Old Testament
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जकर्याह 12:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उस समय यरूशलेम में इतना रोना-पीटना होगा जैसा मगिद्दोन की तराई में हदद्रिम्मोन में हुआ था। (प्रका. 16:16)
जकर्याह 12:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 12:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 राजाओं 23:29 (HINIRV) »
उसके दिनों में फ़िरौन-नको नामक मिस्र का राजा अश्शूर के राजा की सहायता करने फरात महानद तक गया तो योशिय्याह राजा भी उसका सामना करने को गया, और फ़िरौन-नको ने उसको देखते ही मगिद्दो में मार डाला।

2 इतिहास 35:24 (HINIRV) »
तब उसके सेवकों ने उसको रथ पर से उतारकर उसके दूसरे रथ पर चढ़ाया, और यरूशलेम ले गये। वहाँ वह मर गया और उसके पुरखाओं के कब्रिस्तान में उसको मिट्टी दी गई। यहूदियों और यरूशलेमियों ने योशिय्याह के लिए विलाप किया।
जकर्याह 12:11 — तत्कालीन ustaw and संकेत
यहोवा के भविष्यद्वक्ता जकर्याह इस समय यरूशलेम के भीतर या उसके निकट एक महान आंसुओं के चिह्न का दृश्य प्रस्तुत करते हैं। उस समय यरूशलेम में इतने गम्भीर रोते-पीटने की स्थिति होगी कि मगिद्दोन की तराई के समय हदद्रिम्मोन में जैसा हाल हुआ था, वैसा ही उत्पन्न होगा। यहाँ “हदद्रिम्मोन” वह स्थल है जिसे मगिद्दोन के युद्ध के साथ जोड़ा गया है; यह एक प्रतीक है उस व्यापक विह्वलता और तीव्रता की, जो उस परिवर्तनकारी दिन की नयी स्थिति में उभरकर आयेगी। यह उद्धरण उद्धार के दिन के अत्यन्त गम्भीर धार्मिक और सामुदायिक क्रंदन को संकेत करता है।
ईश्वर, विश्वास और पाठ का गूढ़ पाठ
यह वाक्य ईश्वर की नीति के अनुरूप अत्यंत भावुक, परन्तु न्यायपूर्ण क्रिया-प्रणाली को उद्घाटित करता है। विश्वास में यह बात स्पष्ट करती है कि उद्धार के दिन न केवल बाहरी पाप-निवारण होगा, बल्कि आंतरिक मन-संयम और समुदाय की आत्म-स्वीकृति का बड़ा आह्वान होगा। इसे पढ़ते समय विचार करें कि दुःख-समयानुसार लोग अपने पाप-घृणा और परमेश्वर के प्रति समर्पण को अनुभव करते हैं; यह एक पवित्र संकल्प का समय है, जिसमें ईश्वर अपने लोगों के लिए एक मंच बनाते हैं ताकि वे अपने दोषों को पहचानें और उनके भीतर से उद्धार की आशा खोजें।
महत्वपूर्ण शब्दों और imagery के स्पष्टीकरण
अनुशंसित cross-references (संक्षेप सार)
इन संदर्भों का उद्देश्य यह है कि पाठक समझें कि क्यों आंतरिक परिवर्तन और समुदाय के क्रंदन दोनों एक साथ आते हैं, ताकि परमेश्वर के राज्य की स्थापना हो सके।
आज के लिए अनुप्रयोग
नोट: नीचे उद्धृत छोटे वक्तव्य यदि उपलब्ध हों, तो वेMatthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियों से लिए गए हैं: - "क्रंदन में भी परमेश्वर की कृपा की रोशनी रहती है" (कथा-सार)।