यशायाह 11:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब यिशै* के ठूँठ में से एक डाली फूट निकलेगी और उसकी जड़ में से एक शाखा निकलकर फलवन्त होगी। (प्रेरि. 13:23, यिर्म. 23:5, प्रका. 22:16)

पिछला पद
« यशायाह 10:34
अगला पद
यशायाह 11:2 »

यशायाह 11:1 पद-दर-पद बाइबल टीका

// Yashaya 11:1 का संप्रेषण और संदर्भ

यशायाह 11:1 में भविष्यवाणी यिशै के ठूँठ (यिशै की पेड़) से एक शाखा के फूट कर निकलने की वाटिका है, जो अंततः फलवन्त होगी। यह ठहराव पूर्ववर्त्तन के समय से एक प्रतीक है: यहोवा की वचन-प्रेरित योजना में दाऊद के घर से एक राजा का उभरण। संदर्भ में यह अध्याय मन्नत-प्रभूय के आने के संकेत देता है, जब दाऊद के कुल से एक अति-विशिष्ट शासक उठेगा और शांति, न्याय, और पूर्ण नए निर्माण का नेतृत्व करेगा।

विचारणीय संदर्भ: यह भविष्यवाणी 7:14, 9:6-7 के समान पवित्र आशाओं से जुड़ी है और 53 अध्याय की सेवक-व्यथा के चित्रों के साथ गूंजती है। 11:1 के संकेत में यीशु मसीह के आगमन की प्रतीकात्मक पूर्वसूचना भी अनुभव होती है, जहाँ दाऊद की वंशावली से आकाशीय किनारे पर एक नई शाखा उठती है।

मुख्य अर्थ

यह वचन यिशै के घराने से आने वाले राजकुमार के आगमन की आशा को स्पष्ट करता है— एक ऐसा नेता जो “तुम्हारे लिए बनियादी और न्यायपूर्ण शासन” का संकेत देगा। शाखा के रूप में चित्रित, वह छोटा और साधारण आरम्भ हो कर भी विशाल फल देगी; उसका प्रभाव लोक-कल्याण, न्याय, और पवित्रता में दिखेगा।

तीन प्रमुख थीम

  • व्यवस्था और न्याय का नया शासन: शाखा से उत्पन्न शासन पूर्णता और सुरक्षा लाएगा।
  • अन्यजातियों के साथ एकता: शुद्धता और शांति का राज विश्व को एक करेगा।
  • आत्म-बंधन और पुनर्जन्म: एक छोटी आरम्भ से बड़े परिवर्तन का आरम्भ होता है— ईश्वरीय योजनाओं का क्रम।

सटीक cross-references

- प्रेरित संदर्भ में 13:23 और 23:5, जहां दाविद के घर से आने वाले के रूपक और शान्ति-राज का चित्र है।

- यिर्म 23:5 और प्रकाशित वचन 22:16, जो नई शाखा की राजसी भूमिका और उद्धार के आनन्द को पुष्ट करते हैं।

नीचे के संदर्भ केवल विचारार्थ क्रॉस-रेफरेंसेज हैं; पूर्ण पद नहीं उद्धृत किए गए:

व्यावहारिक विचार

हम अपने दैनिक जीवन में यह सीख सकते हैं कि कैसे छोटे आरम्भ बड़े परिणाम बनाते हैं— ईश्वर के वचन और आशीर्वाद से प्रेरित आस्था आज के निर्णयों में क्रियान्वित हो सकती है। यदि हम भी शाखा से जुड़ें, तो हमें भी ताजगी, करुणा और न्याय-परक कार्यों में सहभागी बनना चाहिए।

संक्षिप्त समापन

यशायाह 11:1 की यह भविष्यवाणी एक अत्यंत स्वागतयोग्य संकेत है— दाऊद के घर से एक शाखा निकलकर विश्व में शांति और उद्धार का द्वार खोलेगा। यह न केवल एक ऐतिहासिक संदर्भ है, बल्कि मसीह के आगमन के आशायुक्त रूपक भी दर्शाती है, जो अंततः सभी देशों को एक करते हुए परमेश्वर के राज्य की सुदृढ़ स्थापना करेगा।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 11:1 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

जकर्याह 6:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
जकर्याह 6:12 (HINIRV) »
और उससे यह कह, 'सेनाओं का यहोवा यह कहता है, उस पुरुष को देख जिसका नाम शाख है, वह अपने ही स्थान में उगकर यहोवा के मन्दिर को बनाएगा। (यशा. 4:2)

प्रकाशितवाक्य 5:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रकाशितवाक्य 5:5 (HINIRV) »
इस पर उन प्राचीनों में से एक ने मुझसे कहा, “मत रो; देख, यहूदा के गोत्र का वह सिंह, जो दाऊद का मूल है, उस पुस्तक को खोलने और उसकी सातों मुहरें तोड़ने के लिये जयवन्त हुआ है।” (उत्प. 49:9, यशा. 11:1, यशा. 11:10)*

यिर्मयाह 23:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 23:5 (HINIRV) »
“यहोवा की यह भी वाणी है, देख ऐसे दिन आते हैं जब मैं दाऊद के कुल में एक धर्मी अंकुर उगाऊँगा*, और वह राजा बनकर बुद्धि से राज्य करेगा, और अपने देश में न्याय और धर्म से प्रभुता करेगा।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें