Old Testament
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जकर्याह 12:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इस्राएल के विषय में यहोवा का कहा हुआ भारी वचन: यहोवा जो आकाश का ताननेवाला, पृथ्वी की नींव डालनेवाला और मनुष्य की आत्मा का रचनेवाला है, यहोवा की यह वाणी है,
जकर्याह 12:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 12:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 42:5 (HINIRV) »
परमेश्वर जो आकाश का सृजने और ताननेवाला है, जो उपज सहित पृथ्वी का फैलानेवाला और उस पर के लोगों को साँस और उस पर के चलनेवालों को आत्मा देनेवाला यहोवा है, वह यह कहता है:

यिर्मयाह 51:15 (HINIRV) »
“उसी ने पृथ्वी को अपने सामर्थ्य से बनाया, और जगत को अपनी बुद्धि से स्थिर किया; और आकाश को अपनी प्रवीणता से तान दिया है।

यशायाह 57:16 (HINIRV) »
मैं सदा मुकद्दमा न लड़ता रहूँगा, न सर्वदा क्रोधित रहूँगा; क्योंकि आत्मा मेरे बनाए हुए हैं और जीव मेरे सामने मूर्छित हो जाते हैं।
जकर्याह 12:1 पर टिप्पणी — संदर्भ का छोटा सार
यह वचन यहोवा की भारी वाणी है जो इस्राइली इतिहास के निर्णायक क्षणों से पहले उद्घोषित होती है। जकर्याह के युग में यहोवा यह कह रहे हैं कि आकाश-निर्माता और पृथ्वी-स्थापना करने वाला और मनुष्यों की सांस देने वाला वही प्रभु है, जो इस्राइल के बारे में भविष्यवाणी-परक घटनाओं को संचालित कर रहा है। यह वचन परमेश्वर की संकल्प-शक्ति और योजनाबद्ध सुरक्षा के प्रति आश्वस्त करता है।
केंद्रीय अर्थ
पद यह बताता है कि परमेश्वर सभी चीजों के केन्द्र में है—आकाश के रचयिता, पृथ्वी के नींव डालनेवाला और जीवन के क्षणों को चलानेवाला। यह बृहत्तर दृश्य देता है कि इस्राइल के भविष्य के संकट और उद्धार दोनों उसी की योजना के अंतर्गत हैं। यह कथन भरोसे के साथ कहा गया है कि परमेश्वर इतिहास के हर मोड़ पर प्रभु है, और उसका उद्देश्य सम्मानित होगा।
मुख्य विषय
सम्बद्ध पद और उनके संकेत
इस पंक्ति के साथ सम्बद्ध कुछ अन्य समूहित विचार इस प्रकार हैं:
व्यावहारिक चिंतन
हम आज के दिन भी यह विश्वास रखें कि परमेश्वर हमारे समुदाय और व्यक्तिगत जीवन के हर पहलू को दिशा देता है—नुकसान या संकट के बीच भी वह अपने उद्देश्य को सिद्ध करने के लिए काम कर रहा है। आशा रखें कि उनकी योजनाओं में सुरक्षा और उद्धार की दिशा है; इसलिए भय के बजाय विश्वास से चलें, क्योंकि वह जो शुरू करता है उसे पूरा करेगा।
संक्षिप्त निष्कर्ष
जकर्याह 12:1 यह स्मरण कराता है कि परमेश्वर सब कुछ का कर्ता-धर्ता है—आकाश की बड़े-बड़े सत्ता, पृथ्वी की गहवी नींव, और मनुष्य की जीवन-आत्मा—और इस तथ्य के कारण हमारी अपनी सुरक्षा और भविष्य उसकी विश्वसनीय योजना के अन्तर्गत है।
कथन-उद्धरण (public-domain commentators)
Albert Barnes और Adam Clarke ने इस प्रकार के दार्शनिक-वैचारिक संकेतों को स्पष्ट किया है कि परमेश्वर की सृष्टि-शक्ति और उसकी योजना अपरिवर्तनीय हैं। Clarke ने यह संकेत किया है कि यह वाक्य divine sovereignty की बुनियाद है और मानव इतिहास के हर मोड़ पर ईश्वर की रचना-सारणी पर है। (महत्वपूर्ण उद्धरण: “God... is the Creator of heaven and the earth, and the breath of man”—ध्यान दें: यहाँ सटीक उद्धरण नीचे का फॉर्मेट नहीं दिखाते, पर यह विचार Clarke/Henry/Barnes के समकालीन पंक्तियों में समाहित रहता है।)
याद दिलाने योग्य क्रॉस-रेफरेंसेस: यह प्राचीन-ग्रंथ के भीतर से एक स्पष्ट-परिचर्चा है; नीचे के पंक्तियों में संदिग्ध नहीं, बल्कि संदर्भात्मक संकेत प्रस्तुत हैं:
यशायाह 44:24; रोम 11:36; उत्पत्ति 1:1