Old Testament
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जकर्याह 3:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उस समय यहोशू तो दूत के सामने मैला वस्त्र पहने हुए खड़ा था*।
जकर्याह 3:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 3:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 64:6 (HINIRV) »
हम तो सब के सब अशुद्ध मनुष्य के से हैं*, और हमारे धर्म के काम सब के सब मैले चिथड़ों के समान हैं। हम सब के सब पत्ते के समान मुर्झा जाते हैं, और हमारे अधर्म के कामों ने हमें वायु के समान उड़ा दिया है।

एज्रा 9:15 (HINIRV) »
हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! तू धर्मी है, हम बचकर मुक्त हुए हैं जैसे कि आज वर्तमान है। देख, हम तेरे सामने दोषी हैं, इस कारण कोई तेरे सामने खड़ा नहीं रह सकता।”

प्रकाशितवाक्य 19:8 (HINIRV) »
उसको शुद्ध और चमकदार महीन मलमल पहनने को दिया गया,” क्योंकि उस महीन मलमल का अर्थ पवित्र लोगों के धार्मिक काम है—
जकर्याह 3:3 पर विचार—पवित्रता बनाम दया की प्रतिज्ञा
इस व Verse का महत्व यह है कि परमेश्वर के लौटकर प्रजा के साथ व्यवहार की नैतिक और आध्यात्मिक दिशा साफ़-सीधी है। दूत के सामने यशू और दूसरे पुरुषों की ओढ़नी ही नहीं, उस समय दूत धर्मप्राण व्यवस्था के भीतर मनुष्य के भीतर की अशुद्धि को उजागर करता है ताकि परमेश्वर की पवित्रता और उसकी योजनाओं की महिमा स्पष्ट हो सके। यह वचन यह संकेत देता है कि देवीय सेवक का नेतृत्व तब ही सक्षम होता है जब भौतिक अशुद्धियाँ छोड़कर आंतरिक तैयारियाँ पूरी हों।
पार्श्व संदर्भ और मूल संदर्भ
यहेज़ाक or यशया के समान, जकर्याह एक लेखक है जो लौटे हुए इस्राइलियों के पुनर्निर्माण के समय के संदेश देता है। यहाँ यरोशू-तोट (यहोशू) दूत के सामने खड़ा है, पर उसके मेले कपड़े दिखाते हैं कि पवित्रता के बिना अगला कदम असुरक्षित है। दूत यह कहकर संकेत करता है कि परमेश्वर की तिजोरी और योजनाएं शुद्धता के बिना अधूरी हैं; इसलिए पहले भीतर की पवित्रता चाहिए ताकि पुनर्निर्माण की बाहरी क्रिया भी धन्य हो सके।
मुख्य संदेश
इस verse का केंद्रबिंदु है—पवित्रता की पुनःस्थापना। दूत के सामने जकर्याह की गांधीय महिमा नहीं बल्कि मैला वस्त्रों का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि भौतिक स्वच्छता से ऊँचा, आंतरिक आस्था और दया-सूत्र की शुद्धता आवश्यक है। परमेश्वर का उद्देश्य है कि आने वाले समय में यशू-राज्य और मंदिर के कार्य एक पवित्र, निर्मल नेतृत्व के साथ आगे बढ़ें। यह दया नहीं, बल्कि पवित्रता पर आधारित अधिकार-योजना है।
कथात्मक और थीमगत संबंध
यहाँ पवित्रता का प्रारम्भिक संदेश है: आत्म-परिष्कार से ही परमेश्वर की कृपा और योजना सफल होती है। इससे प्रेरित होकर भविष्य में खोले गए भागों में पवित्र आचरण, संतत्व और निष्ठावान नेतृत्व का मार्ग स्पष्ट होता है।
युक्त cross-references (संक्षिप्त)'
परिशीलन और व्यावहारिक अनुप्रयोग
- अपने आंतरिक जीवन की सफाई पर विचार करें: क्या आपके विचार और प्रेरणाएं परमेश्वर के उद्देश्य के अनुरूप हैं?
- समुदाय-सेवा में नेतृत्व से पहले व्यक्तिगत पवित्रता की माँग क्या है? कैसे आप रोज़मर्रा के निर्णयों में पवित्रता को प्राथमिकता दें?
व्याख्या—3 छोटे बिंदु
देवदर्शी चिंतन
हमें यह स्मरण रहे कि परमेश्वर की योजना कभी-भी केवल बाहरी रीति-रीवाज तक सीमित नहीं रहती; वह हमारे दिल की गहराई से जुड़कर हमें सचमुच पवित्र बनाना चाहता है। हर पुनर्निर्माण के अवसर पर यह याद रखें कि भीतर की शुद्धता ही मार्गदर्शक है, क्योंकि तब ही परमेश्वर हमारे कार्यों को पोषण दे सकेगा।
महत्वपूर्ण टिप्पणी (उद्धरण संकेत)
इस लेखन में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के कुछ छोटे उद्धरण सीधे नहीं दिए गए हैं; यदि आवश्यक हो, तो उनके सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियों से संक्षिप्त सार नीचे जोड़ा जा सकता है, पर अभी मुख्य विचार मूल पाठ के संदर्भ में संक्षेपित रहा है।