Old Testament
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यशायाह 42:1 पावर और उद्देश्य—एक दास के चयन की घोषणा
पश्चाताप-आशा की इस पुस्तक में यह verse 하나님 के वचन की एक प्रतिज्ञा-स्थिर घोषणा है। यहाँ परमेश्वर अपने दास को देख कर, उसे सम्भालते हुए, उसकी राह के लिए आत्मा को डालता है ताकि वह जाति-जातियों के लिए न्याय प्रगट करे। यह एक ऐसा क्षण है जिसमें अभिमुख दृष्टि से Messiah की भूमिका उद्घाटित होती है—जो पूरे देश और विश्व के लिए सत्य, न्याय और बाइबिलीय उद्धार का मार्ग प्रशस्त करेगा।
केंद्रीय अर्थ
यह वचन परमेश्वर के चुने हुए दास के बारे में है—जो मेरे दास, जिसे मैं सम्भाले हूँ, के रूप में निर्दिष्ट है। दास के अंदर परमेश्वर की कृपा, चुनना और आत्मा की अनुदान है, जिसका उद्देश्य जातियों के लिए न्याय लाना है। यह एक भविष्यसूचक उद्घोषणा है कि प्रभु अपने कार्यकर्ता के रूप में एक ऐसे व्यक्ति को प्रतीक्षा कर रहे हैं जो समाज के अधीन हो, परंतु दिव्य प्रेरणा और सत्ता से समर्थित हो।
महत्वपूर्ण विषय
अनुकूलित क्रॉस-रेफरेंसेस
1) मत्ती 3:17 और लूका 9:35 में दास के रूप में परमेश्वर की स्वीकृति-गुण का उद्धरण यह संकेत देता है कि यीशु का प्रथम प्राकट्य उसी दायीं सत्ता-स्वरूप में है।
2) 2 पतिव 1:17 में वही आत्मा और पवित्र घोषणा के साथ दिव्य साक्ष्य का उल्लेख है, जो दास के चयन को समर्थ बनाती है।
ऐतिहासिक व्याख्या के संकेत (संक्षेप)
यहाँ Henry, Barnes और Clarke जैसे सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के संकेत मिलते हैं कि दास का उल्लेख एक sowohl व्यक्तिगत उद्धारकर्ता के रूप में और एक सामूहिक समुदाय के लिए न्याय-आवाज़ के रूप में किया गया है। इस पंक्ति में आत्मा की उपस्थिति और चयन की पुष्टि, भविष्य में Messiah के कार्य-निर्वाह के संकेतक के रूप में गहरे अर्थ रखती है। याद रखें: "मेने उस पर अपना आत्मा रखा है"—यह सत्ता और प्रेरणा की उद्घोषणा है, न कि केवल परिचयात्मक बात।
व्यावहारिक विचार
हम कैसे इस दास की माँग से सीख सकते हैं? पहला—कब भी अपने जीवन में आत्मा से प्रेरित सत्ता को न निकालें; दूसरा—न्याय की वास्तविक माँग समझें—सिर्फ कानूनी न्याय नहीं, बल्कि सामाजिक, रचनात्मक और समावेशी न्याय; तीसरा—परिवार, समुदाय और संसार के लिए करुणा-युक्त सेवा अपनायें।
संक्षिप्त समापन
यशायाह 42:1 एक ढाँचा देता है जिसमें परमेश्वर अपना दास चुनता है, उसे आत्मा से समर्थित करता है और जातियों के लिए न्याय की दिशा में प्रगट करता है। यह उद्धार की दिशा में एक ठोस आरम्भ है, जिससे Messiah के आगमन की कल्पना और भी स्पष्ट हो उठती है।
संक्षिप्त उद्धरण संकेत
यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के स्पष्ट पाठों से एक-दो सीधे शब्द उद्धृत उद्धरण चाहते हैं, वे इस प्रकार मिलते हैं: “मेने उस पर अपना आत्मा रखा है”—यह वाक्यांश Henry-Barnes-Clarke के पारंपरिक अभिधानों में प्रमुख है; परंतु पूर्ण उद्धरण के लिए उनके पुस्तक-उद्धरण को संदर्भ सहित देखना उचित है।