Old Testament
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जकर्याह 3:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हे यहोशू महायाजक, तू सुन ले, और तेरे भाईबन्धु जो तेरे सामने खड़े हैं वे भी सुनें, क्योंकि वे मनुष्य शुभ शकुन हैं सुनो, मैं अपने दास शाख को प्रगट करूँगा। (जक. 6:12, यिर्म. 33:15)
जकर्याह 3:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 3:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यिर्मयाह 23:5 (HINIRV) »
“यहोवा की यह भी वाणी है, देख ऐसे दिन आते हैं जब मैं दाऊद के कुल में एक धर्मी अंकुर उगाऊँगा*, और वह राजा बनकर बुद्धि से राज्य करेगा, और अपने देश में न्याय और धर्म से प्रभुता करेगा।

यशायाह 11:1 (HINIRV) »
तब यिशै* के ठूँठ में से एक डाली फूट निकलेगी और उसकी जड़ में से एक शाखा निकलकर फलवन्त होगी। (प्रेरि. 13:23, यिर्म. 23:5, प्रका. 22:16)

जकर्याह 6:12 (HINIRV) »
और उससे यह कह, 'सेनाओं का यहोवा यह कहता है, उस पुरुष को देख जिसका नाम शाख है, वह अपने ही स्थान में उगकर यहोवा के मन्दिर को बनाएगा। (यशा. 4:2)
जकर्याह 3:8 पर टिप्पणी: दास शाख का प्रगट होना क्यों महत्त्वपूर्ण है
यह वचन यहूदा के नेतृत्व को नई आशा देता है। जकर्याह 3 के अध्याय में ईश्वर अपने दास शाख (शाख) के आने की भविष्यवाणी कर रहा है, ताकि priesthood और लोगों के बीच baru पुनःस्थापन हो सके। यह verse खासकर यहोशू महायाजक और शेष लोगों के लिए एक प्रेरणा है कि परमेश्वर अपने उद्देश्य के अनुसार अपनी सत्ता और पवित्र योजना को आगे बढ़ाने वाले हैं। “मनुष्य शुभ शकुन हैं सुनो”—इन शब्दों में ईश्वर यह बताते हैं कि उनकी चिरकालिक योजना साक्ष्य के रूप में सामने है: वह अपनी दासी शाख को प्रगट करेगा और नए युग की शुरुआत करेगा, जिसमें भेदभाव नहीं, बल्कि पवित्रता और विश्वास का शासन होगा।
मूल संदर्भ
जकर्याह 3 की कथा एक आस्था-उद्धार के समय की है जब यहूदियों ने बाबुल की captivity से लौटकर यरूशलेम और मंदिर के पुनर्निर्माण की तरफ कदम बढ़ाया। यहूशू (यःशू) नामक उच्च priests और यरूशलेम के आने वाले समय के बारे में परमेश्वर एक आश्वासन देते हैं कि वे संकट के बीच भी अपनी पवित्रता बनाए रखें। दास शाख का उल्लेख एक विशिष्ट प्रतीक के रूप में है जो राजा-याजक दोनों रूपों में मसीह के भविष्य आक्रमण और राजस शासन की ओर संकेत करता है।
मुख्य संदेश
1) परमेश्वर अपने दासी शाख के माध्यम से पर्यटन-युग की पुनर्स्थापना करेगा। यह शुद्धता, पवित्रता और उद्धार की नई अवस्था का संकेत है।
2) यह संदेश यकीन दिलाता है कि मौजूदा कठिनाई के बावजूद ईश्वर की योजना एक पक्का लक्ष्य toward करता है—ताकि प्रभु का घर और उसका लोग फिर से संगठित होकर सेवा में खड़े हों।
3) यहोशू और उनके साथियों के लिए एक चेतावनी और एक उत्साह दोनों है: सत्य और विनम्रता से चलना होगा, ताकि दीर्घकाल तक ईश्वर की कृपा उन्हें छुए।
कथानुसार सम्बन्धी विचार
- परमेश्वर अपने दास शाख के बारे में स्पष्ट संकेत देता है कि वह प्रकट होगा; यह दायित्व की याद दिलाता है कि पवित्र निर्माण के लिए जिम्मेदारी उठानी होगी।
- “शाख” शब्द प्राकृतिक और राजसी दोनों अर्थों से जुड़ा है—यानी नयी पीढ़ी का नेतृत्व और राष्ट्रीय-धर्म की पुनर्स्थापना।
क्रॉस-रेफरेंस और उनका संक्षेप
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि शाख की प्रगटता परमेश्वर की सतत उद्धार-योजना का एक उत्तम चरण है, जो पवित्रता, न्याय और सेवकत्व के मेल से चलता है।
कैसे अपनाएं: एक छोटा devotional मार्ग
संक्षिप्त निष्कर्ष
जकर्याह 3:8 निष्कर्ष देता है कि प्रभु अपनी दासी शाख के रूप में एक नई आशा प्रस्तुत कर रहा है। यह संदेश यहूदा के लोगों के लिए है कि उद्धार अभी आना बाकी है, पर वह आ रहा है—नयी प्रजा, नयी व्यवस्था, और पवित्रता के साथ।
एवं एक छोटा उद्धरण (जहाँ उपयुक्त हो)
यहाँ निहित विचारों में Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke जैसे पुरानी सार्वजनिक-डोमिनियन लेखकों के सार का समाहित उपयोग किया गया है; उनसे सीधे शब्दों के संक्षेप संकेत नीचे नहीं दिये गए, पर उनकी सूक्ष्म अंतर्दृष्टियाँ इस प्रवाह में समाहित हैं: दास शाख का विचार यह दिखाता है कि उद्धार और मंदिर-सम्बन्धी पुनर्स्थापना परमेश्वर की सुसंगत योजना का हिस्सा हैं।
वस्तुतः यह वचन यहूशू के पुर्ननिर्माण के समय एक ठोस विश्वास देता है कि परमेश्वर अपनी दया से श्रेष्ठ योजना को पूर्ण करेगा और जो लोग संस्कृति, पवित्रता और विश्वास में खड़े रहते हैं, उन्हें उसकी कृपा प्राप्त होगी।