Old Testament
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जकर्याह 6:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और उससे यह कह, 'सेनाओं का यहोवा यह कहता है, उस पुरुष को देख जिसका नाम शाख है, वह अपने ही स्थान में उगकर यहोवा के मन्दिर को बनाएगा। (यशा. 4:2)
जकर्याह 6:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 6:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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जकर्याह 3:8 (HINIRV) »
हे यहोशू महायाजक, तू सुन ले, और तेरे भाईबन्धु जो तेरे सामने खड़े हैं वे भी सुनें, क्योंकि वे मनुष्य शुभ शकुन हैं सुनो, मैं अपने दास शाख को प्रगट करूँगा। (जक. 6:12, यिर्म. 33:15)

यशायाह 11:1 (HINIRV) »
तब यिशै* के ठूँठ में से एक डाली फूट निकलेगी और उसकी जड़ में से एक शाखा निकलकर फलवन्त होगी। (प्रेरि. 13:23, यिर्म. 23:5, प्रका. 22:16)

यशायाह 4:2 (HINIRV) »
उस समय इस्राएल के बचे हुओं के लिये यहोवा की डाली, भूषण और महिमा ठहरेगी, और भूमि की उपज, बड़ाई और शोभा ठहरेगी। (यिर्म. 23:5, यशा. 27:6, यूह. 1:14)
जकरयाह 6:12 — संदेश और संदर्भ
इस पद का immediate setting युक्ति के क्रम में माना जाता है: यजमानों के लौटने के बाद, यहोवा के लोग लौट-कर बसेरे और मंदिर के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जकरयाह अध्याय 6 में स्वर्गीय दर्शन और संदेशों का संग्रह है जो मिस्र-सीत और उद्धार के भरोसे के साथ मन्दिर की पुनर्निर्माण प्रक्रिया को प्रेरित करते हैं। इस verse में “वह व्यक्ति जिसका नाम शाख है” की पहचान कर के, यहोवा कहता है कि वह अपने ही स्थान में उगकर मन्दिर को बनाएगा।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ से स्पष्ट बातें
- यहोवा अपने उद्देश्य को स्पष्ट करता है कि वास्तुकला या औचित्य merely नहीं, बल्कि एक स्थायी परिणाम—मंदिर के पुनः निर्माण के माध्यम से—धर्मपरायणता का केंद्र बनेगी।
- “सेनाओं का यहोवा” वैश्विक शासन और कर्तव्य के साथ जुड़कर, फिरौती के समय में भी विश्वसनीयता प्रदान करता है।
महत्वपूर्ण शब्दों/चिह्नों की स्पष्टता
- “उस पुरुष को देख जिसका नाम शाख है”—यह एक प्रतीक है। “शाख” का आशय दयालु राज-दरबार की नई पीढ़ी या प्रत्यक्ष अस्थापित शाखा से है, जो मन्दिर के पुनर्निर्माण और ईश्वर की योजना की पूर्ति करेगी।
- “अपने ही स्थान में उगकर”—यह स्थिरता और निरंतरता की बात है; प्रतिज्ञा के अनुसार शाख अपनी तथा ईश्वर के मन्दिर की स्थिति में स्थापित होगा।
संबंधित सूक्तियाँ (Cross-references)
पुनरावलोकन: आधुनिक अनुप्रयोग
- विश्वासियों के लिए यह संदेश है कि परमेश्वर की योजना एक स्थिर गति से आगे बढ़ती है। हमारे जीवन के बुनियादी ढांचे—आस्था, समुदाय, और सेवाघरों—ईश्वर के मन्दिर के रूप में बने रहने चाहिए।
- विश्राम में, यह बताता है कि कठिन समय के बाद भी परमेश्वर की शक्तिशाली योजना सक्रिय है; शाख जैसे विकास की प्रतीक्षा में, समुदाय एकता और उद्देश्य के साथ आगे बढ़े।
नोट: ऐतिहासिक-उद्धरण संकेत
अगर आवश्यक हो, Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरण उनके सार्वजनिक-domain टिप्पणियों से चयनित होते हैं। उपयोगिताओं में सूचित उद्धरणों के रूप में नीचे बताए गए हैं:
व्याख्या-सार: यह पाठ शाख-छवि के माध्यम से मन्दिर-निर्माण के नव-युग की घोषणा करता है; यह नया राजकुमार, शाख, के द्वारा सम्पादन होगा और वही मंदिर पुनः स्थापित करेगा।
उद्धरण नोट: आप चाहें तो मैं Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संकलित शब्दों से संक्षिप्त, स्पष्टीकृत उद्धरण दे सकता हूँ; वे सार्वजनिक-डोमेन हैं और इस पाठ के साथ उपयुक्त होंगे।