2 इतिहास 34:28 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

सुन, मैं तुझे तेरे पुरखाओं के संग ऐसा मिलाऊँगा कि तू शान्ति से अपनी कब्र को पहुँचाया जाएगा; और जो विपत्ति मैं इस स्थान पर, और इसके निवासियों पर डालना चाहता हूँ, उसमें से तुझे अपनी आँखों से कुछ भी देखना न पड़ेगा'।” तब उन लोगों ने लौटकर राजा को यही सन्देश दिया।

पिछला पद
« 2 इतिहास 34:27
अगला पद
2 इतिहास 34:29 »

2 इतिहास 34:28 पद-दर-पद बाइबल टीका

अर्थ का सीधे-साफ इरादा

यह पद यह बताता है कि वह ऐतिहासिक पोस्ट-script है जहाँ हर राजा को उत्तर-जीवन मिलता है: यदि वे ईश्वर के आदेशों के अनुसार चलेंगे और यदि उनका हृदय ईश्वर के साथ होगा, तो परमेश्वर उन्हें शांति से अपनी कब्र तक पहुँचाने देगा और आने वाली विपत्तियाँ उन्हें दिखेंगी नहीं।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

2 इतिहास 34 में यिशायाह के समय की पुनर्स्मृति-कार्यक्रम का दृश्य है, जब राजा यशाओं ने (या उनके समय के अनुसार) मूर्तिपूजा से लौटकर परमेश्वर के मंदिर की मरम्मत और विधि-पालन शुरू किया। इस संदर्भ में ईश्वरीय चेतावनियाँ और आशीषें प्रकट होती हैं: अगर वे परमेश्वर के वचन पर चलेंगे, तो उनके जीवन में शांति होगी; अन्यथा विपत्ति हाथ लगेगी।

मुख्य विचार-व्यूह

  • आशीष बनाम असुरक्षा: भगवान का वादा है कि यदि तू शांति से अपनी कब्र तक पहुँचेगा, तो विपत्ति जो इस स्थान पर डाली जाएगी, उसे तुझे नहीं देखना पड़ेगा।
  • कब्र तक की शांति: मृत्यु के बाद की सुरक्षा भी वर्तमान बनती है—ईश्वर के साथ स्थिरता में विश्राम मिलता है।
  • हाँक-डर के बिना निर्णय: इस संदेश का मूल अर्थ है—ईश्वर के विकल्पों के सामने मनुष्यों को आश्वस्त किया गया है कि वे विपत्तियों के डर के बजाय परमेश्वर की योजना पर भरोसा रखें।

अनुवादित टिप्पणियाँ (संदर्भित विचार)

Matthew Henry और Albert Barnes के सार्वजनिक-डायम-टिप्पणियों से मिलते-जुलते संकेत इस प्रकार—

Henry का नज़रिया: यह वचन एक प्रेरणादायक निष्कर्ष है कि न्याय-नियोजन के अनुसार जीवन बिताने से अंत में शांति और सुरक्षा मिलती है।

Barnes का नज़रिया: राजा के लिए आशीर्वाद तब उभरेगा जब वह मंदिर के अनुसार कार्य करे और परमेश्वर की इच्छा की पूर्ति करे।

Adam Clarke का दृष्टिकोण: विपत्ति के समय भी ईश्वर की योजना में विश्वास रहने से मृत्यु के बाद भी विनम्रता और शांति मिलती है।

अन्य प्रचलित cross-reference (संकेत-तुलना)

1) अन्यथा स्थान: यदि तुम मेरे नियमों के अनुसार नहीं चलोगे, तो यह स्थान और निवासियों पर एक कड़ा प्रभाव डालेगा—यह विचार सुनो।

2) विरासत और शांति: ईश्वर के साथ समर्पण से परिवार और राष्ट्र में स्थिरता बनी रहती है।

3) मंदिर के पुनर्निर्माण से जुड़ी प्रतिज्ञा: मंदिर-केन्द्रित जीवन से आस्था और नैतिकता बनाए रहती है।

संक्षिप्त thematic take-away

- ईश्वर के वचन के अनुसार जीवन यापन से भीतर की शांति और बाहरी सुरक्षा मिलती है।

- विपत्ति के समय भी परमेश्वर के संरक्षण की आशा बनी रहे, विशेषकर मर्यादा-पालन के संदर्भ में।

- पति, राजा या नेता के लिए यह संदेश है कि धार्मिक-आचरण से राज्य-कल्याण जुड़ता है।

व्यावहारिक नतीजा

आज्ञा-पालन, पवित्रता-जीवन और जन-कल्याण के लिए विश्राम की दिशा में चलें। यदि व्यवहारिक रूप से ईश्वर के नियमों पर चलकर लोगों के साथ दयालु और न्यायपूर्ण व्यवहार रखें, तो मुश्किल समय में भी आंतरिक शांति बनी रहेगी।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 इतिहास 34:28 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

2 इतिहास 35:24 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 इतिहास 35:24 (HINIRV) »
तब उसके सेवकों ने उसको रथ पर से उतारकर उसके दूसरे रथ पर चढ़ाया, और यरूशलेम ले गये। वहाँ वह मर गया और उसके पुरखाओं के कब्रिस्तान में उसको मिट्टी दी गई। यहूदियों और यरूशलेमियों ने योशिय्याह के लिए विलाप किया।

भजन संहिता 37:37 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 37:37 (HINIRV) »
खरे मनुष्य पर दृष्टि कर और धर्मी को देख, क्योंकि मेल से रहनेवाले पुरुष का अन्तफल अच्छा है। (यशा. 32:17)

यशायाह 57:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 57:1 (HINIRV) »
धर्मी जन नाश होता है, और कोई इस बात की चिन्ता नहीं करता; भक्त मनुष्य उठा लिए जाते हैं, परन्तु कोई नहीं सोचता। धर्मी जन इसलिए उठा लिया गया कि आनेवाली आपत्ति से बच जाए,

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें