Old Testament
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जकर्याह 6:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
फिर यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा:
जकर्याह 6:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 6:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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जकर्याह 7:1 (HINIRV) »
फिर दारा राजा के चौथे वर्ष में किसलेव नामक नौवें महीने के चौथे दिन को, यहोवा का वचन जकर्याह के पास पहुँचा।

जकर्याह 1:1 (HINIRV) »
दारा के राज्य के दूसरे वर्ष के आठवें महीने में जकर्याह भविष्यद्वक्ता के पास जो बेरेक्याह का पुत्र और इद्दो का पोता था, यहोवा का यह वचन पहुँचा (एज्रा. 4:24, 5:1)

जकर्याह 6:9 — वचन की पहुँच और आश्वासन
सीधे शब्दों में अर्थ: यह वचन बताता है कि यहोवा का संदेश स्मरणीय रूप से मेरे पास पहुँचता है और मैं उसे सुनता/समझता हूँ; इसका आशय है कि परमेश्वर अपने योजनाओं और आदेशन को स्पष्ट रूप में देता है, ताकि आगे का क्रम सरकार, प्रतीक और परम हथियार-कार्य नियोजित हो सके।
पृष्ठभूमि संक्षेप
जकर्याह के तीसरे भाग में भविष्य के राज्य-योजना का परिदृश्य है: यरूशलेम के नगर-निवासियों को फिर से立ाकर परमेश्वर की प्रेरणा से संस्था-निर्माण और दाऊदीय राज की प्रतीकात्मक चिह्नों के साथ भविष्य के उद्धार के संकेत दिए जाते हैं। यह वचन इसी क्रम की गतिशीलता को दर्शाता है—यथा यहोवा अपने समय पर संदेश पहुँचाते हैं और मनुष्य उसकी ओर पूरी शिद्दत से प्रतिक्रिया करें।
interpretive observations (व्याख्यात्मक अवलोकन)
चिन्हित थीम्स
संदर्भ-पत्र (Cross-references) और उनका संक्षेप
इन संदर्भों में संकेत मिलता है कि परमेश्वर के संदेश को पाकर उसे त्वरित तथा सावधानीपूर्वक मान लेने चाहिए—ताकि उसकी योजना आगे बढ़े और जय-योजना सफल हो।
आचार-तकाज़ा (संक्षेपित व्यवहारिक निष्कर्ष)
इस अंश का केंद्रीय संदेश है: परमेश्वर का वचन हमारे पास पहुँचता है और वही हमें दिशा देता है। जैसे यह वचन द्वारा संकेत मिलता है, हमें विश्वास के साथ उसकी राह पर चलना चाहिए ताकि भविष्य की योजनाएं सक्रिय हों और परमेश्वर की इच्छा पूरी हो सके।
उद्धृत विचारधारा (उद्धृत पंक्तियाँ) — केवल आवश्यक हिस्से, यदि उपलब्ध हों:
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट विचारों के छोटे उद्धरण आवश्यक हों तो संलग्न हैं।