यशायाह 57:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

धर्मी जन नाश होता है, और कोई इस बात की चिन्ता नहीं करता; भक्त मनुष्य उठा लिए जाते हैं, परन्तु कोई नहीं सोचता। धर्मी जन इसलिए उठा लिया गया कि आनेवाली आपत्ति से बच जाए,

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यशायाह 57:1 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 57:1—सूचित कर दे कि धर्मी क्या स्थिति में हैं

“… धर्मी जन नाश होता है, और कोई इस बात की चिन्ता नहीं करता; भक्त मनुष्य उठा लिए जाते हैं, परन्तु कोई नहीं सोचता। धर्मी जन इसलिए उठा लिया गया कि आनेवाली आपत्ति से बच जाए,”

पाठ का तात्पर्य और तत्काल परिदृश्य

इस पद में यशायाह भविष्यवाणी के एक दुखद प्रसंग को उद्घाटित करता है। समाज में जब अत्याचार, पाप और नैतिक गिरावट बढ़े, धर्मी लोग अक्सर दुनिया से चले जाते हैं—परन्तु लोग पीछे देख कर भी उनके निर्धारित लक्ष्य को नहीं समझते। यहाँ “उठा लिया जाना” का भाव शारीरिक मृत्यु के साथ-साथ परमेश्वर की नीति व चयन के कारण धार्मिक जीवन के कारण लौटते संकेत भी दे सकता है। यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर के सामने धर्मी जीवन का मूल्य एक ऐसे समय पर भी उजागर होता है जब संसार उसे समझ नहीं पाता।

ईश्वर पर क्या प्रकाश डालता है

यह टेक्स्ट धार्मिक नैतिकता और दयालुता के साथ-साथ ईश्वर की न्यायसत्ता को उभारता है। धर्मी का नाश होने का उल्लेख यह बताता है कि संसार की नजर में वे अक्सर नज़रअंदाज या भुला दिए जाते हैं, परन्तु ईश्वर उनके लिए एक उद्देश्य रखते हैं—कभी-कभी यह उद्देश्य है कि वे आगामी संकट से बचे रहें या उनकी मृत्यु वैसी परिस्थिति में हो जो परमेश्वर की व्यवस्था के अनुसार उचित हो। यह दिखाता है कि परमेश्वर लोगों की स्थिति से प्रभावित होते हैं, परंतु उनका मार्ग गुप्त रहता है ताकि उनका विश्वास और निर्भरता बने रहे।

महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टीकरण

  • — वे जो ईश्वर के अनुसार चलते हैं, परखा जाते हैं, और समाज के विपरीत परिस्थितियों में भी उनका विश्वास नहीं डिगता।
  • — यहाँ केवल शारीरिक मृत्यु नहीं, बल्कि सांसारिक सुरक्षा के क्षय और भौतिक-आश्रय की कमी को भी दर्शाता है; साथ ही यह संकेत देता है कि परमेश्वर की योजना के अनुसार कुछ धर्मी ऐसे समय पर मरण तक पहुँचते हैं ताकि दुष्टों की सत्ता पर निर्णायक प्रभाव हो।
  • — यह कल्पना दिखाती है कि कैसे परमेश्वर धर्मियों को समय-समय पर उनके समय पर उठाते हैं—चाहे वे शारीरिक रूप से उठें या उनके जीवन में किसी तरह का मोड़ आये ताकि वे आनेवाली आपत्ति से बचें या उनकी भूमिका स्पष्ट हो जाए।

अन्य सम्बन्धित बाइबल वचन

इन विचारों के साथ संपूर्ण बाइबल में कुछ समान विचार मिलते हैं:

  • परेशानी के समय परमेश्वर का संरक्षण—उद्धृत संदर्भों के संकेत अवश्य दें, परन्तु पूर्ण पाठ नहीं दोहराते।
  • धर्मियों के लिए परमेश्वर की योजना—कभी-कभी उन्हें आस्थावान परीक्षण से गुजरना पड़ता है ताकि उनसे उपज सकें।
  • धर्म की दृढ़ता बनाये रखने की प्रेरणा—स्थिति चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हो, परमेश्वर की ओर स्थिर विश्वास बनाए रखना चाहिए।

इनमें से कुछ विचार पुराने दायरे के अर्थ से जुड़ते हैं और हमारे दैनिक जीवन में विश्वास की स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रेरित करते हैं।

आज के संदर्भ में व्यावहारिक अनुप्रयोग

  • कठिन समय में भी धार्मिकता बनाए रखें: समाज के दबाव या दुर्घटनाओं के बीच ईश्वर में विश्वास मजबूत करें।
  • मृत्यु अथवा संकट को भी ईश्वर के नियंत्रण में मानें: जीवन के अनिश्चित क्षणों में आशा और नम्रता बनाए रखें।
  • सदाचार और नैतिकता के लिए दीन-हीन लोगो की चिंता करें: धार्मिक समुदाय में सत्य और न्याय के मार्ग पर कदम बढ़ाते रहें।

मैथ्यू हेनरी, अॅल्बर्ट बॉर्न्स, एडम क्लार्क से सार-संक्षेप उद्धरण

इस सूची में निहित सार को हू-ब-हू उद्धृत नहीं किया गया है, परन्तु यदि आवश्यक हो तो वे वार्ता के भीतर समान विचार के अनुसार संक्षेप में समाहित किए जा सकते हैं। नीचे केवल व्यावहारिक संदर्भ के हिस्से में संक्षिप्त संकेत दिए जाते हैं:

मैथ्यू हेनरी: “धर्मी संसार की कठिनाइयों के बावजूद रक्षा पाते हैं, और उनके जीवन का उद्देश्य परमेश्वर की महिमा है।”

अॅल्बर्ट बॉर्न्स: “धर्मियों का उठना—जो कुछ भी हो—परमेश्वर की योजना के अनुसार होता है, ताकि बुरे समय में भी सत्य बना रहे।”

एडम क्लार्क: “प्रतिकूल परिस्थितियाँ धर्मी की परीक्षा बन जाती हैं और ईश्वरीय व्यवस्थाओं से उनके भाग्य का खुलासा होती है।”

यदि आप इन विचारों को और गहराई से पढ़ना चाहें, तो प्राचीन टिप्पणियाँ एक पथ-प्रदर्शक की तरह मदद करती हैं, परन्तु नया पाठन अपने समय के अनुसार भी जीवन्त रहना चाहिए।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 57:1 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

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इसलिए देख, मैं ऐसा करूँगा, कि तू अपने पुरखाओं के संग मिल जाएगा, और तू शान्ति से अपनी कब्र को पहुँचाया जाएगा, और जो विपत्ति मैं इस स्थान पर डालूँगा, उसमें से तुझे अपनी आँखों से कुछ भी देखना न पड़ेगा।'” तब उन्होंने लौटकर राजा को यही सन्देश दिया।

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सुन, मैं तुझे तेरे पुरखाओं के संग ऐसा मिलाऊँगा कि तू शान्ति से अपनी कब्र को पहुँचाया जाएगा; और जो विपत्ति मैं इस स्थान पर, और इसके निवासियों पर डालना चाहता हूँ, उसमें से तुझे अपनी आँखों से कुछ भी देखना न पड़ेगा'।” तब उन लोगों ने लौटकर राजा को यही सन्देश दिया।

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