Old Testament
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आमोस 1:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए मैं सोर की शहरपनाह पर आग लगाऊँगा, और उससे उसके भवन भी भस्म हो जाएँगे।” (मत्ती 11:21-22, लूका 10:13-14) एदोम
आमोस 1:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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आमोस 1:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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जकर्याह 9:4 (HINIRV) »
देखो, परमेश्वर उसको औरों के अधिकार में कर देगा, और उसके घमण्ड को तोड़कर समुद्र में डाल देगा; और वह नगर आग का कौर हो जाएगा।

यहेजकेल 26:12 (HINIRV) »
लोग तेरा धन लूटेंगे और तेरे व्यापार की वस्तुएँ छीन लेंगे; वे तेरी शहरपनाह ढा देंगे और तेरे मनभाऊ घर तोड़ डालेंगे; तेरे पत्थर और काठ, और तेरी धूलि वे जल में फेंक देंगे।

आमोस 1:4 (HINIRV) »
इसलिए मैं हजाएल के राजभवन में आग लगाऊँगा, और उससे बेन्हदद के राजभवन भी भस्म हो जाएँगे।
आमतर्व Amos 1:10 — इसलिए मैं सोर की शहरपनाह पर आग लगाऊँगा
संदर्भ में Amos 1:10 यह वाक्य इस.Prophetic संदेश के भाग के तौर पर सामने आता है जिसमें यहूदा-गोलार्ध के पड़ोसी राष्ट्रों के प्रति ईश्वर की न्यायोचित चेतावनी है। इस अध्याय में इशारा किया गया है कि इश्राइल की सीमा के बाहर भी अन्य सभ्यताओं के अधर्म का हिसाब होगा, भले ही वे अपनी जगहों पर शक्तिशाली लगें। सोर (Sour) की शहरपनाह का उल्लेख एक विशिष्ट नगर-उल्लेख है जो उसकी गरिमा और सुरक्षा के बावजूद ध्वस्त होने की चेतावनी को दर्शाता है।
पदार्थ का तत्काल सेटिंग और भावना
यह वाक्य परमेश्वर की दोषों के विरुद्ध बारीक न्याय को उद्घाटित करता है: मजबूत और स्थापित नगर भी अव्यवस्था, दुराचार या अन्याय के कारण गिर सकते हैं। सोर की आग बुझाने की कल्पना से यह दर्शाता है कि परमेश्वर भ्रष्टाचार की ध्वनि से भी विरक्त नहीं रहते; उनका दंड उन समूहों पर पड़ेगा जिन्हें उन्होंने गलत तरीकों से बढ़त दी है।
ईश्वर और विश्वास के बारे में क्या उद्घाटित होता है
इस पाठ से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर केवल दयालु नहीं है, बल्कि वह पाप पर क्रोध भी दिखाते हैं, ताकि अन्याय का नाश हो और सत्य के शासन की स्थापना हो सके। वह राष्ट्रों की सामाजिक और नैतिक संरचना को भी नहीं छोड़ते; उनके न्याय का हाथ कभी-कभी अचानक और कठोर लगता है ताकि अन्याय लौट आए नहीं।
मुख्य शब्दों/छवियों की व्याख्या
• सोर की आग: शहर के पथ-प्रसार और महिमामय परिमाण को यहूदियों के लिए भी एक चेतावनी के रूप में है; आग से विनाश स्पष्ट तस्वीर है कि कैसे घोर दुष्कर्म का परिणाम विनाश है।
• शहरपनाह: एक शक्तिशाली, सुरक्षित और प्रतिष्ठित नगर; उसकी सुरक्षा के बावजूद दंड का अधिकार परमेश्वर के पास है।
संबंधित आयतें
व्यवहारिक अनुप्रयोग
आज के जीवन में भी परमेश्वर के न्याय के मसौदे को याद रखना चाहिए: जो समाज गलत राह पर चले, उनके लिए चेतावनी है कि सुधार और सुधारना आवश्यक है। अपने व्यक्तिगत और सामाजिक आचरण में किसी प्रकार के भ्रष्टाचार, अन्याय या निर्दयी व्यवहार की अनदेखी न करें। दया और सत्य के साथ निर्णय लें, ताकि परमेश्वर का प्रेम और न्याय दोनों संतुलित रूप से प्रकट हो।
निष्कर्ष सार
Amos 1:10 एक स्पष्ट संदेश देता है कि महान शक्तियों के बावजूद दुष्कर्म की सीमा नहीं रहती; ईश्वर के न्याय की दृष्टि उन पर भी पड़ती है जो भौतिक सुरक्षा के बावजूद नैतिक असमानता में जीते हैं। इसका उद्देश्य समाज को सचेत करना है कि परिवर्तन से ही सुरक्षा और शांति संभव है।
अनुशंसित टिप्पणी-संदर्भ: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से संकलित विचारों के अनुसार, यह चेतावनी परमेश्वर के पवित्र विरुद्ध, और एक औचित्यपूर्ण दंड के रूप में समझना चाहिए, न कि केवल ऐतिहासिक घटना के रूप में। यही भावना इन टिप्पणियों में समर्थित पाई जाती है कि नीति-न्याय और उद्धार का संयोजन परमेश्वर के शासन का मूल है।