Old Testament
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आमोस 1:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए मैं रब्बाह की शहरपनाह में आग लगाऊँगा, और उससे उसके भवन भी भस्म हो जाएँगे। उस युद्ध के दिन में ललकार होगी, वह आँधी वरन् बवण्डर का दिन होगा;
आमोस 1:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
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आमोस 1:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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व्यवस्थाविवरण 3:11 (HINIRV) »
जो रापाई रह गए थे, उनमें से केवल बाशान का राजा ओग रह गया था, उसकी चारपाई जो लोहे की है वह तो अम्मोनियों के रब्बाह नगर में पड़ी है, साधारण पुरुष के हाथ के हिसाब से उसकी लम्बाई नौ हाथ की और चौड़ाई चार हाथ की है।

यिर्मयाह 49:2 (HINIRV) »
यहोवा की यह वाणी है, ऐसे दिन आनेवाले हैं, कि मैं अम्मोनियों के रब्बाह नामक नगर के विरुद्ध युद्ध की ललकार सुनवाऊँगा, और वह उजड़कर खण्डहर हो जाएगा, और उसकी बस्तियाँ फूँक दी जाएँगी; तब जिन लोगों ने इस्राएलियों के देश को अपना लिया है, उनके देश को इस्राएली अपना लेंगे, यहोवा का यही वचन है।

आमोस 2:2 (HINIRV) »
इसलिए मैं मोआब में आग लगाऊँगा, और उससे करिय्योत के भवन भस्म हो जाएँगे*; और मोआब हुल्लड़ और ललकार, और नरसिंगे के शब्द होते-होते मर जाएगा।
आमतौर पर ध्वनित अर्थ
आमतौर पर अमोस 1:14 कहता है कि रब्बाह (शहरपनाह) में अग्नि लगाकर उसकी केन्द्रित सुरक्षा और भवनों को नष्ट किया जाएगा। यह उद्घोष युद्ध—आँधी, बवण्डर—के दिन का संकेत है, जहाँ शक्ति और प्रतिशोध की लहर उठेगी। यहाँ परमेश्वर के न्याय की चेतावनी स्पष्ट रूप से पहले पड़ाव पर है कि मूर्तिपूजा और अन्याय के विरुद्ध चेतावनी के साथ उसी से जुड़े परिणाम दिखेंगे।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
Amos का उद्देश्य उत्तरराज्य इस्राएल की सामाजिक-धर्मीय असंतुलन को उजागर करना है। रब्बाह-शहरपनाह अत्यंत मजबूत और समृद्ध नगर था, जो आक्रमणों के समय भी सुरक्षा का प्रतीक माना जाता था। परन्तु Amos बताते हैं कि बाहरी सुरक्षा कुछ भी नहीं होती जब आंतरिक अन्याय—अत्याचार, गरीबों की अनदेखी—ह्रदयों तक पहुँचे। यह भाग विशेषकर राजनीतिक-धार्मिक व्यवस्थाओं के पापों पर चोट करता है।
व्याख्या के मुख्य अंश
1) आग लगना: यहाँ आग एक संकेत है, जो तेजी से विनाश को दर्शाता है। यह न केवल भौतिक निर्माणों के लिए है बल्कि वहां की भ्रष्ट व्यवस्था और असमानताओं के लिए भी है।
2) भवन का भस्म होना: कुल मिलाकर सामाजिक-आर्थिक असमानताओं के कारण समुदाय टूट सकता है। यह चेतावनी हर प्रकार के दुराचार के विरुद्ध है।
3) युद्ध का दिन: यह समय की कठोर परीक्षा है, जब ललकार और आँधी-चलन सब कुछ पलट सकता है। यह परमेश्वर के न्याय के बारंबार संकेत हैं।
थीम का संक्षिप्त सूची
अनुषंगिक क्रॉस-रेफरेंसेस
- इस चेतावनी के समान विषय यहूद-युग के अन्य भागों में दिखता है जहां नीति-न्याय का सम्पूर्ण परीक्षण आता है। - न्याय और दया के बीच संतुलन की बातों को दिखाने वाले अन्य भाग भी हैं, जो कहता है कि परमेश्वर पाप पर गंभीर है, लेकिन दयालु भी। - यहि प्रकार के संदेशों में आग, बवण्डर और दिन का आँकड़ा अक्सर परमेश्वर के न्याय-कार्य के प्रतीक के रूप में आया है।
देखे जाने वाले बिंदु (Cross-references) और उनका संक्षेप
- अन्याय के विरुद्ध परमेश्वर की चेतावनियाँ: कुछ जगहों पर केन्द्रीय विचार—न्याय के बिना सुरक्षा अस्थिर है; यह Amos की सूक्ति से संगत है।
- परमेश्वर की सभा का उद्धारक दायित्व: जब सामाजिक भ्रष्टाचार होता है, तब सच्चा धार्मिक जीवन भी नष्ट हो सकता है; सही संदर्भ में उद्धार की अपेक्षा को दिखता है।
- न्याय के दिन का आह्वान: यह दिन के संकेत, आंधी और बवण्डर से मिलते-जुलते हैं जो परमेश्वर के निर्णय की तीव्रता दिखाते हैं।
संक्षिप्त practical takeaway
यदि समाज धर्म के नाम पर आचरण कर भी रहा हो, पर यदि वह गरीबों के साथ अन्याय करता है, तो परमेश्वर न्याय करेगा। व्यक्तिगत जीवन में यह याद दिलाता है कि धार्मिक सभाओं के साथ साथ करुणा और सामाजिक सच्चाई भी आवश्यक हैं। हमारे व्यवहार में ईमानदारी, शांति और दया के साथ वास्तविक कर्मदर्शिता को बनाए रखना चाहिए, ताकि हमारे समुदाय में वास्तविक सुरक्षा बनी रहे।
विशेष नोट: हालिया उद्धरण
इस प्रवचन के लिए Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के पुराने पाठों से प्रेरक मत मिलते हैं, किन्तु यहाँ उद्धृत संकुल स्पष्ट रूप से संक्षेप में शामिल हैं।