Old Testament
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यशायाह 1 यशायाह 2 यशायाह 3 यशायाह 4 यशायाह 5 यशायाह 6 यशायाह 7 यशायाह 8 यशायाह 9 यशायाह 10 यशायाह 11 यशायाह 12 यशायाह 13 यशायाह 14 यशायाह 15 यशायाह 16 यशायाह 17 यशायाह 18 यशायाह 19 यशायाह 20 यशायाह 21 यशायाह 22 यशायाह 23 यशायाह 24 यशायाह 25 यशायाह 26 यशायाह 27 यशायाह 28 यशायाह 29 यशायाह 30 यशायाह 31 यशायाह 32 यशायाह 33 यशायाह 34 यशायाह 35 यशायाह 36 यशायाह 37 यशायाह 38 यशायाह 39 यशायाह 40 यशायाह 41 यशायाह 42 यशायाह 43 यशायाह 44 यशायाह 45 यशायाह 46 यशायाह 47 यशायाह 48 यशायाह 49 यशायाह 50 यशायाह 51 यशायाह 52 यशायाह 53 यशायाह 54 यशायाह 55 यशायाह 56 यशायाह 57 यशायाह 58 यशायाह 59 यशायाह 60 यशायाह 61 यशायाह 62 यशायाह 63 यशायाह 64 यशायाह 65 यशायाह 66



यशायाह 11:10 पर टिप्पणी — एक सम्मिलित दृश्य
मुख्य interpretive point: उस समय जब मसीह की राजगद्दी से वर्णित शांति और न्याय का Kingdom स्थापित होगा, तब यिशै की जड़ से उठने वाला एक झंडा सब देशों के लिये एक पुल और संकेत बन जाएगा; सभी राष्ट्र उसे ढूंढ़ेंगे और उसका शरणस्थल तेजोमय रहेगा। यह विचार यशायाह की भविष्यवाणी में एक प्रभावी रूपक है जो मातृ-वंश के दायरे से बाहर निकलकर विश्व-नम्रता, एकता और शांति के राज के उद्घोषक के रूप में मसीह को प्रस्तुत करता है।
साहित्यानुरूप संदर्भ-प्रस्तर
पंक्ति-संदर्भ: यशायाह 11:10। यह अध्याय संतोषजनक रूप से पृथ्वी के उद्धार की आशा देता है— एक ऐसी आशा जो यहूदियों के भीतर भी, और विश्व के हर कोने में भी फैलती है।
कथन की संरचना: यहाँ “जड़” (root) एक जीवित शाखा-चलित प्रतीक है; यह दर्शाता है कि यह उद्धार का स्रोत स्थिर और विशिष्ट वंश से आता है।
धर्मशास्त्रीय význam (थीओलॉजिकल significance)
यह वाक्य मसीह-आगमन के पहले और दूसरे आह्वान के बीच एक सेतु बनाता है: यहूदियों के उद्धार के भीतर विश्व-प्रार्थना और एकता की संभावना को उद्घाटित करता है। “झण्डा” के रूपक से संकेत मिलता है कि यह एक ऐसा संकेत है जिसे सभी देशों के लोग खोजेंगे—जो यह दर्शाता है कि उद्धार की योजना सार्वभौमिक है, राष्ट्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर विश्व-स्तर पर चलती है।
दर्शनों के आधार पर cross-references
इन संदर्भों से संकेत मिलता है कि एक ही उद्धारक के निमित्त एक वैश्विक गृह-सत्य प्रचलित है—यानी यह राज केवल एक जाति की बात नहीं, बल्कि सभी राष्ट्र-प्रभुओं के लिए है।
जीवंत पाठ और प्रश्न (Questions for reflection)
संक्षिप्त निष्कर्ष
यशायाह 11:10 विश्व-उद्धार के एक बड़े दृश्य का भाग है—यिशै की जड़ से उठे हुए झण्डे के नीचे सभी देश एकत्र होंगे। यह भविष्यवाणी मसीह के राज-शासन की universal-आगमन की उम्मीद को मजबूत करती है: एक ऐसा शांति-राज जो भाषाओं, संस्कृतियों और राष्ट्रों से ऊपर उठकर एक नया व्यवहार-व्यवस्था प्रस्तुत करेगा।
कैसी भाषा? पारंपरिक टिप्पणियों से आणविक सार
एडम क्लार्क, मैथ्यू हेनरी, तथा अल्बर्ट बार्न्स की सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणियों के संकेत इस दृश्य के भीतर प्रासंगिक हैं: यह झण्डा एक ऐसी निशानी है जो सभी देशों के बीच एकता की आशा को जन्म देती है। उनके छोटे उद्धरणों के अनुसार, उद्धार का केंद्र यही है कि परमेश्वर की योजना सभी के लिए है और वह विश्व-सम्पदा को एक लाइन में बाँधना चाहता है।
नोट: यदि लक्षित अध्याय के उद्धरण में सेट-टेक्स्ट के भीतर उनके ठोस वाक्यों के छोटे स्निपेट्स उपलब्ध हों, उन्हें अंतिम रूप से उद्धृत किया जा सकता है।