Old Testament
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आमोस 1:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यहोवा यह कहता है: “दमिश्क के तीन क्या, वरन् चार अपराधों के कारण मैं उसका दण्ड न छोड़ूँगा*; क्योंकि उन्होंने गिलाद को लोहे के दाँवनेवाले यन्त्रों से रौंद डाला है।
आमोस 1:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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आमोस 1:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 8:4 (HINIRV) »
क्योंकि इससे पहले कि वह लड़का बापू और माँ पुकारना जाने, दमिश्क और शोमरोन दोनों की धन-सम्पत्ति लूटकर अश्शूर का राजा अपने देश को भेजेगा।” विकल्प परमेश्वर या अश्शूरी

2 राजाओं 10:32 (HINIRV) »
उन दिनों यहोवा इस्राएल की सीमा को घटाने लगा, इसलिए हजाएल ने इस्राएल के उन सारे देशों में उनको मारा:

2 राजाओं 8:12 (HINIRV) »
तब हजाएल ने पूछा, “मेरा प्रभु क्यों रोता है?” उसने उत्तर दिया, “इसलिए कि मुझे मालूम है कि तू इस्राएलियों पर क्या-क्या उपद्रव करेगा; उनके गढ़वाले नगरों को तू फूँक देगा; उनके जवानों को तू तलवार से घात करेगा, उनके बाल-बच्चों को तू पटक देगा, और उनकी गर्भवती स्त्रियों को तू चीर डालेगा।”
आमोस 1:3 पर टिप्पणी — एक दायरे में न्याय और दण्ड
यहोवा यह कहता है: दमिश्क के तीन क्या, वरन् चार अपराधों के कारण मैं उसका दण्ड न छोड़ूँगा; क्योंकि उन्होंने गिलाद को लोहे के दाँवनेवाले यन्त्रों से रौंद डाला है। यह एक निष्कपट उद्घोषणा है जिसमें परमेश्वर के न्याय की अटलता और घटनाओं की क्रमबद्धता पर बल दिया गया है। यहाँ दमिश्क एक पड़ोसी-शक्ति के रूप में दिखता है, जो बुराई के कारण दण्ड के पात्र बनती है।
प्यारी पंक्ति का पाठ: अध्याय के भीतर की स्थिति
Amos पत्र इस्राइल के उत्तर-दक्षिण दोनों राज्यों के पतन से पहले के समय की सामाजिक-आर्थिक असमानताओं पर दृष्टि डालता है। इस उद्घोषना में दमिश्क के अपराधों का उल्लेख पहले किया गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निंदा का क्रम स्थानीय समुदायों के साथ-साथ अन्तरराष्ट्रीय आचरण पर भी है। गिलाद के लोहे के डाँवनेवाले यन्त्रों से द्रष्टव्य अत्याचार एक ऐतिहासिक स्मारक है जो न्याय की मांग करता है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
इस पद का मूल पाठ हमें यह सिखाता है कि परमेश्वर के न्याय में देरी नहीं है जब समाज अपने कमजोर वर्गों के साथ अत्याचार, हिंसा और अन्याय के रास्तों पर चलता है। यह न्याय केवल बड़े दम्पियों के लिए नहीं है; बल्कि हर उस संस्थान, शहर और राज्य के लिए है जो ताक़त के बल पर दमन करता है। परमेश्वर के निर्णय समय पर होते हैं और वह दुष्कर्म का परिणाम अवश्य देगा।
पवित्र ग्रंथों के मिलते-जुलते संकेत
• अन्य नबी वक्तव्यों में भी यह गुँज रहा है कि नHidden अन्यायों के विरुद्ध परमेश्वर की अदालत समय पर आती है (उदा., अन्य पड़ावों में ईश्वर के न्याय का आना)।
• हिंसा और दमन के विरुद्ध उचित दण्ड का सिद्धान्त पुराने नियम के सामाजिक-न्याय के ढांचे का हिस्सा है।
• गिलाद के साथ होने वाले अन्याय का स्मरण—जो इतिहास में काफी उल्लेख योग्य है—न्याय की प्रतीक्षा को बढ़ाते हैं।
अनुदेशात्मक अनुप्रयोग
क्रॉस-रेफरेंसे
1) Amos 2:1 — समाज में और पर अन्याय के खिलाफ भी न्याय की आवश्यकता पर जोर; एक क्रमिक प्रकटिकरन जो यह बताता है कि क्यों दण्ड का क्रम चल रहा है।
2) यशायाह 1:17 — सीखो, सीखो और न्याय करो; प्रत्येक सामाजिक संबंध में निष्पक्षता और दया की माँग।
3) निर्गमन 23:6 — दानेदार के साथ न्याय रखना और मजबूरों के अधिकारों की सुरक्षा का सिद्धांत।
संक्षेपण
दमिश्क के मामले से हम समझते हैं कि परमेश्वर का न्याय विश्व के हर कोने में चलता है, विशेषकर हिंसा, दमन और अन्याय के विरुद्ध। यह पाठ हमें स्मरण कराता है कि समाज के भीतर सत्य, न्याय और दया के सामान्य मानक बनाए रखें ताकि दण्ड के दिनदर्शी समय पर न आएं।
नोट: इस प्रवचन में Matthew Henry, Albert Barnes तथा Adam Clarke के निश्चित शब्दों से यदि कोई संयोगी उद्धरण उपलब्ध हों, तो उन्हें पाठ में स्पष्ट रूप से चिन्हित किया जाएगा।