Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीजकर्याह 9:10 बाइबल पद की व्याख्या
जकर्याह 9:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
मैं एप्रैम के रथ और यरूशलेम के घोड़े नष्ट करूँगा; और युद्ध के धनुष तोड़ डाले जाएँगे, और वह अन्यजातियों से शान्ति की बातें कहेगा; वह समुद्र से समुद्र तक और महानद से पृथ्वी के दूर-दूर के देशों तक प्रभुता करेगा। (इफि. 2:17, भज. 72:8)
जकर्याह 9:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
जकर्याह 9:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

होशे 2:18 (HINIRV) »
और उस समय मैं उनके लिये वन-पशुओं और आकाश के पक्षियों और भूमि पर के रेंगनेवाले जन्तुओं के साथ वाचा बाँधूँगा, और धनुष और तलवार तोड़कर युद्ध को उनके देश से दूर कर दूँगा; और ऐसा करूँगा कि वे लोग निडर सोया करेंगे।

होशे 1:7 (HINIRV) »
परन्तु यहूदा के घराने पर मैं दया करूँगा, और उनका उद्धार करूँगा; उनका उद्धार मैं धनुष या तलवार या युद्ध या घोड़ों या सवारों के द्वारा नहीं, परन्तु उनके परमेश्वर यहोवा के द्वारा करूँगा।” (तीतु. 3:4-5)

2 कुरिन्थियों 10:4 (HINIRV) »
क्योंकि हमारी लड़ाई के हथियार शारीरिक नहीं, पर गढ़ों को ढा देने के लिये परमेश्वर के द्वारा सामर्थी हैं।
जकर्याह 9:10 का संदर्भ–संक्षिप्त परिचय
यह वचन मसीह के आशीर्वादपूर्ण राज की प्रतिज्ञा का चिन्ह है। नबी यिर्मयाह-ने ऐसा कहा था कि परमेश्वर अपने चुने हुए लोगों के लिए भविष्य में शांति का राज स्थापित करेगा; जकर्याह के संदर्भ में यह राजवीय शक्ति और युद्ध-उन्मूलन के साथ जुड़कर आता है। इस वाक्य में प्रभु अपने देश-देश के बीच से युद्ध-संधारणों को हटाकर शांति और सार्वभौमिक शासन की शुरुआत करते हैं।
मूल संदेश का सार
परमेश्वर अपने चुने हुए लोगों के लिए बाहरी संघर्षों को कम करेगा—एप्रैम के रथ, यरूशलेम के घोड़े, युद्ध के धनुष टूटेंगे—ताकि वह एक-एक राष्ट्र के भीतर शांति से राज करे। यह निजामत का मूल्यांकन नहीं, बल्कि लोगों के बीच एक नई, सामंजस्यपूर्ण व्यवस्था का संकेत है।
मुख्य विषय (केंद्र-बिंदु)
संदर्भित पाठ से जुड़े विचार
इफिसियों 2:17—जो शांति के संदेश को उद्धृत करता है, वह बताता है कि प्रभु ने अलग-अलग समुदायों के बीच शांति स्थापित करने का मार्ग बनाया। भज 72:8—राज्य की वैश्विकता और न्यायपूर्ण शासन की आशा स्पष्ट करता है।
पश्चात्ताप और प्रत्यक्ष अभ्यास
दिल को युद्ध-उन्मुख रवैये से मुक्त कर, विश्वासियों को यह सीखना चाहिए कि परमेश्वर का राज शब्दों से अधिक, जीवन-सुविधाओं और न्यायपूर्ण व्यवहार के द्वारा स्थिर होता है। आपसी शत्रुता को त्यागकर दूसरों के लिए सुरक्षा और सहायता बनें; इससे समुदाय में शांति फैलती है, और प्रभु की सत्ता स्पष्ट होती है।
खंड-चिन्ह/क्रॉस-रेफरेंस
- मसीह के शांति-राज की घोषणा: इफ्त. 2:14-18 (पुनः उद्धार के कारण सब के बीच एकता।)
- विश्वव्यापी शासन का प्रतीक: भज.72 (जहाँ न्याय और समानता विश्वभर में फैली रहने की आशा दर्शाता है।)
- परमेश्वर के राज्य की सुरक्षा: सभोपदेशक 3:11 की तरह समय और बाधाओं के बीच उद्देश्य की खोज।
संक्षेप-निष्कर्ष
जकर्याह 9:10 हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए युद्ध-उन्मूलन और शांति के राज की स्थापना कर रहे हैं। यह राज केवल बाहरी विजय नहीं, बल्कि आंतरिक बदलाव, न्यायप्रिय शासन और सभी राष्ट्रों के साथ एक सांस बनकर रहने का संकेत है। इस सूत्र से पता चलता है कि प्रभु की योजना में शक्ति और शांति एक साथ चलते हैं, और उनकी राजसी अधिकारिता हर दिशा तक पहुँचती है।
एडम क्लार्क के अनुसार यह समय-बोध हमें यह बताता है कि परमेश्वर की शक्ति विधिवत रूप से शांति में परिणत होती है, जब धनुष आदि टूटे जाते हैं; अहङ्कार और युद्ध-धनुष की सीमाओं का समाप्त होना उद्धार के साथ जुड़ा है। (Adam Clarke, commentary on Zechariah 9:10)
मैथ्यू हेनरी के अनुसार यह संदेश यह दिखाता है कि ईश्वर के राज्य के भीतर सेनापतियों की औपचारिकता नहीं, बल्कि नम्रता और न्यायपूर्ण राज्य-व्यवस्था मानकीकृत होंगी। (Matthew Henry, commentary on Zechariah 9:10)
अल्बर्ट बार्न्स ने कहा कि विषय-विशेष में शांति का महान उद्देश्य यह है कि इतिहास के सभी वर्ग एक साथ आकर परमेश्वर के राज्य की वास्तविकता को अनुभव करें। (Albert Barnes, notes on Zechariah 9:10)