Old Testament
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प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 19:1 प्रेरितों के काम 19:2 प्रेरितों के काम 19:3 प्रेरितों के काम 19:4 प्रेरितों के काम 19:5 प्रेरितों के काम 19:6 प्रेरितों के काम 19:7 प्रेरितों के काम 19:8 प्रेरितों के काम 19:9 प्रेरितों के काम 19:10 प्रेरितों के काम 19:11 प्रेरितों के काम 19:12 प्रेरितों के काम 19:13 प्रेरितों के काम 19:14 प्रेरितों के काम 19:15 प्रेरितों के काम 19:16 प्रेरितों के काम 19:17 प्रेरितों के काम 19:18 प्रेरितों के काम 19:19 प्रेरितों के काम 19:20 प्रेरितों के काम 19:21 प्रेरितों के काम 19:22 प्रेरितों के काम 19:23 प्रेरितों के काम 19:24 प्रेरितों के काम 19:25 प्रेरितों के काम 19:26 प्रेरितों के काम 19:27 प्रेरितों के काम 19:28 प्रेरितों के काम 19:29 प्रेरितों के काम 19:30 प्रेरितों के काम 19:31 प्रेरितों के काम 19:32 प्रेरितों के काम 19:33 प्रेरितों के काम 19:34 प्रेरितों के काम 19:35 प्रेरितों के काम 19:36 प्रेरितों के काम 19:37 प्रेरितों के काम 19:38 प्रेरितों के काम 19:39 प्रेरितों के काम 19:40 प्रेरितों के काम 19:41



प्रेरितों के काम 19:17 का स्वरूप और अर्थ
तथा इफिसुस के रहनेवाले यहूदी और यूनानी सभी ने यह बात जान ली कि प्रभु यीशु के नाम की महानता और शक्ति क्या है, और उनके बीच भय फैल गया। यह घटना उस समय हुई जब ईफिसुस के चमत्कारिक उत्साह और अंधविश्वास के वातावरण में प्रभु के नाम की प्रसारणा ऊँची हुई।
पाठ से स्पष्ट परमेश्वर या विश्वास के बारे में जो बतलाता है
यह पंक्ति यह दर्शाती है कि ईश्वर की महिमा और प्रभु यीशु के नाम की महत्ता सामाजिक और निजी जीवन पर प्रभाव डालती है। ईमान के सामने असुरक्षा, अंधविश्वास और हिंसक प्रतिस्पर्धा घटती है; भय और विनय बढ़ता है, और ईश्वर के सामर्थ्य के सामने मानव आत्मा अपने भय को झुकाती है। यह संकेत देता है कि नाम की महिमा केवल निजी भक्ति नहीं, बल्कि सामुदायिक परिवर्तन का कारण बनती है—जहाँ लोग अपने मार्ग और व्यवहार को खतरों से सुरक्षित करते हैं और ईश्वर के प्रति भय और सम्मान रखते हैं।
मुख्य शब्दों और छवियों की स्पष्टता
संबद्ध पाठ और उनसे मिलने वाले संकेत
1) प्रेरितों के काम 8:9-13 में सत्यापित किया गया है कि प्रभु के नाम की महिमा छोटे-छोटे चमत्कारों से बढ़ती है और असफलताओं पर विजय पाती है।
2) प्रेरितों के काम 4:12 में कहा गया है कि यीशु के नाम के बल पर केवल यीशु ही उद्धार कर सकते हैं; यह विश्वास समुदाय के लिए शक्ति-स्रोत बनता है।
3) लूका 6:13-14 में प्रभु के नाम के साथ आस्था रखने पर आध्यात्मिक शिक्षण और नेतृत्व का प्रभाव स्पष्ट होता है।
आज के संदर्भ में उपयोगी निष्कर्ष
- जब लोग प्रभु यीशु के नाम को उच्च मानते हैं और उसी के आधार पर अपनी भूमिका और व्यवहार तय करते हैं, तब सामाजिक भय घटते हैं और ईश्वर की महिमा समाज में प्रभावी बनती है।
- विश्वास का वास्तविक परीक्षण सामने आता है जब पुरानी मान्यताओं और अंधविश्वासों के स्थान पर परमेश्वर की सत्ता और न्याय को मान्यता मिलती है।
2-3 क्रॉस-रेफरेंस और संक्षिप्त स्पष्टीकरण
इस एक वाक्य से पाठक को यह समझना चाहिए कि विश्वास केवल भीतर की भावना नहीं, बल्कि सामाजिक-वृहत परिवर्तन का माध्यम है—जहाँ प्रभु यीशु के नाम की महिमा फैलती है और भक्त समुदाय के भय में बदलाव आता है।
उद्धरण नोट
यहाँ उपलब्ध संकलन में Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारियों के मूल विचारों से प्रेरणा मिली है। आवश्यक जगहों पर उनके स्पष्ट उद्धरण के छोटे अंश प्रस्तुत हैं:
“And great fear fell on all,” (उल्लेखित अनुभाग के अनुरूप निहित भाव) — क्लार्क/बैर्न्स के सन्दर्भ में टीमवर्क की दृष्टि में समाहित।
संकेत:haut-उद्धरण शब्दों को संक्षेप में लिया गया है ताकि मूल विचार स्पष्ट रहे और पाठक हिंदी में सहज समझ सकें।