Old Testament
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जकर्याह 9:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब मैं उस सेना के कारण जो पास से होकर जाएगी और फिर लौट आएगी, अपने भवन के आस-पास छावनी किए रहूँगा, और कोई सतानेवाला फिर उनके पास से होकर न जाएगा, क्योंकि मैं ये बातें अब भी देखता हूँ।
जकर्याह 9:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 9:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 54:14 (HINIRV) »
तू धार्मिकता के द्वारा स्थिर होगी; तू अंधेर से बचेगी, क्योंकि तुझे डरना न पड़ेगा; और तू भयभीत होने से बचेगी, क्योंकि भय का कारण तेरे पास न आएगा।

यशायाह 52:1 (HINIRV) »
हे सिय्योन, जाग, जाग! अपना बल धारण कर*; हे पवित्र नगर यरूशलेम, अपने शोभायमान वस्त्र पहन ले; क्योंकि तेरे बीच खतनारहित और अशुद्ध लोग फिर कभी प्रवेश न करने पाएँगे। (प्रका. 21:2,10,27)

यशायाह 60:18 (HINIRV) »
तेरे देश में फिर कभी उपद्रव और तेरी सीमाओं के भीतर उत्पात या अंधेर की चर्चा न सुनाई पड़ेगी*; परन्तु तू अपनी शहरपनाह का नाम उद्धार और अपने फाटकों का नाम यश रखेगी।
जकर्याह 9:8 पर एक संक्षिप्त अध्ययन
इस आयत में परमेश्वर अपने संरक्षण और सुरक्षा की गूंजता हुआ वचन दे रहे हैं। यद्यपि राज्य-यात्रा और सशस्त्र मिसालों के बीच एक गूढ़ प्रतीक है, परन्तु मूल संदेश आपके विश्वास-यात्रा के भीतर एक स्पष्ट yfir-हवा है: परमेश्वर अपने लोक पर विशेष रक्षा रखते हैं और शत्रु के आने-जाने के मार्ग में भी उनके विरुद्ध एक दृढ़ छाया डालते हैं।
पद की पढ़ाई: परिचय और संदर्भ
पद कहता है कि तिरंगा-रथों के मार्ग से होकर जाने वाले आक्रमण के समय भी, परमेश्वर अपने भवन के चारों ओर छावनी-बंदी रहेंगे; कोई सतानेवाला इनके पास से होकर नहीं जाएगा क्योंकि ये बातें ईश्वर अभी भी देख रहा है। यह राजनीतिक-युद्ध की भाषा के साथ साथ धार्मिक-आश्वासन भी है—यही खड़ा रहता है कि ईश्वर के उद्धारकर्ता-समय में उसकी रक्षा ठोस रहती है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
पवित्र लेखन के समान रूपक और पुरानी प्रतिगमन
यही विचार पुराने नियम के समय की रक्षा-प्रणालियों के अनुरूप है—जहाँ परमेश्वर अपने लोगों को बाहर से आए खतरे से बचाते हैं और उनके घर-आंगन में शांति बनाये रखते हैं। मत्ती-हेन्री, अॅल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क जैसी सार्वजनिक-डॉयटेड व्याख्याओं के अनुसार, यहाँ सुरक्षा का भरोसा एक दिव्य अभिषेक है: परमेश्वर न केवल युद्ध को रोकते हैं बल्कि अपनी महिमा से उनके जीवन के हर चरण को सुरक्षित बनाते हैं।
मूल पाठ के साथ निकटता बनाये रखने वाले क्रॉस-रेफरेंसे
1) अराधना और संरक्षण के लिए पुराने नियम के अनुष्ठानिक संकेतों से जुड़ाव देखें; 2) उद्धार-आशा के नवीन-नियम के साथ गहराई में पंथ-रक्षा की दृष्टि; 3) भविष्य के सन्तुष्टिकर उद्धार के लिए परमेश्वर की योजना का ध्यान।
किसी-किसी प्रसंग में उद्धृत संकेत-चिन्ह: सुरक्षा रहने का प्रलोभन नहीं, बल्कि विश्राम और आशीष का स्थान बनाने का निर्देश।
थोड़ा-सा क्रॉस-रेफरेंस और उनके संक्षिप्त अर्थ
- यिर्मयाह 31:12 (उद्धार के बाद की सुरक्षा) — परमेश्वर के लोगों के लिए उत्कृष्ट सुरक्षा की प्रतिज्ञा।
- भय-नाशक 1 यूहन्ना 4:4 (यहोवा की शक्ति से विजयी होना) — विश्वास की दृढ़ता से भय का मुकाबला।
- मिस्र-नयनों के समय की रक्षा-वचन (अनुकूल संदर्भ) — परमेश्वर अपनी सत्ता से मार्ग बनाते हैं।
व्यवहारिक अनुप्रयोग
1) कठिन समय में भी परमेश्वर के विश्वासयोग्य वादों पर भरोसा रखें। 2) जीवन-यात्रा में सुरक्षा के लिए भयभीत न हों; परमेश्वर की रक्षा आपकी रीढ़ बनती है। 3) अपने आचरण में भय-प्रधान प्रवृत्तियों के बदले विश्वास और प्रत्यक्ष आशीष की उम्मीद बनाये रखें।
संक्षेप
यहोवा अपने लोगों को हर खतरे में भी नजरों से नहीं बुलाता; उनके भवन के चारों ओर वह छावनी बनाते हैं, ताकि सतानेवाला लौटकर न जा सके। यह आयत विश्वास-यात्री के लिए एक स्थिर आश्वासन है कि परमेश्वर की दृष्टि और संरक्षण कभी कम नहीं पड़ते।
नोट: इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के मौलिक उद्धरणों से आवश्यक संदर्भ दिए गए हैं।