Old Testament
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यशायाह 41:14 पर टिप्पणी
सीधी भाषा में अर्थ: "हे कीड़े सरीखे याकूब, हे इस्राएल के मनुष्यों, मत डरो! यहोवा की यह वाणी है, मैं तेरी सहायता करूँगा; इस्राएल का पवित्र तेरा छुड़ानेवाला है।" परमेश्वर अपने गिरते-गिरते कमजोर लोगों को पुकारते हुए आश्वस्त करते हैं कि वे उनकी सहायता और उद्धार के लिए उपस्थित है।
पृष्ठभूमि का संक्षेप
यह उद्धरण च्वितंत्र में पर्तें—यशायाह की पुस्तक के ऐसे भाग में आता है जहाँ ईश्वर अपने चुने हुओं के विरुद्ध उभरते विरोधों के बीच सुरक्षा और क्षमा का संदेश देते हैं। 41वाँ अध्याय यहूदियों के प्रति परमेश्वर की मजबूत रक्षा-व्यवस्था को सामने रखता है, विशेषकर जब वे बंधन और असुरक्षा की स्थिति में होते हैं। यहाँ "याकूब" और "इस्राएल" से अभिधारणा यहूदियों के एक ही वस्तुसूची के भीतर रहने वाले समूहों के लिए एक समान अभिव्यक्ति है, और यह बताता है कि परमेश्वर उनका स्वामी और सहायता-स्रोत है।
व्याख्या के प्रमुख बिंदु
अनुशासनात्मक और नीतिगत संकेत
अनुसंधान-नज़रिये (Cross-references)
1) इब्रानियों 13:5-6 के सार में कहा गया है कि परमेश्वर हमारी संगति छोड़ता नहीं—"मेरे साथ न छोड़ना" का सिद्धांत इस पंक्ति की मूलधारा के अनुरूप है। यह विश्वास देता है कि उद्धारकर्ता हमेशा साथ है।
2) रोमियों 8:31-32 इस बात को दोहराता है कि यदि परमेश्वर मेरे लिये है, कौन मुझे विरुद्ध ठहराए? यह यशायाह की वाणी के साथ एक गूंज है—सुरक्षा का आधार परमेश्वर है।
3) यहisa 43:1-2 में भी उद्धार-आश्वासन पुनः मिलता है—जल, आग, और बंधन के बीच भी परमेश्वर का संरक्षण है।
संक्षेप में निष्कर्ष
41:14 में परमेश्वर ने अपने दासों को चेतावनी दी है कि वे भय न करें; वह उनकी सहायता करेगा और उनका उद्धारकर्ता होगा। यह संदेश संकेत है कि कठिन समय में भी ईश्वर का हाथ मजबूत है। एक विश्वासी का उत्तर यही होना चाहिए कि किस प्रकार यह वचन उन परिस्थितियों में भी सत्य रहता है—हम भय से मुक्त होकर उसकी सुरक्षा में कदम बढ़ाते हैं।
महत्वपूर्ण उद्धरण (पूर्व-प्रकाशित टिप्पणीकारों से)
यदि आप इनमें से किसी भी पंक्ति के वास्तविक शब्दों के संक्षिप्त सार देखें, तो ऐतिहासिक टिप्पणीकारों के विचार इस प्रकार रहे हैं: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke। नीचे कुछ संक्षेप उद्धरण प्रस्तुत हैं (पूरा पाठ नहीं):
Henry की धारणा के अनुसार यह वाक्य ईश्वर की कृपा-घटना की गारंटी है कि वह कमजोरों की सहायता और उद्धारकर्ता है।
Barnes emphasize करते हैं कि दयालुता, उद्धार, और सहायता एक साथ आते हैं; भय से मुक्त होना परमेश्वर के साथ निकटता को दर्शाता है।
Clarke के शिक्षण में यह दिखता है कि यह उद्धरण विश्वसनीय सुरक्षा के बारे में है—परमेश्वर अपने लोगों के साथ है और उनके विरोधियों के विरुद्ध सत्ता है।
नोट: ऊपर के शब्दों में इन प्राचीन टिप्पणीकारों के छोटे-छोटे वर्णनात्मक अंश शामिल हैं, किन्तु पूर्ण वाक्य उद्धरण यहाँ नहीं दिए गए हैं।