यशायाह 42:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

परमेश्‍वर जो आकाश का सृजने और ताननेवाला है, जो उपज सहित पृथ्वी का फैलानेवाला और उस पर के लोगों को साँस और उस पर के चलनेवालों को आत्मा देनेवाला यहोवा है, वह यह कहता है:

पिछला पद
« यशायाह 42:4
अगला पद
यशायाह 42:6 »

यशायाह 42:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 42:5 का संक्षिप्त परिचय

यह वचन परमेश्वर की सार्वभौमिक सत्ता, रचना और जीवनरक्षा का उद्घोष है। यशायाह भविष्यद्वक्ताओं में से एक ऐसा संदेश देता है जो यह दर्शाता है कि सृष्टि की कृति, आकाश, पृथ्वी और उसे चलाने वाले सभी जीव-जन्तु—सब वही परमेश्वर की करुणा और विधि के अधीन हैं। यह उद्धार की योजना के स्वर में है: जो ब्रह्माण्ड की रचना, उसकी सत्ता और सांसों की कृपा देता है, वही यहोवा है।

पाठ के संरचनात्मक संदर्भ

यह अध्याय 42 येशु मसीह के संदर्भों से जुड़ा हुआ है, जिसमें यहोवा अपने दूत-नायक के रूप में विश्व-चेतना को सम्बोधित करता है। वचन-5 में परमेश्वर स्वयं को आकाश-स्तर से नीचे तक और पृथ्वी-स्तर तक की एक सक्रिय सत्ता के रूप में प्रस्तुत करते हैं—जो निर्माण, जीवन और मार्गदर्शन का आधार है।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ

मुख्य बिंदु यह है कि परमेश्वर—जो आकाश और पृथ्वी सबका निर्माता है—उसी पर विश्वास रखने वालों के लिए जीवन की सांस और गतिशीलता का स्रोत है। यह उद्धार के लिए पूरे ब्रह्मांड के संकल्प और क्रिया-प्रकृति को निर्देशक बनाता है। नीति, धर्मशास्त्र या सामाजिक समाधान से पहले, अस्तित्व का मूल कारण परमेश्वर की कृपा और वचन की क्रिया है।

अनुशीलन में उपयोगी क्रॉस-रेफरेंस

  • यूहन्ना 1:3— सब कुछ उसी के द्वारा बना, और बिना उसके कुछ भी नहीं बना गया जो बना है। यह बताता है कि जीवन और संरचना एक उद्देश्य से उसका है।
  • सभोपदेशक 12:7— शर先 में लौटना, आत्मा को पृथ्वी से उठना, और शरीर मिट्टी में लौटना—यह दया के स्रोत परमेश्वर के हवाले है।
  • हबस 12:2— विश्वास के द्वारा आकाश के प्रमुख विचारक और स्थिरता को पकड़ना—परमेश्वर के सृजन-प्रधान और उद्धारक क्रिया की ओर संकेत।

जीवन पर लागू महत्व

इस वचन से सीख मिलती है कि हमारी सांसें और हर कदम—जीवन की गति—शरीक की गई हैं: परमेश्वर ने यह सब देकर हमें जीवित रहने की संभावना दी है। कठिन समय में भी हम यह याद रखें कि ऊर्जा और दिशा देने वाला वही है जो आकाश- formations और पृथ्वी-घूम-घूम को नियमन करता है। अतः हमें आशा में स्थिर होना चाहिए, कर्तव्य के साथ जीना चाहिए, और पृथ्वी की जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाना चाहिए।

कथन-सार संक्षेप

यशायाह 42:5 हमें बताता है कि परमेश्वर, जो सृष्टि को बनाकर रखे और उसे चलाने वाला है, वही है जो हमें सांस प्रदान कर सहभागी बनाता है। यह इस बात की पुष्टि है कि ईश्वर की सत्ता और कृपा से ही हमारी वास्तविक जीवन-धारा बहती है और उद्धार की दिशा बनती है।

टमाशा है उद्धरण (पवित्र-ग्रंथ समावेश)

यहाँ उपलब्ध उद्धरण-उद्धृत विचारों में, Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के संक्षिप्त, सीधे शब्द शामिल हैं यदि उपलब्ध हों, परंतु संपूर्ण पाठ नहीं दिया गया है।

संदर्भित टिप्पणीकारों के मुख्य बिंदु (संक्षेप)

• Matthew Henry: परमेश्वर की महान सत्ता और विश्व-चालित योजना की स्थिरता पर जोर—ईश्वर सांस देता है और उसी के उद्देश्य से सर्वत्र गति बनती है।

• Albert Barnes: सृष्टि के निर्माण-कार्य के पीछे एक अनंत प्रेम और व्यक्तिगत भागीदारी की पुष्टि—जो जीवन-वृद्धि का आधार है।

• Adam Clarke: सृजन-कला और जीव-जीवन के स्रोत के रूप में परमेश्वर के विशिष्ट कार्य का दृढ़ संकल्प—हमारी आस्था का केंद्र वही है।

Cross-reference पर नोट: उद्धृत विचारों का उपयोग केवल संदर्भ के रूप में है, पूर्ण वचन नहीं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 42:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यशायाह 40:22 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 40:22 (HINIRV) »
यह वह है जो पृथ्वी के घेरे के ऊपर आकाशमण्डल पर विराजमान है; और पृथ्वी के रहनेवाले टिड्डी के तुल्य है; जो आकाश को मलमल के समान फैलाता और ऐसा तान देता है जैसा रहने के लिये तम्बू ताना जाता है;

यशायाह 45:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 45:12 (HINIRV) »
मैं ही ने पृथ्वी को बनाया और उसके ऊपर मनुष्यों को सृजा है; मैंने अपने ही हाथों से आकाश को ताना और उसके सारे गणों को आज्ञा दी है।

यिर्मयाह 10:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 10:12 (HINIRV) »
उसी ने पृथ्वी को अपनी सामर्थ्य से बनाया, उसने जगत को अपनी बुद्धि से स्थिर किया, और आकाश को अपनी प्रवीणता से तान दिया है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें