Old Testament
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जकर्याह 9:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हद्राक देश के विषय में यहोवा का कहा हुआ भारी वचन जो दमिश्क पर भी पड़ेगा। क्योंकि यहोवा की दृष्टि मनुष्य जाति की, और इस्राएल के सब गोत्रों की ओर लगी है;
जकर्याह 9:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 9:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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आमोस 1:3 (HINIRV) »
यहोवा यह कहता है: “दमिश्क के तीन क्या, वरन् चार अपराधों के कारण मैं उसका दण्ड न छोड़ूँगा*; क्योंकि उन्होंने गिलाद को लोहे के दाँवनेवाले यन्त्रों से रौंद डाला है।

यिर्मयाह 49:23 (HINIRV) »
दमिश्क के विषय, “हमात और अर्पाद की आशा टूटी है, क्योंकि उन्होंने बुरा समाचार सुना है, वे गल गए हैं; समुद्र पर चिन्ता है, वह शान्त नहीं हो सकता।

जकर्याह 9:1 का संक्षेप परिचय और संदर्भ
यह वचन यहोवा के विरुद्ध हद्राक देश के विषय में है, और दमिश्क पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। प्रस्थान-उद्धार के बड़े योजना के भीतर यह वचन परमेश्वर की दृष्टि önce और यहूदियों तथा अन्य जातियों के भाग्य के बारे में है। जकर्याह के वक्तव्य निरंतर यह निष्कर्ष प्रस्तुत करते हैं कि परमेश्वर की योजना विश्वव्यापी है, और सत्ता-स्वामी होने के साथ-साथ वह दया और न्याय दोनों दिखाते हैं।
मुख्य अर्थ
पुष्ट रूप से कहा गया है कि यहोवा की दृष्टि मनुष्यों के संसार पर है, विशेषकर इस्राएल के सभी गोत्रों पर। इसका आशय यह है कि परमेश्वर अपनी भविष्यवाणियों में इशारे करते हुए उन देशों के बारे में भी बोलता है जहाँ राजनीतिक सत्ता और शक्तियाँ परिवर्तनशील हैं; पर His sovereign plan remains firm. हद्राक और दमिश्क जैसे साम्राज्यों को भी वह चिह्नित करता है ताकि उनकी नीति और आचरण के अनुसार परिणाम सामने आएं।
तीन प्रमुख थीम
संबद्ध पाठ
- इब्राहीमिक वचन और दूसरे तीर्थस्थलों की न्याय-आकांक्षा से मिलता-जुलता विचार यह है कि परमेश्वर सीमाओं से परे शासन करते हैं।
- परिणामस्वरूप, इस्राएल के लिये सुरक्षा और चेतावनी दोनों एक साथ हैं; अन्य राष्ट्रों के लिए भी चेतावनी और आशा की किरण है।
- अन्य संदर्भ जो इस विचार को आगे बढ़ाते हैं: यहोवा की दृष्टि विश्व वस्तुओं पर है; पैग़ंबरों के संदेशों में न्याय और उद्धार दोनों का संतुलन रहता है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
हम यह सीखें कि संसार की सत्ता परिवर्तनशील है, लेकिन परमेश्वर की योजना स्थिर है। आज भी कठिन समय में हमें विश्वास करना है कि परमेश्वर के बड़े उद्देश्य में हमारी स्थिति एक उद्देश्यपूर्ण भाग है—चाहे वह हमारी सांस्कृतिक-राजनीतिक स्थितियों के भीतर हो या बाहर। प्रार्थना और विश्वास के साथ हम उसकी योजना के अनुसार व्यवहार करें, दया और न्याय के साथ अपने पड़ोसी के लिए कार्य करें।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त विवेचन)
– अन्य देशों के बारे में परमेश्वर की दृष्टि को दर्शाने वाले पाठ: चाहे विदेशी सत्ता हो या सीमित क्षेत्र, परमेश्वर का निर्णय सर्वोपरि है।
– पुराने नियम में न्याय और उद्धार का संतुलन: परमेश्वर के निर्णयों में दया और नीति दोनों साथ चलते हैं।
संक्षेप निष्कर्ष
जकर्याह 9:1 में यहोवा की दृष्टि सभी जातियों पर है और यह दर्शाता है कि परमेश्वर की योजना वैश्विक है—सूत्र-बल और न्याय का संगम। इसकी गहराई से सीख यह है कि भय तथा आशा दोनों के बीच विश्वसनीय निष्ठा हमारे जीवन का मार्गदर्शक बनना चाहिए।
आत्म-समीक्षा के लिए एक छोटा-सा पथ: अपने जीवन में जहाँ भी प्रभु की योजना स्पष्ट न दिखे, वहाँ सत्य, करुणा और समुदाय के साथ कदम बढ़ाएं; परमेश्वर की सत्ता पर भरोसा बनाए रखें और अपने घर-परिवार, पड़ोस एवं समुदाय के लिए निष्ठापूर्वक दया दिखाते रहें।