Old Testament
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जकर्याह 13:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
“उसी दिन दाऊद के घराने और यरूशलेम के निवासियों के लिये पाप और मलिनता धोने के निमित्त एक बहता हुआ सोता फूटेगा।
जकर्याह 13:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 13:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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भजन संहिता 51:2 (HINIRV) »
मुझे भलीं भाँति धोकर मेरा अधर्म दूर कर, और मेरा पाप छुड़ाकर मुझे शुद्ध कर!

यूहन्ना 1:29 (HINIRV) »
दूसरे दिन उसने यीशु को अपनी ओर आते देखकर कहा, “देखो, यह परमेश्वर का मेम्ना* है, जो जगत के पाप हरता है। (1 पत. 1:19, यशा. 53:7)

यहेजकेल 36:25 (HINIRV) »
मैं तुम पर शुद्ध जल छिड़कूँगा, और तुम शुद्ध हो जाओगे; और मैं तुमको तुम्हारी सारी अशुद्धता और मूरतों से शुद्ध करूँगा। (इब्रा. 10:22)
जकर्याह 13:1 — उसी दिन दाऊद के घराने और यरूशलेम के निवासियों के लिये पाप और मलिनता धोने के निमित्त एक बहता हुआ सोता फूटेगा
सूत्रगत स्थिति का परिचय
यह पद यह बताता है कि एक विशिष्ट “उसी दिन” के समय पाप और मलिनता के प्रतीकात्मक ध्वंस-प्रभाव से छूटकारा आएगा। यह समय एक धार्मिक पुनर्गठन का है, जहाँ दाऊद के घराने और यरूशलेम के निवासियों के लिए पाप का दोष धोया जाएगा। यह दाऊद की राजशाही और परमेश्वर की पवित्र संस्था से जुड़ी उम्मीदों को पुनर्जीवित करता है।)
पवित्रता और विश्वास के बारे में पाठ क्या सिखाता है
यह वचन बताता है कि पाप के दाग से मोक्ष केवल परमेश्वर के उद्धारक योजना के भीतर संभव है—एक प्रायश्चित और शुद्धिकरण का आयोजन, जो देवता की करुणा और न्याय दोनों को संतुलित करता है। ‘बहता हुआ सोता’ एक दृढ़ चित्र है जो पाप के कारण उत्पन्न मलिनता को साफ करने के लिए एक क्रियात्मक चिरकालिक चिह्न देता है। यह उसी दिन के सामाजिक-धार्मिक उथल-पुथल का संकेत है जब देवता अपने लोगों को पवित्र बनाने के लिए क्रिया करेगा।
शब्दों और चित्रों की समझ
- बहता हुआ सोता: पाप के मलिन प्रभाव के निराकरण के लिए परमेश्वर द्वारा दी जाने वाली शुद्धि की विशेषता। यह रक्तपुण्य या पवित्रता की व्यापक अवधारणा के साथ है कि “क़ुर्बानी” और “प्रायश्चित” के माध्यम से पाप का दोष दूर होता है।
- पाप और मलिनता: यह केवल अपराध का दोष नहीं बल्कि आंतरिक पाप-प्रवृत्ति और सामाजिक अशुद्धियों का संकेत है; इसे धोना दर्शाता है कि परमेश्वर पाप को कहे अनुसार ही मिटाने को इच्छुक है।
अनुसंधान-संबंधी क्रॉस-रेफरंसेस
- यशायह 1:16-17 — परमेश्वर पवित्र बन जाने के लिए कर्म और उद्धार की पद्धति प्रस्तुत करता है, और बहाव-धोई जैसा परिवर्तन दिखाता है।
- मलेकाय 3:3 — परमेश्वर अपने लोगों के लिए आचरण-शुद्धि की प्रक्रिया की बात करता है, ताकि वे ठीक तरीके से न्याय करे और साक्षी बनें।
- 1 कुरिन्थियों 6:11 — प्रार्थना से पाप-धोई और पवित्र होना संभव है; पाप के दाग से मुक्त होना नया जन्म-संबंध की निशानी है।
पवित्र शास्त्रीय टिप्पणीकारों से संचित दृष्टिकोण (संकीर्ण संक्षेप)
हम देखते हैं कि पुराने धर्म-संदर्भ में पाप और मलिनता की धुलाई एक आशा-चाँद की तरह है—एक दिव्य योजना जिसके अंतर्गत उद्धारक आकर समाज के भीतर पवित्रता बहाल करेगा। इस वचन-चित्र को देखते हुए Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के विचारों के सार को उचित रूप में समाहित किया गया है, ताकि पाठक को एक समेकित दृष्टि मिले:
उद्धार की यह प्रक्रिया परमेश्वर की करूणा और सत्य के साथ मिलकर चलती है; यह न केवल अपराध-दोष को काटता है बल्कि लोगों के मानसिक-आचार-व्यवहार को भी फिर से गढ़ती है।
“हे परमेश्वर, तू दया-युक्त और न्यायप्रिय है; तू अपने लोगों को पवित्र बना कर उन्हें सही मार्ग पर चलता छोड़ता है।”
व्यावहारिक आज-का अनुप्रयोग
संक्षेप निष्कर्ष
उस दिन का संदेश यह है कि परमेश्वर अपनी योजना के अनुसार पाप की मलिनता को धो डालने के लिए एक प्रेरक क्रिया करेगा—दाऊद के घराने और यरूशलेम के निवासियों के लिए भी। यह पवित्रता, उद्धार और नये जीवन की बहाली का संकेत है, जो हर युग के विश्वासियों के लिए आज भी महत्वपूर्ण है।
उद्धृत संदर्भ: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के मौलिक विचारों के सार को समन्वित किया गया है; यदि किसी जगह उनके विशिष्ट उद्धरण उपलब्ध हों तो वही स्पष्ट रूप से चिन्हित किए गए हैं।