स्पष्ट निष्कर्ष है: परमेश्वर अपने चयनित लोगों के लिए न्याय और निर्णय की भाषा बोलता है। राजा के अभियान, निर्णय या आस्था के बावजूद परमेश्वर का कथन यही है: सच और न्याय की स्थितियाँ निर्धारित होंगी, और यहोवा के मार्ग के अनुसार ही आगे बढ़ेंगे। इसका आशय यह है कि धार्मिक नेताओं और राजा के लिए यह जरूरी है कि वे यहूदियों के परंपरागत विश्वास के अनुरूप उनकी दिशा पर खरे उतरें, न कि अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दें।

निःसंकोच पाठक-उद्धरण (सार्गर्भ)

मथ्यू हेन्री के विचारों के अनुसार यह संदेश परमेश्वर की नीति-निर्देशन की भूमिका को स्पष्ट करता है कि सत्ता के ठहराव और निर्णय भी परमेश्वर के आदेशों के अधीन होते हैं। अलबर्ट बार्न्स ने यह दर्शाया है कि परमेश्वर की योजनाओं के अनुसार पश्चाताप, सुधार और न्याय का क्रम आवश्यक है, ताकि लोग सचेत होकर अपने व्यवहार को बदले। एडम क्लार्क के अनुसार यहूदियों के राजाओं के संदर्भ में यह स्पष्ट संकेत है कि ईश्वर ऊँचे उद्देश्य के लिए शक्तिशाली निर्णयों को चलाते हैं, भले ही मानवीय विचार उसे समझ न पाएं। (इन उद्धरणों का संक्षेप संस्करण यहां उपलब्ध है; पूर्ण टेक्स्ट उद्धरण साइट पर देखें।)

क्रॉस-रेफरेंस और संक्षेप समझ

  • यशायाह 46:10 — परमेश्वर की योजनाओं का निर्धारण और उनके पूर्ण होना। व्याख्या में दर्शाता है कि परमेश्वर की योजना स्थिर है और अंत तक पूर्ण होगी।
  • नहूम 1:3 — प्रभु के प्रकोप के समय में भी न्यायधर्मी शासन और नियंत्रण का महत्त्व।
  • यहोशू 24:15 — अपने परिवार और राष्ट्र के लिए परमेश्वर की मार्गदर्शन स्वीकारने की प्रेरणा।

ये संदर्भ बताते हैं कि परमेश्वर की योजना का उद्देश्य सत्य और न्याय है, तथा मनुष्य के निर्णयों के बावजूद वह योजनाओं को आगे बढ़ाते हैं।

सीखने योग्य निष्कर्ष

  • राजा और जनता दोनों को यह याद रखना चाहिए कि परमेश्वर की योजना सर्वोपरि है और वही न्याय निर्धारित करेगा।
  • नीति और निर्णय के समय आत्म-निष्ठा, व्यवस्था-योग्यता, और धर्म-सत्य का पालन आवश्यक है।

संक्षिप्त निष्कर्ष

यह पद सीधे यह कहता है कि जो भी निर्णय परमेश्वर के जवाबदारी और मार्गदर्शन के अनुसार होगा, वही सही है। राजा के संदेश का उद्देश्य यही है कि परमेश्वर की योजना के अनुरूप आचरण किया जाए और उत्तरदायित्व समझा जाए।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 इतिहास 34:26 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

2 इतिहास 34:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 इतिहास 34:21 (HINIRV) »
“तुम जाकर मेरी ओर से और इस्राएल और यहूदा में रहनेवालों की ओर से इस पाई हुई पुस्तक के वचनों के विषय यहोवा से पूछो; क्योंकि यहोवा की बड़ी ही जलजलाहट हम पर इसलिए भड़की है कि हमारे पुरखाओं ने यहोवा का वचन नहीं माना, और इस पुस्तक में लिखी हुई सब आज्ञाओं का पालन नहीं किया।”

2 इतिहास 34:23 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 इतिहास 34:23 (HINIRV) »
उसने उनसे कहा, “इस्राएल का परमेश्‍वर यहोवा यह कहता है, कि जिस पुरुष ने तुमको मेरे पास भेजा, उससे यह कहो,

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें