यशायाह 41:29 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

सुनो, उन सभी के काम अनर्थ हैं; उनके काम तुच्छ हैं, और उनकी ढली हुई मूर्तियाँ वायु और मिथ्या हैं।

पिछला पद
« यशायाह 41:28
अगला पद
यशायाह 42:1 »

यशायाह 41:29 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 41:29 पर टिप्पणी — नश्वरता की अंतिम असारगता

मुख्य interpretive बिंदु: अंततः मानव-निर्मित वस्तुएँ और मूर्तियाँ मनुष्यों के प्रयत्नों के सामर्थ्य को नहीं दर्शातीं; वे निर्थक और वायु-सी असत्य हैं, जबकि परमेश्वर सब शक्तिमान है। शास्त्र-संदर्भ में यह चेतावनी उन लोगों के लिए है जो ईश्वर से विमुख होकर अपने उपक्रमों को सर्वोच्च मानते हैं और जिन्हें न तो उनका ज्ञान और न उनका विज्ञान उद्धार दे पाता है।

सीधे पाठ का साहित्यिक संदर्भ

यशायाह 41 के अध्याय में परमेश्वर के उद्धार के भरोसे के विरुद्ध, उद्धारकर्ता-युग में लोगों के लिए मिथ्या ढंग से सुरक्षा दिखाने वाले रचयिताओं की असलियत उजागर होती है। यहाँ कहा गया है कि उनके सभी कर्म व्यर्थ हैं, उनके काम तुच्छ, और उनकी मूर्तियाँ वायु और मिथ्या हैं। यह संदेश स्पष्ट रूप से यह स्थापित करता है कि धरातलीय इर्ष्या, धन-संपत्ति और मनगढ़ अस्त्र-शस्त्र भी परमेश्वर के विरुद्ध टिक नहीं पाते।

कथानक-संदर्भ और कविता-आधार

यह उद्घोष अहंकार पर चोट है: प्रतिदेव-पूजा और पत्थर-निर्मित मूर्तियाँ लोग स्वयं बनाते हैं, पर वे न तो सुन सकती हैं, न देख सकती हैं, न सांत्वना दे सकती हैं। मसीह-पूर्व के इस उद्घोष में यह भी संकेत है कि उद्धार का एकमात्र स्रोत परमेश्वर है, जो शब्द-केन्द्रित साबित होता है और हमारे जीवन को वास्तविक दिशा देता है।

THEOLOGICAL SIGNIFICANCE

ინसर्ग में यह विचार पक्का करता है कि मानव-निर्मित सुरक्षा और पूजा पथ-भ्रष्ट हो सकती है। मूर्तिपूजा का निवारण देखकर परमेश्वर की सर्वसत्ता और विश्वसनीयता की आवश्यकता स्पष्ट होती है। यह संदेश यह भी पढ़ाता है कि परमेश्वर की पहचान और कार्य-साक्ष्य बाह्य दिखावे से नहीं मापा जाता, बल्कि उसकी सच्ची सत्ता और प्रेरणाओं से परखा जाता है।

वाचन-आधारियों के across-scripture connections

  • निर्गमन 20:4–5 (मूर्तिपूजा के निषेध) — प्रारम्भिक कानून-आदेशों में जो मूर्तियों के निर्माण और उनकी पूजा पर रोक लगाते हैं, वे यहाँ की तीखी आलोचना के साथ संगत हैं.
  • 1 कुरिन्थियों 8:4–6 (एक ही परम परमेश्वर के बारे में) — वैचारिक पुष्टि कि वास्तविक सुरक्षा और ज्ञान ईश्वर-परक है, न कि मनुष्य के बने सिद्धान्तों से।
  • यशायाह 46:7 (धरणी मूर्तियाँ) — मूर्तियों की निर्थकता और उनकी सहायता-आशावाद का पुनरावलोकन।

विचार-प्रश्न

  • क्या मैं अपनी सुरक्षा के लिए मानव-निर्मित समाधानों पर आश्रित रहता हूँ, या परमेश्वर की सच्ची सुरक्षा पर टिके रहना चुनता/चुनती हूँ?
  • मेरे जीवन में किन क्षेत्रों में तुच्छ “मूर्ति-उत्पादन” ने अवसरों को व्यर्थ कर दिया है?

संक्षिप्त निष्कर्ष

यशायाह 41:29 हमें स्मरण कराता है कि वास्तविक मूल्य और टिकाऊ सुरक्षा परमेश्वर के हाथों में है—उनकी आवाज़, उनकी कृपा और उनकी योजनाओं पर। जो लोग मिथ्या सुरक्षा-आकर्षणों को पकड़ते हैं, वे अंततः निरर्थक पाते हैं; पर जो परमेश्वर के साथ रहते हैं, वे सत्य और जीवन पाते हैं।

पूर्व-प्रकाशन उद्धरण संकेत

अगर आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सार्वजनिक डोमेन टिप्पणी-खण्ड से किसी वाक्य का संक्षिप्त उद्धरण चाहते हैं, तो उपलब्ध हो तो नीचे दे दूँगा। इस पाठ के लिए विशिष्ट उद्धरणों को केवल आवश्यक और सही संदर्भ के साथ प्रस्तुत किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 41:29 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यशायाह 41:24 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 41:24 (HINIRV) »
देखो, तुम कुछ नहीं हो*, तुम से कुछ नहीं बनता; जो कोई तुम्हें चाहता है वह घृणित है।

यिर्मयाह 5:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 5:13 (HINIRV) »
भविष्यद्वक्ता हवा हो जाएँगे; उनमें परमेश्‍वर का वचन नहीं है। उनके साथ ऐसा ही किया जाएगा'!”

भजन संहिता 135:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 135:15 (HINIRV) »
अन्यजातियों की मूरतें सोना-चाँदी ही हैं, वे मनुष्यों की बनाई हुई हैं।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें