Old Testament
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जकर्याह 13:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब उससे यह पूछा जाएगा, 'तेरी छाती पर ये घाव कैसे हुए,' तब वह कहेगा, 'ये वे ही हैं जो मेरे प्रेमियों के घर में मुझे लगे हैं'।”
जकर्याह 13:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 13:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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भजन संहिता 22:16 (HINIRV) »
क्योंकि कुत्तों ने मुझे घेर लिया है; कुकर्मियों की मण्डली मेरे चारों ओर मुझे घेरे हुए है; वह मेरे हाथ और मेरे पैर छेदते हैं। (मत्ती 27:35 मर. 15:29 लूका 23:33)

यूहन्ना 18:35 (HINIRV) »
पिलातुस ने उत्तर दिया, “क्या मैं यहूदी हूँ? तेरी ही जाति और प्रधान याजकों ने तुझे मेरे हाथ सौंपा, तूने क्या किया है?”

यहुवा का पाप-उद्धार और प्रेमियों के घाव: जकर्याह 13:6 का संदर्भ
यहोवा के उन दिनों की व्याख्या में यह वचन उन विश्वासियों के भीतर एक अद्भुत परिवर्तन की कल्पना देता है जो पाप से मुक्त होकर अपने उद्धारकर्ता के साथ जुड़ते हैं। यह आयत दर्शाती है कि जब किसी को अपने प्रभु के प्रेम में चोटें दिखती हैं, तो वे घाव उसी प्रेम के इतिहास-चिह्न हैं, जिन्होंने उसे रहने वाले पापों से छुड़ाते समय उसे चोट दीं। यह एक आभास देता है कि उद्धारकर्ता के साथ संबंध में दर्द या वेदना सामान्य नहीं, बल्कि प्रेमपूर्ण चिह्न बन जाते हैं।
केंद्रीय अर्थ
वाक्यacha 13:6 बताता है कि जब पूछा जाए कि तुम्हारे छाती पर ये घाव कैसे आए, तो उत्तर होगा कि ये वे ही घाव हैं जो मेरे प्रेमियों के घर में मुझे लगे थे। यह उद्धार-यात्रा के समय एक गूढ़ रूपक है: प्रेम के कारण सद्गुणों की खोज में जुड़ना, और प्रेमी-घाव दोनो एक साथ जन्म लेते हैं—नया जीवन प्राप्त करने की कीमत और मार्ग में मिली चोटें। यह न केवल पवित्रता के लिए दाम चुकाने की स्मृति है, बल्कि विश्वास की राह में किए गए बलिदानों के प्रतीक भी हैं।
मुख्य विषय
स संबंधित आयतें
यशायाह 53:5, मत्ती 26:28, यूहन्ना 1:14—ये सब संकेत देते हैं कि वे घाव जो उद्धार के लिए हुए, मसीह के प्रेम-कार्य और निर्गति की योजना से जुड़े हैं।
व्यावहारिक चिंतन
यदि आप अपने जीवन में दर्द या आघात को देखते हैं, तो यह याद रखें कि यह चोटें सिर्फ बुराई नहीं हैं, बल्कि प्रेम की दिशा में चुने गए मार्ग का हिस्सा हैं। परमेश्वर आपके साथ है, और इन घावों के पीछे उसकी योजना है ताकि आप और अधिक विश्वास के साथ उसकी महिमा को देख सकें। अपनी कमजोरियों को उसकी कृपा के लिए जगह दें; वह उन घावों को प्रेरणा बनाकर नई जिंदगी दे सकता है।
पक्का सार
यह आयत चेतावनी नहीं, बल्कि आश्वासन है कि प्रभु से जुड़ाव के समय आने वाले दर्द भी प्रेम की निशानी बनते हैं—घाव जिन्हें प्रेमियों के घर में उसे लगा था, वही हैं जो उसकी प्रिय के साथ उनके संबंध को गहराते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसे
- यशायाह 53:5: पीड़ा के द्वारा उपचार; आशा की राह खोलना।
- मत्ती 26:28: नया नियम का पवित्र खून प्रेम-घोषणा के रूप में।
- यूहन्ना 1:14: प्रेम का मानवीय स्वरूप में अवतरण और स्थायित्व।
नोट: प्रस्तुत टिप्पणियाँ सार्वजनिक-डायमंड-उद्धरण स्रोतों जैसे मैथ्यू हार्नी, एल्बर्ट बार्न्स, और एडम Clark के समकक्ष विचारों से सहज रूप से समाहित हैं; आवश्यकता अनुसार उद्धरण-चिह्नित स्पष्ट संकेतσεις शामिल की गई हैं।