Old Testament
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जकर्याह 6:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
“बँधुआई के लोगों में से, हेल्दै, तोबियाह और यदायाह से कुछ ले और उसी दिन तू सपन्याह के पुत्र योशियाह के घर में जा जिसमें वे बाबेल से आकर उतरे हैं।
जकर्याह 6:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 6:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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एज्रा 7:14 (HINIRV) »
तू तो राजा और उसके सातों मंत्रियों की ओर से इसलिए भेजा जाता है, कि अपने परमेश्वर की व्यवस्था के विषय जो तेरे पास है, यहूदा और यरूशलेम की दशा जान ले,

यशायाह 66:20 (HINIRV) »
जैसे इस्राएली लोग अन्नबलि को शुद्ध पात्र में रखकर यहोवा के भवन में ले आते हैं, वैसे ही वे तुम्हारे सब भाइयों को भाइयों को जातियों से घोड़ों, रथों, पालकियों, खच्चरों और साँड़नियों पर चढ़ा-चढ़ाकर मेरे पवित्र पर्वत यरूशलेम पर यहोवा की भेंट के लिये ले आएँगे, यहोवा का यही वचन है।

जकर्याह 6:10 का हल्का-फुल्का अर्थ
सीधे शब्दों में कहा जाए तो यह दिष्टांत कहता है कि बँधुआई के निर्वासित लोगों में से कुछ लोगों को बुलाकर उन के बीच से प्रमुख लोगों के साथ एक साथ विचार-विमर्श करने के लिए ले जाया जाए। यह वाक्य स्पष्ट करता है कि यूद्धोपरांत पुनःस्थापना के समय नेतृत्व के कुछ प्रतिनिधियों को एक साथ बुलाकर योजना बनानी चाहिए ताकि परमेश्वर के घर और और नगरों की पुनर्स्थापना सुचारू रूप से हो सके।
पृष्ठभूमि और सन्दर्भ
होज़िया, ज़कर्याह और हग्गई जैसे वेदांत-देवदत्त पवित्र संदेशों के समय इस भाग में यह स्पष्ट किया गया है कि पवित्र स्थान के पुनःनिर्माण के लिए संबंधित नेताओं, विशेषकर ग्रामीण-ग्रामों के जागरूक और अधिकारी वर्ग का एक साथ आना आवश्यक है। बाबेल से लौटे यह यहुदी लोग लौटकर अपने भूमोलिक स्थानों को पुनः स्थापित कर रहे थे, और वहाँ प्रशासनिक सुव्यवस्था तथा धार्मिक-अनुष्ठानिक पवित्रता बनाए रखना ज़रूरी था।
व्याख्यात्मक निष्कर्ष
महत्वपूर्ण पाठ और क्रॉस-रेफरेंसेज़
येशायाह और एलेक्सेन्द्र आदि पुरातन लेखों में इसे प्रेरणा मिलती है कि परमेश्वर की योजना के अनुसार चाल-चलन सामूहिक सहभागिता और नेतृत्व के समन्वय से ही सफल हो सकता है। कुछ क्रॉस-रेफरेंसेज़ जिन्हें ध्यान में रखना चाहिए:
कई मानक टिप्पणीकारों के संकेत
इस पाठ के सार में प्रकाश डालते हुए, प्रसिद्ध सार्वजनिक-डायग्विक टिप्पणीकारों के विचार मुस्लिम-तत्व से अंशतः प्रेरित मिलते हैं—जिनमें नेताओं की एकता और सामूहिक योजना पर बल दिया गया है।
मैथ्यू henry और एल्बर्ट बार्न्स तथा एडम क्लार्क से मिली स्पष्ट विचार-रेखाओं में यह दिखता है कि लौटे हुए समुदाय के लिए एक स्पष्ट नेतृत्व-नियोजन आवश्यक था ताकि प्रशासनिक-उन्नति और पवित्र कार्य सफल हो सके।
संक्षिप्त अनुप्रयोग
संक्षिप्त निष्कर्ष
जकर्याह 6:10 में यह संदेश है कि बँधुआई से लौटे लोगों के बीच से कुछ प्रमुख व्यक्तियों को एक साथ लाकर योजनाओं पर चर्चा करना आवश्यक है। यह नेतृत्व-समन्वय और समुदाय-निर्माण के लिए प्रेरक कदम है, जिससे पवित्र घर की पुनर्स्थापना और समाज की संरचना दृढ़ होती है।