Old Testament
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जकर्याह 9:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यह देखकर अश्कलोन डरेगा; गाज़ा को दुःख होगा, और एक्रोन भी डरेगा, क्योंकि उसकी आशा टूटेगी; और गाज़ा में फिर राजा न रहेगा और अश्कलोन फिर बसी न रहेगी।
जकर्याह 9:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 9:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 20:5 (HINIRV) »
तब वे कूश के कारण जिस पर उनकी आशा थी, और मिस्र के हेतु जिस पर वे फूलते थे व्याकुल और लज्जित हो जाएँगे*।

यशायाह 14:29 (HINIRV) »
“हे सारे पलिश्तीन तू इसलिए आनन्द न कर, कि तेरे मारनेवाले की लाठी टूट गई, क्योंकि सर्प की जड़ से एक काला नाग उत्पन्न होगा, और उसका फल एक उड़नेवाला और तेज विषवाला अग्निसर्प होगा।

यिर्मयाह 47:4 (HINIRV) »
क्योंकि सब पलिश्तियों के नाश होने का दिन आता है*; और सोर और सीदोन के सब बचे हुए सहायक मिट जाएँगे। क्योंकि यहोवा पलिश्तियों को जो कप्तोर नामक समुद्र तट के बचे हुए रहनेवाले हैं, उनको भी नाश करने पर है।
जकर्याह 9:5 — तत्काल दृश्य और संदर्भ
यह पद उन दिनों का चित्रण प्रस्तुत करता है जब यहोवा अपनी दया-न्याय की योजना के अनुसार पड़ोसी राज्यों को ढालता है। अश्कलोन, गाज़ा और अक्रोन जैसी प्रमुख शित्ते-नगरीय शक्तियों के सिम्पटम दृश्य में विनाश और अस्थिरता की भविष्यवाणी है। राजा का स्थायित्व नहीं रहने का संकेत सामरिक-कूटनीतिक ढांचे के टूटने की आशंका को दर्शाता है।
ईश्वर की योजना और विश्वास का दायरा
पद स्पष्ट करता है कि ईश्वर का निर्णय राजनीतिक-सत्ता के स्थायित्व पर निर्भर नहीं, बल्कि उसके पवित्र उद्देश्य की पूर्ति पर है। अश्कलोन के डर और गाज़ा की पीड़ा से यह दिखता है कि परमेश्वर न्याय के साथ-साथ उद्धार के लिए भी मार्ग बनाते हैं; मिट्टी के ढांचे टूटते हैं ताकि ईश्वर की नियति पूरी हो सके।
शब्दों और चित्रों की व्याख्या
संबंधित पवित्र ग्रंथो के संदर्भ
1) यहूदा 6:2-3 के समानिक संकेत: संसारिक शक्ति के स्थायित्व के पीछे न ईश्वर की योजनाओं से भागना, बल्कि ईश्वर के राजा के आने की प्रतीक्षा करना।
2) यशायाह 2:4 और Joel 3:10— लोक-जातियाँ शांति के लिए सुरक्षा-आशा लगाती हैं, पर यह सब अंतिम राज Rechtsprinzip के तहत सत्यापित होते हैं।
3) दाऊद की प्रतिज्ञा का संदेश: परमेश्वर के न्याय में राजा की सत्ता और नगर-रक्षा का सही आधार ईश्वर की कृपा और वाचा में है।
महत्वपूर्ण शब्द-चित्रों की संक्षिप्त व्याख्या
यह पाठ यह संकेत देता है कि परमेश्वर की दया-न्याय की व्यवस्था पृथ्वी पर स्थापित होती है—जहाँ मनुष्य की ताकतें अंततः परमेश्वर की पवित्र व्यवस्थाओं के समक्ष अक्षम हो जाती हैं।
नई-जगह पर आज कैसे लागू करें
संपोषक उद्धरण और मूल्यांकन
यदि चाहें, तो इस पाठ पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियों से संक्षिप्त और संरचित विचार मिलेंगे।
संक्षिप्त संयुक्त निष्कर्ष
यह पंक्ति यह बताती है कि परमेश्वर के निर्णय में शक्ति-सत्ता का स्थायित्व नहीं, उसकी उद्धार-योजना का सत्यत्व है। अश्कलोन, गाज़ा और अक्रोन की स्थिति से यह स्पष्ट होता है कि प्रभु के नियोजन के सामने मानव शासन अस्थिर और अस्थिर रहता है, और संतति-विश्वास यह सुनिश्चित करे कि उद्धार और न्याय के दिन परमेश्वर के राज्य का मूल्य है।
Cross-references: यहूदा की आशा, यशायाह के राष्ट्र-भविष्य, Joel के अंत्य-राज्य का चित्रण; इनसे यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर की योजना अंततः सारे राष्ट्रों के लिए शांति और न्याय का समय है।
नोट: इस पंक्ति में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke का शुद्ध उद्धरण केवल उपलब्ध होने पर दिया गया है; आवश्यक जगहों पर उनके विचारों का संक्षिप्त संदर्भ प्रस्तुत किया गया है.