यशायाह 11:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

गाय और रीछनी मिलकर चरेंगी*, और उनके बच्चे इकट्ठे बैठेंगे; और सिंह बैल के समान भूसा खाया करेगा।

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यशायाह 11:7 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 11:7 — तत्कालीन संदर्भ और आधार

यशायाह 11 capítulo 1 में से एक प्रमुख दृश्य भविष्य की शांति-योजना का है। माता-पिता के प्रतीकात्मक रूप में वन्य जीवों के साथ शांति के चित्र यह दर्शाते हैं कि परमेश्वर के राज्य में चरित्र-परिवर्तन होगा—जहाँ कटुता नहीं, बल्कि सद्भाव और सहज सहयोग होगा। यह वाक्य एक उन्मूलन-पूर्वक संदेश देता है कि प्रभु के राज में प्रकृति के प्राणी भी एक नए क्रम के अंतर्गत सुरक्षित, सहयोगी और दयालु व्यवहार करेंगे।

ईश्वर और विश्वास पर यह व्याख्यान क्या बताता है?

यह पंक्तियाँ दिखाती हैं कि परमेश्वर का राज्य अंततः हर प्रकार के द्वंद्व-विरोध को छिन्न-भिन्न कर के एक परम शांति का निर्माण करेगा। पशु-पश्चात्ती की भाषा से यह स्पष्ट है कि भय की शक्ति और हिंसा की प्रवृत्ति समाप्त हो जाएगी; धर्मी राज में सब कुछ अपने स्थान पर शांति से काम करेगा। यह एक यहूदी-नक़्शे का संकेत है कि मसीह-युग में सृजन के भीतर पुनर्संयोजन होगा, जीवन की पूर्णता और न्याय का अनुभव होगा।

मुख्य शब्द और चित्रों की स्पष्टता

  • गाय और रीछनी मिलकर चरेंगी: यह रेखांकित करता है कि प्रकृति के विभिन्न समूह एक साथ सुरक्षित और शांत होंगे, जो परमेश्वर की महान व्यवस्था की एक नई गारंटी है।
  • उनके बच्चे इकट्ठे बैठेंगे: बच्चों के साथ शांति का संकेत—परोपकार, रक्षा, और शिक्षा का संतुलन; पुरानी हिंसा के भय से मुक्त वातावरण।
  • सिंह बैल के समान भूसा खाया करेगा: हिंसक प्राणी भी अब नरम, आत्म-नियंत्रित और बच्चों के साथ मिश्रित जीवन जीएंगे; भूसा जैसे साधारण भोजन से भी उनका आहार सुधरेगा, आवश्यकता-परक परिवर्तन का संकेत है।

अन्य से जुड़े पाठ (Cross-references)

यही दृश्य अन्य पुस्तकों के दैवीय व्यवस्था-आह्वान से जुड़ता है:

  • यशायाह 65:25 — एक ऐसी शांति की स्थिति जिसमें शाक-भक्षण, हिंसा का अन्त और भविष्य में पुनर्संयोजन का चित्र मिलता है।
  • रोमियों 8:19-22 — संसार की वस्तुस्थिति और प्रकृति की उद्धार-आह्वान; वंसजनों के उद्धार के साथ सृष्टि की मुक्ति का विचार ठहरता है।
  • यूहन्ना 1:29 — मसीह के आने पर संसार के पाप का विनाष और नई creación की आशा; परमेश्वर के राज्य के उद्धार-नस्ल के संकेत मिलते हैं।

संकेतिक रूप से यह तिकड़ी कहती है कि परमेश्वर का उद्धार केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी सृष्टि के पुनर्संयोजन का लक्ष्य है।

पर्व-आधार (भगवत-विश्वास पर निर्भर)

यशायाह के यह भविष्यवाणी एक आध्यात्मिक सत्य को स्थापित करती है: मसीह-राज्य में भय, हिंसा, और विभेद समाप्त हो जाते हैं; एक नवीन नैतिक और सामाजिक क्रम स्थापित होता है जिसमें हर प्राणी एक-दूसरे के कल्याण के लिए कार्य करता है।

आज के संदर्भ में अनुप्रयोग

  • परिवार और समुदाय में शांति के लिए प्रयत्न करें: कटुता-निंदकता की जगह सौहार्द और सहयोग को प्राथमिकता दें।
  • बातचीत में सत्य और दया बनाए रखें—जहाँ भी संभव हो, हिंसा-युक्त प्रतिस्पर्धा की जगह सम्मान और समझ बनाएं।
  • प्रकृति के साथ उत्तरदायित्व निभाएं: क्रूरता के बिना संसाधनों के साथ रहने की कोशिश करें, ताकि हर प्राणी के लिए एक सुरक्षित जीवन संभव हो।

कथन के लिए सार यह है कि ईश्वर के राज्य में भिन्न-भिन्न समूह एक दूसरे की सुरक्षा और समृद्धि के लिए साथ आएंगे; यह कहानी आज के समुदायों में भी शांति और समरसता का मार्ग दिखाती है.

महत्त्वपूर्ण उद्धरणों के संकेत: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों से मिली-झुली प्रेरणा को यहाँ समाहित किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 11:7 समानांतर पद और संबंधित वचन

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